मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन सूर्यधार झील का आकस्मिक निरीक्षण किया।##राज्यपाल उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय पंचम दीक्षांत समारोह में प्रतिभाग करेंगी। ##एम्स में द्वितीय नेशनल बायोमेडिकल रिसर्च प्रतियोगिता संपन्न।पढिए Janswar.Comमें।

समाचार प्रस्तुति-नागेन्द्र प्रसाद रतूड़ी (वरिष्ठ पत्रकार)

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने निर्माणाधीन सूर्यधार झील का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि गुणवत्ता का खास ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर हाल में निर्धारित अवधि में सूर्यधार झील का काम पूरा कर लिया जाए।  डोईवाला विकासखण्ड के 29 गांवों को पीने व सिंचाई के लिए ग्रेविटी आधारित जलापूर्ति होगी। परियोजना की लागत 50 करोङ रूपए आंकलित की गई है पर सम्भावना है कि लगभग 30 करोड़ रूपए में परियोजना पूरी हो जाएगी। इसकी डिजाईन इस तरह की है कि इसमें सिल्ट की समस्या नहीं आएगी। क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियाँ बढने से रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
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हल्द्वानी: 2 दिसंबर ; राज्यपाल उत्तराखंड श्रीमती बेबी रानी मौर्य 03 दिसंबर (मंगलवार) को 11.30 बजे उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय पहुंचकर पंचम दीक्षांत समारोह में प्रतिभाग करेगी। जानकारी देते हुये जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य अपने निर्धारित कार्यक्रम अनुसार प्रातः 10.10 बजे राजभवन देहरादून से जीटीसी हैलीपेड पहंुचेगी।10.15 पर जीटीसी हैलीपेड से हैलीकप्टर द्वारा प्रस्थान कर आर्मी हैलीपेड हल्द्वानी पहुंचेगे जहां वे कार द्वारा प्रस्थान कर 11.30 बजे मुक्त विश्वविद्यालय पहुंचकर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के पंचम दीक्षांत समारोह प्रतिभाग करेगी। श्री राज्यपाल 2.15 बजे मुक्त विश्वविद्यालय से कार द्वारा प्रस्थान कर आर्मी हैलीपेड पहंुचेगी जहां से वे पंतनगर के लिए प्रस्थान करेगी।
उत्तराखडं मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 ओम प्रकाश सिंह नेगी ने बताया कि मा0 राज्यपाल व विश्वविद्यालय कुलाधिपति श्रीमती बेबी रानी मौर्य के साथ ही उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत भी पंचम दीक्षांत समारोह में प्रतिभाग करेगे।

——————————— एम्स में द्वितीय नेशनल बायोमेडिकल रिसर्च प्रतियोगिता विधिवत संपन्न हुई।
सोसाइटी ऑफ यंग बायोमेडिकल साइंटिस्ट की ओर से आयोजित द्वितीय नेशनल बायोमेडिकल रिसर्च प्रतियोगिता विधिवत संपन्न हो गई। जिसमें बायोमेडिकल साइंस के विभिन्न वर्गों मेडिकल साइंस, लाइफ साइंस, आयुष एवं इनोवेटिव आईडिया एंड पेटेंट्स विषयों पर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में अव्वल प्रतिभागियों को सोसाइटी की ओर से यंग रिसर्चर अवार्ड से सम्मानित किया गया। सोसाइटी ऑफ यंग बायोमेडिकल साइंटिस्ट की ओर से पीजीआई चंडीगढ़ में द्वितीय नेशनल बायोमेडिकल रिसर्च प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिसमें देशभर के विभिन्न मेडिकल संस्थानों, आईआईटी,नर्सिंग, फार्मेसी आदि संस्थानों के 400 से अधिक शोधार्थियों एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। जिसमें करीब ढाई सौ रिसर्च स्कॉलर्स ने अपना शोधकार्य प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता के बतौर साइंटिफिक चेयरपर्सन ऋषिकेश एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने विजेता युवा वैज्ञानिकों को इस सफलता के लिए बधाई दी, उन्होंने भविष्य में अनुसंधान के क्षेत्र में और अधिक ऊर्जा के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने कहा कि रिसर्च कार्यों से जहां हमारे युवा वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में दक्ष होंगे, वहीं इससे भविष्य में हमारा देश मेडिकल के क्षेत्र में और अधिक सशक्त होगा। सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व एम्स ऋषिकेश के रिसर्च स्कॉलर रोहिताश यादव ने बताया ​कि प्रतियोगिता के तहत मेडिकल साइंस वर्ग की मौखिक में नाईपर,मोहाली के रोहन राजेंद्र गाडी, एम्स दिल्ली की सुनैना सोनी,मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के साकेत प्रकाश ने क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया। जबकि मेडिकल साइंस वर्ग की पोस्टर प्रतियोगिता में एम्स दिल्ली की डा. साधना अग्रवाल व डा. सूर्यप्रकाश मुत्थू कृष्णन व नाइपर, मोहाली के मीर मोहम्मद असरर ने क्रमश: पहला, दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा जीव विज्ञान वर्ग की मौखिक प्रतियोगिता में आईआईटी मद्रास की स्वाति लक्ष्मी प्रथम, सीडीआरआई,लखनऊ के सुनील कुमार नरवाल द्वितीय व शिव नादर विवि के रवि जैन तृतीय स्थान पर रहे। जबकि जीव विज्ञान वर्ग की पोस्टर प्रतियोगिता में सीएसआईआर आईएमटेक के नौशाद अख्तर, नाइपर मोहाली के पल्लापति अनूसा रानी और जामिया हमदर्द इंस्टीट्यूट की सोबिया जफर ने क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार आयुष के मौखिक वर्ग में सेठ जीएस मेडिकल कॉलेज, मुंबई की पनिनी पटनकर ने पहला, एम्स दिल्ली की सुरभि गौतम ने दूसरा व नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिद्धा की डा. ई. प्रिथिका ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। जबकि आयुष की पोस्टर प्रतियोगिता में सेंट्रल विवि हिमाचल की नेहा चौधरी प्रथम, जेएनयू दिल्ली के शशीर अहमद द्वितीय व जामिया हमदर्द इंस्टीट्यूट की प्रेरणा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता के तहत इनोवेटिव आईडिया एंड पेटेंट्स वर्ग में एम्स ऋषिकेश के अथुल एस. पूथालथ प्रथम, जेएसएस एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन की वैशाली ए. जाना द्वितीय व आईआईटी दिल्ली के आशुतोष तिवारी तृतीय स्थान पर रहे। सोसाइटी की ओर से प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को 25 हजार, द्वितीय को 15 हजार व तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को 10 हजार रुपए नकद पुरस्कार व यंग रिसर्चर अवार्ड से नवाजा गया। सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व एम्स ऋषिकेश के रिसर्च स्कॉलर रोहिताश यादव ने बताया ​कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से युवा शोधार्थियों को अनुसंधान के क्षेत्र में प्रोत्साहन मिलेगा,जिससे आने वाले समय में देश को बेहतर वैज्ञानिक मिल सकेंगे। इससे भारत जैसे देश भी बायोमेडिकल के क्षेत्र में अपेक्षित प्रगति कर सकेंगे। इस दौरान एम्स ऋषिकेश के डा. पुनीत धमीजा, डा. उत्तम कुमार नाथ, डा.बलराम जीओमर बतौर जूरी मेंबर व शोध छात्र आशीष कोठारी बतौर जूरी को-ऑर्डिनेटर मौजूद थे।

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