मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में केंद्रीय श्रम एवं पर्यावरण मंत्री श्री भूपेंद्र यादव से शिष्टाचार भेंट की #महिला कल्याण एवं बाल विकास, मंत्री द्वारा विधान सभा स्थित सभा कक्ष में विभागीय समीक्षा की गयी#मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत स्वीकृत आवेदनों को शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिये व ऊर्जा विभाग की समीक्षा की।पढिए Janswar.com में।

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय श्रम एवं पर्यावरण मंत्री श्री भूपेंद्र यादव से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने उनसे उत्तराखण्ड से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को पर्यावरण मंत्रालय में राज्य के लम्बित मामलों के संबंध में जानकारी देते हुए इनके शीघ्र निस्तारण का अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को उत्तराखण्ड के विकास में हर सम्भव सहयोग के प्रति आश्वस्त किया।

————————————————-प्रदेश की महिला कल्याण एवं बाल विकास, मंत्री रेखा आर्या द्वारा विधान सभा स्थित सभा कक्ष में विभागीय समीक्षा करते हुए कहा कि योजनाओं में किसी प्रकार की ढिलाई और कोताही न बरती जाय। मीक्षा बैठक में  मंत्री द्वारा विभागीय अधिकारियों के साथ महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अन्तर्गत नन्दा गौरा योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना, सैनेटरी नैपकीन योजना विषय पर चर्चा की गई।

बैठक में मा0 मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के अन्तर्गत लाभार्थियों के चैक वितरण का कार्य 17 जुलाई 2021 तक पूरा किया जाय। इस योजना का औपचारिक शुभारम्भ मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा 17 जुलाई 2021 तक किया जायेगा। इस योजना में 2000 लाभार्थियों का चयन किया गया है जिनमें से 500 आवेदन अभी तक प्राप्त हुये है। इस योजना के सम्बन्ध मंे मा0 मंत्री ने निर्देश दिये कि लाभार्थियों की जाॅच कर चिन्हिकरण कर लें एवं खाता सम्बन्धी कार्य को पूर्ण कर जिलाधिकारी से स्वीकृति प्राप्त कर लें। इस सम्बन्ध में उन्होने 17 जुलाई 2021 तक चैक वितरण का कार्य शत- प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

बैठक में मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना में योजना से सम्बन्धित किट का वितरण का कार्य सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया। इस योजना का औपचारिक शुरूआत सम्भावित 14 या 15 जुलाई 2021 को माननीय मुख्यमंत्री द्वारा किया जायेगा।

नन्दा गौरा योजना की समीक्षा करते हुए लक्ष्य को पूर्ण करने के निर्देश दिये। इस योजना मे 200 करोड रूपये की बजट माॅग की गई है। योजना को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल रूप दिया जायेगा। जिसके लिए साॅफ्टवेयर तैयार किया जायेगा, इस सम्बन्ध में पोर्टल तैयार करने के निर्देश दिये। जिसमें उन्होने आॅनलाईन अप्लीकेशन, बजट आंबटन, बजट के दूसरी किस्त की जानकारी आम-जन मानस को मिल सकेंगी।  वर्तमान में प्रधानमंत्री वन्दन योजना इसी तर्ज पर की गई है।बैठक में सैनेटरी नैपकीन योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया गया कि ग्रामीण महिलाओं तक अधिक से अधिक संख्या में जिला कार्यक्रम अधिकारी नैपकीन वितरण सुनिश्चित करें। महिलाओं के प्रति स्वच्छता का संकल्प पूर्ण करने के निर्देश दिये गये।

बैठक में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के सचिव, हरीश चन्द्र सेमवाल, अपर सचिव, प्रशांत आर्य उप निदेशक, एस0 के0 सिंह, मोहित चैधरी, अन्जना गुप्ता, अखिलेश मिश्रा, विक्रम सिंह, सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे, बैठक में वर्चुअल रूप से जनपदीय अधिकारी जुडे थे।

    मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, उत्तराखण्ड की 77 वीं बैठक सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सभी बैंकों को बैंक मित्र नियुक्त करने हेतु निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बैंकिंग सेवाओं के लिए पैदल बहुत लम्बा रास्ता तय करना होता है। सरकारी योजनाओं एवं बैंकिंग सुविधाओं का लाभ दूरस्थ क्षेत्रों में रह रहे लोगों को भी मिल सके इसके लिए बिजनेस कारेसपोंडेंस (बैंक मित्र) तैनात किए जाएं। स्थानीय लोगों को इसके लिए प्रशिक्षित किया जाना चाहिए, ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार प्राप्त हो सके।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एवं अटल पेंशन योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिल सके इसके लिए जनजागरूकता फैलायी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि वार्षिक ऋण योजना के अन्तर्गत फार्म सेक्टर एवं अन्य प्राथमिक क्षेत्रों पर भी फोकस किया जाए, साथ ही, एसएलबीसी को ऋण जमा अनुपात में सुधार लाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन जनपदों में ऋण जमा अनुपात 40 से कम है, उन जनपदों की लगातार मॉनिटरिंग कर इसे बढ़ाने के प्रयास किए जाएं।
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   मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत स्वीकृत आवेदनों को शीघ्र निस्तारण के भी निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागाध्यक्षों को निर्देश दिये कि युवा उद्यमियों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों को तकनीकी दृष्टि से मदद कराकर ही बैंकर्स से स्वीकृत कराने में सक्रिय एवं महत्त्वपूर्ण सहयोग दें। उन्होंने कहा कि पीएम स्वनिधि योजनान्तर्गत यूएलबी द्वारा ऋण आवेदन पत्र बैंक शाखाओं को प्रेषित करते समय आवेदक को उनका आवेदन किस बैंक को भेजा गया सहित अन्य आवश्यक जानकारियां अवश्य उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव श्रीमती मनीषा पंवार, प्रमुख सचिव श्री एल. फैनई, सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम, श्रीमती सौजन्या, श्री दिलीप जावलकर, क्षेत्रीय निदेशक आर.बी.आई श्री राजेश कुमार, सहायक महाप्रबन्धक एसएलबीसी श्री एन.एस. रावत, इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री पंकज गुप्ता सहित समस्त विभागों के सचिव एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।

————————————————-मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधू ने सोमवार को सचिवालय में ऊर्जा विभाग की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को विद्युत चोरी एवं विद्युत लाईन लॉस को कम किए जाने हेतु लगातार प्रयासरत रहने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने हाईड्रो प्रोजेक्ट की व्यवहार्यता पर एक अध्ययन कराए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्र में रह रहे नागरिक को भी बेहतर विद्युत व्यवस्था उपलब्ध हो, इसके लिए विभाग निरन्तर प्रयास करे।
सचिव ऊर्जा श्रीमती राधिका झा द्वारा प्रदेश में ऊर्जा के क्षेत्र में लिये गये महत्वपूर्ण निर्णयों, कार्यों तथा ऊर्जा के तीनों निगमों एवं उरेडा के द्वारा कराये जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों, उपलब्धियों तथा सुधारों की जानकारी देते हुए बताया कि ऊर्जा विभाग के निगमों एवं अभिकरणों में कार्मिकों एवं अधिकारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने हेतु प्रमुख निष्पादन सूचकांक (के.पी.आई.) के आधार पर मूल्यांकन व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड ने अक्षय ऊर्जा एवं सभी को विद्युत उपलब्ध कराने में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। एलईडी ग्राम लाईट योजना पर कार्य किया जा रहा है।
सचिव ऊर्जा ने बताया कि निगम द्वारा विगत चार वर्षों में राजस्व वृद्धि की बढ़ोतरी हेतु विभिन्न उपाय किए गए हैं। इसके अंतर्गत विद्युत चोरी हतोत्साहित करने हेतु ऊर्जागिरी अभियान सफलतापूर्वक चलाया जा रहा है। साथ ही बिलिंग दक्षता में 4 प्रतिशत की वृद्धि प्राप्त की गई है एवं वर्ष 2020-21 में ए0टी0 एण्ड सी0 हानियों में भी कमी की गई है। उन्होंने कहा कि ट्रांसमिशन लोस 2017-18 में 1.39 प्रतिशत था जो वर्ष 2020-21 में 1.11 प्रतिशत है।
सचिव ऊर्जा ने बताया कि सौभाग्य योजना के तहत 1,64,390 हाउसहोल्ड को विद्युतिकृत किया गया है, जिसमें 5271 सौर ऊर्जा के माध्यम से शामिल हैं। नए 40 सीटर कॉल सेंटर लगातार 24×7 कन्ज्यूमर फीडबैक के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 129.50 मेगावाट की विभिन्न जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण, विद्युत लाईनों को भूमिगत करने का कार्य तथा सबस्टेशनों के निर्माण के साथ ही स्मार्ट मीटरिंग के कार्यों को पूर्ण करन के कार्यों हेतु लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।
इस अवसर पर प्रबन्ध निदेशक एवं यूपीसीएल डॉ. नीरज खैरवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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