मुख्यमंत्री ने रुड़की निवासी सेना के जवान के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र चढाया। #कैबिनेटमंत्री सतपालमहाराज ने भगवती कालिंका के नवनिर्मित मंदिर का उद्घाटन किया।# मुख्यसचिव ने पर्यटन विभाग की समीक्षा करते हुए रिस्टबैंड की व्यवस्था करने के दिये निर्देश # आजादी के अमृत महोत्सव के तहत मॉक ड्रिल

-अरुणाभ रतूड़ी

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने  गुवाहाटी में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए शहीद हुए ग्राम धनौरी, रूड़की निवासी भारतीय सेना के जवान सोनित कुमार सैनी के घर पर जाकर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति व शोक संतप्त परिजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद के परिजनों को राज्य सरकार द्वारा हर संभव मदद दी जाएगी।
कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, विधायक श्री प्रदीप बत्रा एवं श्री सुरेश राठौर ने भी शहीद जवान श्री सोनित कुमार सैनी के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।


प्रदेश के संस्कृति, लोक निर्माण, पर्यटन, सिंचाई, लघु सिंचाई, जलागम प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण एवं भारत-नेपाल उत्तराखंड नदी परियोजना मंत्री सतपाल महाराज आज प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां भगवती कालिंका मंदिर, विकास खण्ड बीरोंखाल पौडी गढ़वाल पहुंचे। जहां उन्होंने मां भगवती कालिंका की मूर्ति स्थापना कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। माननीय संस्कृति मंत्री ने मां भगवती की पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लिया। कैबिनेट मंत्री  सतपाल महाराज ने महाकाली मंदिर समिति गढ़वालण्अल्मोड़ा के समस्त पदाधिकारियों एवं हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को विशेष आकर्षण का केंद्र है। मां भगवती को हम सभी शक्ति, ज्ञान, स्वास्थ्य व खुशहाली का प्रतीक मानकर उनकी पूजा करते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे शक्तिपीठ मां भगवती कालिंका के नवनिर्मित मंदिर उद्घाटन एवं मूर्ति स्थापना के अवसर पर आपके मध्य आने का मौका मिला यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कालिंका मंदिर का ऐतिहासिक महत्व बताते हुए कहा कि वीरबाला तीलू रौतेली किसी युद्ध में जाने से पूर्व यहां पूजा-अर्चना करती थी। इसलिए यह प्राचीन शक्ति केन्द्र हमारे लिए अटूट श्रद्धा एवं आस्था का केंद्र भी है। कहा कि हमने पर्यटन व संस्कृति के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैंए जिसके अंतर्गत कालिंका मंदिर को शाक्त सर्किट में रखा है। कहा कि हमने गढ़वाल व कुमाऊं के 12-12 मंदिरों को रखकर सर्किट बनाया है, साथ ही शंकर भगवान का सर्किट विष्णु भगवान का सर्किट वैष्णव सर्किट व नवग्रह सर्किट बनाया है, जिसमें पैठाणी का राहु मंदिर, खरसाली का शनि मंदिर, ओखल कांडा के बृहस्पति मंदिर को रखा गया है।

————————————————मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने सचिवालय में पर्यटन विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि माउंटेनियर्स और ट्रैकर्स के लिए रिस्टबैंड की व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें सैटेलाईट व अन्य माध्यमों से उनकी लोकेशन की जानकारी मिल सके। सर्च ऑपरेशन्स में इससे काफी सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि पर्वतारोहियों एवं ट्रैकर्स की सुरक्षा के लिए अन्य आवश्यक इंतजाम भी सुनिश्चित किए जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में चारधाम यात्रा सीजनल होती है, परन्तु ऑफ सीजन टूरिज्म की व्यापक सम्भावनाएं है। इन्हें तलाशते हुए योजनाएं तैयार की जाएं। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सबसे पहले कनेक्टिविटी पर कार्य किया जाए। हेलीपैड्स एवं हेलीपोर्ट्स के निर्माण पर शीर्घ से शीघ्र कार्य किया जाए। पर्यटन स्थलों में हेलीपैड्स विकसित करने के लिए प्राथमिकता तय की जाए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पर्यटन विकास की बहुत अधिक सम्भावनाएं हैं, परन्तु कनेक्टिविटी के कारण पिछड़ रहे हैं, उन क्षेत्रों में प्राथमिकता पर फोकस किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि यात्रा मार्गों पर हर 20, 30 किलोमीटर पर पानी व टॉयलेट आदि की सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएं, ताकि यात्रियों और आमजन को परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए सुचारू संचालन के लिए छोटी-छोटी शॉप्स आदि की व्यवस्था की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों पर सभी उम्र के पर्यटकों के अनुसार सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए। युवा वर्ग टेक्नोलॉजी का बहुत प्रयोग करता है। युवाओं को प्रत्येक जानकारी फोन पर चाहिए इसके लिए ऐसी ऐप और वेबसाईट तैयार की जाए जिस पर हर प्रकार की जानकारी उपलब्ध हो, परन्तु वृद्धों के लिए ऑफलाईन जानकारियों की व्यवस्था भी रखी जाए। ऐप और वेबसाईट को सिटीजन फ्रेंडली एवं ईज़ी टू यूज बनाया जाए। पर्यटन स्थलों को बच्चों के सैर-सपाटे के अनुरूप भी विकसित किया जाना चाहिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यटन विभाग द्वारा ऐसे क्षेत्रों में पर्यटन की सम्भावना होने के बावजूद, सुविधाओं के अभाव के कारण यह सब सम्भव नहीं हो पा रहा है, वहां रिसोर्ट विकसित किए जा सकते हैं, जिन्हें शुरुआत में जीएमवीएन एवं केएमवीएन के माध्यम से चलाकर प्रॉफिट गेनिंग होने पर बेचा जा सकता है और उस पैसे से नई जगह डेवेलप की जा सकती हैं। इससे प्रदेश में अनेक पर्यटन स्थल विकसित हो जाएंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाए।
मुख्य सचिव ने सभी कार्य योजनाओं पर समयबद्धता के साथ कार्य किया जाए। प्रत्येक कार्य के लिए समयसीमा पूर्व में ही निर्धारित की जाएं। प्रत्येक योजना को साप्ताहिक अथवा पाक्षिक मॉनिटरिंग की जाए, ताकि निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण हो सके। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को मार्केटिंग और पब्लिसिटी पर भी विशेष फोकस किए जाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर सचिव श्री दिलीप जावलकर, अपर सचिव श्री युगल किशोर पंत एवं सीईओ युकाडा श्रीमती स्वाति भदौरिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


