मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों में विकास कार्यों के लिए दी स्वीकृति#एम्स ऋषिकेश में पी.ए.पी.वीसी व दिल में छेद की सफल सर्जरी की गयी।पढिए Janswar.com में।

द्वारा-अरुणाभ रतूड़ी

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों में विकास कार्यों के लिए दी स्वीकृतिमुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विभिन्न विभागों के तहत विकास और जनहित कार्यों के लिए स्वीकृतियां दी हैं।
स्वामित्व योजनाः उत्तरकाशी को स्वामित्व योजना में शामिल करने की मुख्यमंत्री ने स्वीकृति दी है। साथ ही उत्तरकाशी के 674 राजस्व ग्रामों के आबादी वाले क्षेत्रों में भू राजस्व अधिनियम के अंतर्गत सर्वेक्षण और अभिलेख संक्रिया शुरू किए जाने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिसूचना जारी करने पर भी सहमति दी है।

ड्रेनेज कार्यों को मंजूरीः मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग के तहत 5 कार्यों के लिए कुल 19.73 लाख की स्वीकृति दी है। जल निकासी संबंधी कार्य हरिद्वार के ग्राम शाहपुर में विजयपाल व सोमदास के घर के सामने तक, ग्राम करोन्दी में खेड़ा से राजेंद्र के खेत तक व बारातघार के सामने, ग्राम करोंदी में राजेंद्र के खेत से कश्यप के खेत तक, ग्राम छग्गामाजरी में सहकारी समिति से शरीफन के खेत तक ड्रेनेज का कार्य किया जाना है।

पुरोला में पेयजल योजनाः मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी के पुरोला नगर पंचायत में पेयजल योजना के सुदृढ़ीकरण के लिए 40.39 लाख के प्रस्ताव पर सहमति दी है। देहरादून के सी ब्लाक सरस्वती विहार और देवभूमि कालोनी धर्मपुर में सीवर लाइन बिछाने के लिए 75.97 लाख की स्वीकृति दी गई है। इसमें से चालू वित्त वर्ष में 30.38 लाख की राशि जारी करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है। देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों में ग्रामीण क्षेत्रों में 13 हैंडपंपों को लगाने के ले 42.12 लाख की स्वीकृति दी गई है।

मेरी गांव मेरी सड़क योजनाः मुख्यमंत्री ने राज्य योजना के तहत मेरा गांव मेरी सड़क योजना के तहत पहाड़ के 8 जिलों से मिले प्रस्ताव के तहत 7.74 करोड़ की राशि मंजूर की है। यह राशि एक मुश्त जारी करने पर भी सहमति दी है।

बागेश्वर विधानसभा के तहत सड़कों के तीन कार्यों के लिए 1.09 करोड़ की मंजूरी दी है। विधानसभा गदरपुर के तहत बाजपुर-बैरिया दौलत मोटर मार्ग के किमी 3 से ब्रिगेडियर फार्म से होते हुए शहीद अंग्रेज सिंह की समाधि से कुलबीर सिंह हुड्डा फार्म तक मोटर मार्ग का पुनर्निर्माण कार्य के लिए 2.46 करोड़ की मुख्यमंत्री ने मंजूरी दी है। टिहरी जिले के नरेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र में कुखई क्षेत्र में स्वीकृत चूना पत्थर खदानों के लिए ग्राम कुखई तक मोटर मार्ग के लिए 7.82 लाख की स्वीकृति दी है। विधानसभा क्षेत्र रामनगर में लोक निर्माण विभाग के तहत तीन कार्यों के निर्माण के लिए 74.81 लाख की मंजूरी दी है। रुद्रप्रयाग में खांकरा-पौड़ीखाल मोटर मार्ग का नवनिर्माण कार्य के लिए मुख्यमंत्री ने 2.52 करोड़ के प्रस्ताव पर सहमति दी है।

 चौबट्टाखाल में पर्यटक आवास गृह- मुख्यमंत्री ने चौबट्टाखाल में 24 बेड के पर्यटक आवास गृह के निर्माण के लिए पहले चरण में 3.89 लाख की स्वीकृति दी है।

