मुख्यमंत्री ने दिखाई मानवता,स्कूटीसवार को गिरते देख मदद हेतु रोकी फ्लीट।#समाज कल्याण मंत्री ने अजा,अजजा के लिए समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक ली#अपरमुख्य सचिव वित्त ने बैंकर्स समिति की 83वीं बैठक में ऋण लक्ष्य 75%करने के दिए निर्देश।www.janswar.com

-अरुणाभ रतूड़ी

मुख्यमंत्री ने दिखाई मानवता,स्कूटीसवार को गिरते देख मदद हेतु रोकी फ्लीट।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की फ्लीट वाडिया हिमालयन भू विज्ञान संस्थान से सचिवालय आ रही थी, इस दौरान मुख्यमंत्री ने ओएनजीसी चौक के समीप स्कूटी पर सवार दो युवकों को स्कूटी से गिरते देखा। मुख्यमंत्री ने काफिला रुकवाकर दोनों युवकों का हालचाल जाना, युवकों को मामूली चोट आई थी। मुख्यमंत्री ने मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों को  निर्देश दिये कि युवकों को शीघ्र आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों से अपील की है कि दो पहिया वाहनों में यात्रा करते समय हेलमेट का प्रयोग अवश्य करें।

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समाज कल्याण मंत्री ने अजा,अजजा के लिए समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक ली

समाज कल्याण मंत्री चन्दन राम दास ने राज्य में अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं में 19% धनराशि एससीएसपी के लिए तथा 3% धनराशि टीएसपी के लिए निर्धारण के संबंध में समीक्षा बैठक की।

मंत्री ने वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार में समीक्षा करते हुए जारी स्वीकृत राशि के सापेक्ष कम व्यय पर नाराजगी जताते हुए खर्च की सीमा बढ़ाने के निर्देश दिये। उन्होंने विभागीय बजट जारी करने में विलम्ब न करते हुए कहा कि जिस योजना मद में बजट जारी हुआ है उसे उसी मद में व्यय किया जाय। उन्होंने एससीएसपी तथा टीएसपी धनराशि के दुरपयोग होने पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिये।

मंत्री ने कहा कि इस मद से हम गरीबों की सीधे तौर पर मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिला सेक्टर और केन्द्र सेक्टर मद की अलग से समीक्षा की जाय। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता लानी होगी तथा आवश्यकतानुसार भवन, स्कूल, शौचालय, लाईब्रेरी, अस्पताल आदि बनााने होंगे।

मंत्री ने कहा कि बजट व्यय करने के उपरान्त उपयोगिता प्रमाण पत्र तत्काल विभाग को भेजा जाय ताकि अगली किश्त जारी की जा सके। उन्होंने अधिकारियों द्वारा अधूरी सूचना लाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि हमें अनुसूचित जाति उपयोजना और अनुसूचित जनजाति उपयोजना पर विशेष जोर देना होगा।

मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आज की बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की जायेगी तथा आगामी बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों को अनिवार्य रूप से पूर्ण जानकारी के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिये।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा एससीएसपी के लिए जारी स्वीकृतियां 1338.49 लाख रूपये रही जिसमें 938.95 लाख रूपये व्यय किये गये जोकि बजट के सापेक्ष 14.16% रहा। कृषि विभाग द्वारा टीएसपी के लिए जारी स्वीकृतियां 464.84 लाख रूपये रही जिसमें 317.57 लाख रूपये व्यय किये गये जोकि बजट के सापेक्ष 28.05% रहा। पशुपालन विभाग द्वारा एससीएसपी के लिए जारी स्वीकृतियां 952.96 लाख रूपये रही जिसमें 582.70 लाख रूपये व्यय किये गये जोकि बजट के सापेक्ष 39.44% रहा। पशुपालन विभाग द्वारा टीएसपी के लिए जारी स्वीकृतियां 149.87 लाख रूपये रही जिसमें 95.00 लाख रूपये व्यय किये गये जोकि बजट के सापेक्ष 16.45% रहा। वन विभाग द्वारा एससीएसपी के लिए जारी स्वीकृतियां 1093.75 लाख रूपये रही जिसमें 834.40 लाख रूपये व्यय किये गये जोकि बजट के सापेक्ष 43.06% रहा। वन विभाग द्वारा टीएसपी के लिए जारी स्वीकृतियां 127.28 लाख रूपये रही जिसमें 19.96 लाख रूपये व्यय किये गये जोकि बजट के सापेक्ष 18.86% रहा। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा एससीएसपी के लिए जारी स्वीकृतियां 2103.14 लाख रूपये रही जिसमें 969.54 लाख रूपये व्यय किये गये जोकि बजट के सापेक्ष 32.32% रहा। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा टीएसपी के लिए जारी स्वीकृतियां 1613.92 लाख रूपये रही जिसमें 1321.34 लाख रूपये व्यय किये गये जोकि बजट के सापेक्ष 33.55% रहा।