 

  • आजादी के अमृत महोत्सव के तहत मॉक ड्रिल
  • आपदा में दूरसंचार सेवाओं का प्रबंधन

देहरादून जिले के सुद्धोवाला क्षेत्र में दिनांक 14 अक्टूबर को दूरसंचार विभाग की उत्तराखंड इकाई एवं एयरटेल द्वारा आपदा के दौरान दूरसंचार सेवाओं की बहाली हेतु तैयारियों का आकलन करने के लिए एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉकड्रिल में आपदा के कारण मोबाइल टावर के बाधित होने की स्थिति में दूरसंचार सेवाओं की समय पर बहाली का परीक्षण किया गया।
आपदा में फंसे लोगों का पता लगाने और चेतावनी संदेश प्रसारित करके जीवन बचाने में दूरसंचार सेवाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। आपदा के बाद, दूरसंचार सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता पर बहाल किया जाना अति आवश्यक है क्योंकि दूरसंचार सेवाएं बचाव, राहत और पुनर्वास उपायों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति के अनुसार आपदा के दौरान मोबाइल नेटवर्क के बहाली के लिए त्वरित प्रतिक्रिया और पुनर्निर्माण के लिए व्यापक योजना है। दूरसंचार विभाग ने आपदा के समय मोबाइल नेटवर्क में होने वाले नुकसान को कम करने और उसको बहाल करने हेतु त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एस.ओ.पी.) जारी की है। यह मॉक ड्रिल इसी एस.ओ.पी. के तहत आयोजित की गई।
इस मॉक ड्रिल में एयरटेल के एक मोबाइल टॉवर को आपदा या आपात स्थिति के कारण उत्पन्न परिस्थिति का अनुकरण करते हुए बाधित किया गया। आपदा के प्रभाव और क्षति को कम करने के लिए एस.ओ.पी. में परिकल्पित गतिविधियों को एक साथ शुरू किया गया, जिससे कि दूरसंचार सेवाओं को समय पर बहाल किया जा सके। मॉक ड्रिल के दौरान, मोबाइल नेटवर्क की आपातकालीन प्रतिक्रिया एवं उसकी उपलब्धता की जाँच की गई । आग लगने की स्थिति में मोबाइल टॉवर पर अग्निशमन उपकरणों का परीक्षण एवं पावर बैकअप व्यवस्था की भी जाँच की गई। इनके अलावा, अन्य दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के साथ रोमिंग व्यवस्था और 112 आपातकालीन सेवा की उपलब्धता की भी जाँच की गई। मॉक ड्रिल में दूरसंचार विभाग द्वारा जारी एस.ओ.पी. के तहत गठित एयरटेल की फील्ड मेंटेनेंस टीम, साइट टेक्नीशियन टीम, इंफ्रास्ट्रक्चर टीम और कस्टमर एक्सपीरियंस टीम शामिल हुई जिसमें  एयरटेल की ओर से श्री चंद्र प्रकाश, श्री अनुज कुमार, मोहम्मद आरिफ, श्री नारायण चरिया मुख्य रूप से शामिल हुए।
मॉक ड्रिल का अभ्यास दूरसंचार विभाग की उत्तराखंड इकाई के अधिकारियों श्री अरुण कुमार वर्मा (डीडीजी, राज्य समन्वय), श्री अभिनव कुमार वर्मा, श्री विशाल श्रीवास्तव और श्री कृष्ण कुमार की निगरानी में किया गया।

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