टिहरी के विकासखंड थौलधार के अंतर्गत दड़माली अनुसूचित जाति बस्ती दौड़का में व्यू प्वाइंट और यात्री सेड निर्माण कार्य के लिए 5 लाख की स्वीकृति दी गई है।

दून मेडिकल कालेज में कोर्स को मंजूरीः मुख्यमंत्री ने राजकीय दून मेडिकल कालेज के रेडियोलाजी विषय में दो वर्षीय पोस्ट एमबीबीएस डिप्लोमा डीएमआरडी पाठ्यक्रम कोर्स शुरू किए जाने की अनुमति दी है।

देहरादून में तहसील सदर का नया दफ्तर पुरानी जगह पर बनेगाः राजस्व विभाग के तहत देहरादून में तहसील सदर का कार्यालय वर्तमान में डिस्पेंसरी रोड राजीव गांधी बहुउद्देशीय भवन की तीसरी मंजिल पर है। इसके कारण तहसील कार्यालय संबंधी कार्य के लिए आने वाले वृद्ध, महिला, विकलांग और दिव्यांग व्यक्तियों को परेशानी होती है। इस कारण से तहसील कार्यालय को पुरानी तहसील भवन में स्थापित किए जाने की मांग की जा रही है। लेकिन पुरानी तहसील भवन काफी जीर्ण शीर्ण स्थिति में है। इस पर जिलाधिकारी द्वारा पुरानी तहसील भवन के स्थान पर ही नए भवन के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है। लोक निर्माण विभाग की ओर से पुराने भवन को तोड़कर वहीं नया तहसील भवन बनाने के लिए 22.78 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव पर अनुमोदन दे दिया है।  

जौनसार बाबर में वर्ग-4 की भूमि का विनियमितीकरणः शासन ने जमींदारी विनाश व भूमि व्यवस्था अधिनियम के तहत प्रदेश में वर्ग -4 की भूमि पर अवैध कब्जों व पट्टेदारों को भूमिधरी का अधिकार प्रदान करने के संबंध में 2 नवंबर, 20 को जीओ जारी किया गया है। पर यह जीओ जौनसार बाबर क्षेत्र में लागू नहीं है। इसलिए जौनसार बाबर क्षेत्र में भी वर्ग चार की भूमि के विनियमितीकरण किए जाने के लिए के लिए जीओ में उल्लेखित कुछ बिंदुओं को विलोपित करते हुए अनुमति का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष लाया गया। इसमें 1983 से पहले अनाधिकृत रूप से काबिज लोगों को भूमिधरी का अधिकार दिए जाने का प्रस्ताव है। इस पर मुख्यमंत्री ने सहमति दी है।

शहीद भाकूनी के भाई को मिलेगी सरकारी नौकरीः कुमाऊ रेजीमेंट में तैनात अल्मोड़ा के ग्राम पलारी जिंगोलीटोली तहसील भनोली के वीर शहीद स्वर्गीय सूरज सिंह भाकूनी के अविवाहित भाई चंदन सिंह भाकुनी को मृतक आश्रित के रूप में सरकारी नौकरी दिए जाने के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री ने सहमति दे दी है। सैनिक कल्याण विभाग की ओर से जिलाधिकारी अल्मोड़ा कार्यालय में शहीद आश्रित के लिए समूह ग में  सेवायोजित किए जाने का प्रस्ताव भेजा गया था।