इस अवसर पर बैठक में प्रमुख सचिव नियोजन एल. फनई, सचिव अरविन्द ह्यांकी, निदेशक जनजाति संजय सिंह टोलिया तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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अपर मुख्य सचिव वित्त ने बैंकर्स समिति की 83वीं बैठक में ऋण लक्ष्य 75% करने के दिए निर्देश।
अपर मुख्य सचिव वित्त श्री आनन्दवर्धन ने गुरुवार को सचिवालय में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 83वीं बैठक की अध्यक्षता के दौरान दिसम्बर माह के अन्त तक सभी बैंकों द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत वितरित किए जाने वाले ऋणों के लक्ष्य को 75 प्रतिशत तक प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने पीएम स्वनिधि के तहत प्राप्त ऋण आवेदनों का 30 नवम्बर तक निस्तारण का लक्ष्य बैंकों को दिया है।
     अपर मुख्य सचिव ने केन्द्र एवं राज्य सरकार की एमएसएमई से सम्बन्धित ऋण योजनाओं में ओपरलेपिंग का परीक्षण कराकर रिपोर्ट भेजने के निर्देश भी दिए हैं। एसीएस ने सभी बैंकों को सरकार प्रयोजित ऋण योजनाओं के तहत निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने तथा बैंक शाखाओं में लंबित ऋण आवेदन पत्रों के त्वरित निस्तारण, स्वयं सहायता समूहों का क्रेडिट लिंकेज बढ़ाने, विभिन्न सरकारी विभागों को निजी बैंकों को भी स्पेशल कॉम्पानेन्ट प्लान के तहत ऋण आवेदन भेजने, बैंक सखी, कॉमन सर्विस सेन्टर, राशन विक्रेताओं, स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को भी बी. सी. ( बैंक कॉरोस्पॉन्डेट) के कार्य प्रदान करने, बैंकों को राज्य के दूर दराज के पर्वतीय क्षेत्रों में नई शाखाएं खोलकर राज्य में वित्तीय समावेशन को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में जानकारी दी गई कि  प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, पीएम स्वनिधि योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना नैनो में ऑवरलेपिंग की स्थिति प्रदर्शित हो रही है। बैंकों में एनपीए की वृद्धि को रोकने तथा बैंकिंग को सस्टेनबल बनाने हेतु सभी संबंधित विभागों से सहयोग एवं सार्थक प्रयास की अपेक्षा की गई है। बैठक में बैंकों से स्थानीय स्तर पर प्रशासन से समन्वय स्थापित करते हुए एनपीए कम करने के प्रयास करने तथा तहसील से आर. सी. (रिकवरी सर्टिफिकेट) का मिलान करते हुए ऋण राशि की वसूली हेतु अमीनों का सहयोग प्राप्त करने का आग्रह किया गया है। भारत सरकार द्वारा उत्तराखण्ड में 103 गांव जो कि 05 कि0मी0 परिधि के अंतर्गत बैंकिंग सेवाओं से आच्छादित नहीं है, की सूची जिला सहकारी बैंक को इस आशय से प्रेषित की गयी है कि वे इन गांवों में शाखा खोलने की संभावनाओं का अध्ययन करेंगे। भारत सरकार द्वारा पीएमजेडीवाई, पीएमएसबीवाई तथा पीएमजेजेबीवाई जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकाधिक खाताधारकों को आच्छादित किए जाने के भी निर्देश मिले हैं। इस दिशा में राज्य में 3159504 खाताधारकों को पीएमजेडीवाई, 2385330 खाताधारकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, 595833 खाताधारकों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, 507324 खाताधारकों को अटल पेंशन योजना से जोड़ा गया है। उत्तराखण्ड में 100 प्रतिशत डिजिटल पेमेंट ईको सिस्टम को प्रोत्साहित करने की दिशा में अल्मोड़ा तथा चमोली जिले आगे चल रहे हैं। अल्मोड़ा में 99 प्रतिशत तथा चमोली में 84 प्रतिशत बचत खाते डिजिटली आच्छादित हो चुके हैं। डिजिटाइजेशन के तहत रुपे कार्ड, आधार इनएबल्ड एवं इन्टरनेट कनेक्टीविटी को प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य में अगले चरण में 1238 गांवों में फॉर जी टॉवर स्थापित किए जा रहे हैं। राज्य के सभी जिलों की खसरा खतौनी भू-लेख पोर्टल पर दर्ज कर दी गयी है। अल्मोड़ा तथा पौड़ी गढ़वाल दो जिलों में भूमि का नक्शा बनाने कार्य पूर्ण हो चुका है। अवशेष जिलों में कार्य प्रगति पर है।
बैठक में सचिव कृषि श्री बी वी आर सी पुरूषोतम, अपर सचिव श्री सी रविशंकर, क्षेत्रीय निदेशक आरबीआई श्रीमती लता विश्वनाथन, एसएलबीसी संयोजक श्री दिग्बिजय सिंह रावत तथा शासन के वरिष्ठ अधिकारी व बैंक अधिकारी उपस्थित थे।

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