एम्स ऋषिकेश में पी.ए.पी.वीसी व दिल में छेद की सफल सर्जरी की गयी।

पी.ए.पी.वीसी व दिल में छेद की सफल सर्जरी कर दिया जीवनदान -राजस्थान निवासी का जन्मजात था दिल में छेद, सांस लेने में तकलीफ होने पर कराई हाईरिस्क सर्जरी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश के सीटीवीएस विभाग के चिकित्सकों ने राजस्थान निवासी एक व्यक्ति के जन्मजात दिल में छेद होने से साइनस विनोसस डिफैक्ट बीमारी की जटिल सर्जरी कर उसे जीवनदान दिया है। एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी ने चिकित्सकीय टीम की सफलतापूर्वक जटिल सर्जरी को अंजाम देने के लिए प्रशंसा की है। इस अवसर पर निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी ने बताया कि हम अस्पताल में वर्ल्ड क्लास सुपरस्पेशलिटी सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में अग्रसर हैं। उन्होंने बताया कि संस्थान का प्रयास है कि यहां विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जाएं​, जिससे उत्तराखंड व समीपवर्ती राज्यों के मरीजों को उपचार के लिए दिल्ली, चंडीगढ़ जैसे महानगरों में परेशान नहीं होना पड़े। गौरतलब है कि राजस्थान निवासी एक व्यक्ति जो कि पिछले दो महीने से सांस फूलने की बीमारी से पीड़ित थे। एम्स अस्पताल में जांच करने पर पता चला कि उनके दिल में जन्म से छेद है,जिसकी उन्हें अभी तक कोई जानकारी नहीं थी। इसके चलते उनके स्वच्छ खून की नसें गलत खाने (भाग) में खुल रही हैं। इसे मेडिकल साइंस में साईनस विनोसस डिफैक्ट एवं पी.ए.पी वीसी के नाम से जाना जाता है। उन्होंने राजस्थान में कई चिकित्सकों से संपर्क कर इस बाबत परामर्श लिया। जहां मालूमात हुआ कि ऑपरेशन कराने के बाद मरीज को पेसमेकर की आवश्यकता पड़ सकती है। इसके बाद उन्होंने इस बीमारी से निजात पाने के लिए एम्स ऋषिकेश के सीटीवीएस विभाग के चिकित्सकों से संपर्क साधा, विभाग के शल्य चिकित्सक डा. अनीष गुप्ता जो कि जन्मजात हृदय संबंधी बीमारियों के विशेषज्ञ शल्य चिकित्सक हैं। उन्होंने डा. अजेय मिश्रा व डा. यश श्रीवास्तव से परामर्श के बाद उनकी इस हाईरिस्क सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। जिसके बाद अब उक्त व्यक्ति पूरी तरह से स्वस्थ हैं। डा. अनीष ने बताया कि यदि वक्त रहते यह ऑपरेशन नहीं किया जता तो यह बीमारी लाइलाज हो सकती थी, जिससे मरीज का हार्ट फेल हो सकता था। हार्ट सर्जरी कराने वाले मरीज ने इस ऑपरेशन के लिए एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी का आभार व्यक्त किया है,जिनके अथक प्रयासों की बदौलत उत्तराखंड में ऐसी सुपरस्पेशलिटी सेवाएं एम्स ऋषिकेश में उपलब्ध हो पाई हैं एवं गरीब व बीमारी से दुखी मरीजों को दिल्ली अथवा चंडीगढ़ के अस्पतालों में इलाज के लिए धक्के नहीं खाने पड़ रहे हैं। साथ ही मरीज ने ऑपरेशन को अंजाम देने वाली चिकित्सकीय टीम के सदस्य नर्सिंग ऑफिसर केशव, गौरव, सबरी नाथन, कलई मणी व तुहीन के साथ साथ वार्ड में भर्ती के दौरान उनका खयाल रखने वाले नर्सिंग ऑफिसर धन सिंह, प्रियंका आदि का भी आभार जताया है। इंसेट क्या है पी.ए.पी.वीसी 1-जन्मजात हृदय की बीमारी जिसका इलाज ऑपरेशन से संभव है। 2-साफ खून की कुछ नसें गंदे खून के भाग में खुल जाती हैं। 3-बीमारी के लक्षण-सांस फूलना, दिल की धड़कन तेज होना, जल्दी थकान लगना, पैर में सूजन आना। 4- समय पर इलाज नहीं कराने से हो सकता है हार्ट फेल या शरीर नीला पड़ सकता है । 5- इन लक्षणों के साथ साथ दिल में छेद रहने पर उसे साइनस विनोसस डिफैक्ट कहते हैं।

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