मुख्यमंत्री ने थलसेना अध्यक्ष विपिन रावत को पहले सी.डी.एस. नियुक्त किये जाने की बधाई दी।##मुख्यसचिव ने वायु प्रदूषण रोकने के दिए निर्देश।## एम्स में अब तक 50 लोगों के कॉर्निया प्रत्यारोपण किया गया। पढिए Janswar.com में.

(फोटो अन्तर्जाल से साभार)

मुख्यमंत्री ने थलसेना अध्यक्ष विपिन रावत को पहले सी.डी.एस. नियुक्त किये जाने की बधाई दी।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने थलसेना अध्यक्ष एवं चीफ ऑफ स्टॉफ कमेटी (सीओएससी) के अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत को देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस (सी.डी.एस) नियुक्त किये जाने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनरल रावत को सी.डी.एस का दायित्व सौंपा जाना उत्तराखण्ड का भी सम्मान है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी सैन्य परंपरा पर गर्व है। जनरल रावत के सी.डी.एस बनने से हमारी यह गौरवमय परंपरा भी सम्मानित हुई है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा की दृष्टि से प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रहित से जुड़े इस अति महत्वपूर्ण पद की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि सी.डी.एस से तीनों सेनाओं के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा देश की सुरक्षा व्यवस्था भी और अधिक मजबूत होगी।
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मुख्यसचिव ने वायु प्रदूषण रोकने के दिए निर्देश

सचिवालय सभागार में विगत दिवस मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में बढ़ते वायु प्रदूषण  को नियंत्रित किये जाने से सम्बन्धित कार्ययोजना बनाये जाने से सम्बन्धित बैठक आयोजित हुई।
बैठक में मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह ने परिवहन, नगर निगम, उद्योग, निर्माण कार्य से जुड़े विभागों को निर्देश दिए कि दूषित वायु से आम जन को निजात दिलाने के लिए वे अपने -अपने विभागों की कार्य योजना के साथ आगामी बैठक में आए। उन्होंने विभागों द्वारा वायु प्रदूषण नियंत्रण के मध्यनजर अब तक किए गए प्रयासों की अद्यतन प्रगति के साथ बैठक में उपस्थित होने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव द्वारा देहरादून, ऋषिकेश तथा काशीपुर में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए अपनाए जाने वाले उपायों को शामिल करते हुए सम्बन्धित विभागों को आगामी बैठक में ठोस कार्ययोजना सहित प्रतिभाग करने के निर्देश दिए।
इस क्रम में मुख्य सचिव द्वारा प्रबंध निदेशक परिवहन निगम को निर्देश दिए गए कि 15 वर्ष पुराने डीजल चलित वाणिज्यिक वाहनों को फेज ऑउट करने के सम्बन्ध में अन्य राज्यों के अनुभवों का भी अध्ययन किया जाए। उन्होंने वाणिज्यिक वाहनों हेतु सी0एन0जी0 एवं एल0पी0जी0 लागू करने, शत-प्रतिशत पी0यू0सी0 सार्टिफिकेट जारी करने, वाणिज्यिक वाहनों की निरंतर फिटनैस चेक करने आदि को भी भावी कार्ययोजना में शामिल करने के निर्देश एम.डी. परिवहन निगम तथा परिवहन आयुक्त को दिए।
सड़क से उठने वाले धूल के नियंत्रण के संबंध में मुख्य सचिव द्वारा नगर निगम को सड़कों की निरंतर सफाई एवं जल छिड़काव करने, पैदलपथ पक्का करने, सड़क के किनारे वृक्षारोपण करने तथा शहर के खुले स्थानों व स्कूलों में सघन पौधारोपण के कार्यों को कार्ययोजना में सम्मिलित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण सम्बन्धी गतिविधियों के संबंध में कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण साईडस को कवर कराने, सामग्री का भंडारण खुले में न करने, सड़क किनारे निर्माण सामग्री को एकत्र करने पर सख्ती से अंकुश लगाने के निर्देश दिए तथा तदनुसार कार्ययोजना बनाने के निर्देश निर्माण कार्य से जुड़े विभागों को दिए।
औद्योगिक ईकाइयों के सम्बन्ध में उद्योगों में क्लीन फ्यूल इस्तेमाल कराने, नये स्थापित उद्योगों में ठोस ईंधन को प्रतिबंधित कराने को भी कार्ययोजना में शामिल करने के निर्देश उद्योग एवं सम्बन्धित विभाग को दिए।
इसी क्रम में देहरादून शहर में वायु प्रदूषण की निरंतर मॉनीटिरिंग करने के लिए 03 स्थानों पर मॉनीटिरिंग स्टेशन स्थापना एवं काशीपुर एवं ऋषिकेश में भी 01-01 मॉनीटिरिंग स्टेशन स्थापना के निर्देश मुख्य सचिव द्वारा दिए गए।
मुख्य सचिव ने बैठक में तीनों शहरों में वायु प्रदूषण के स्त्रोत एवं वायु प्रदूषण में इनके योगदान के सम्बन्ध में लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने वायु प्रदूषण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए स्कूलों एवं विभिन्न प्राधिकारियों के सहयोग से जन जागरूकता कार्यक्रम चलाने के भी निर्देश दिए। साथ ही वायु प्रदूषण से संबंधित शिकायत एवं इनके निदान के लिए android/ios application  तैयार करने के निर्देश दिए।बैठक का संचालन करते हुए सदस्य सचिव प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड श्री एस.पी. सुबुद्धि ने बताया कि एन.जी.टी द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में वायु प्रदूषण में मुख्य रूप से देहरादून, ऋषिकेश व काशीपुर के संबंध में अवगत कराया गया है कि इन तीनों शहरों में वायु प्रदूषण की मात्रा निरंतर मानकों से अधिक आ रही हैं।  
बैठक में प्रमुख सचिव वन श्री आनन्द वर्द्धन, सचिव वित्त श्री अमित सिंह नेगी, सचिव वन एवं पेयजल श्री अरविन्द सिंह ह्यांकी, सचिव पर्यटन श्री दिलीप जावलकर, सचिव चीनी श्री हरबंस सिंह चुघ, सचिव कृषि श्री आर.मीनाक्षी सुन्दरम तथा पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ अंकुर सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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एम्स में अब तक 50 लोगों के कॉर्निया प्रत्यारोपण किया गया।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में नेत्र कोष की स्थापना के चार माह में अब तक 50 लोगों को सफलतापूर्वक काार्निया प्रत्यारोपण किया जा चुका है, नेत्र ज्योति मिलने से यह लोग अब पहले के मुकाबले सामान्य जीवन जी रहे हैं।संस्थान में आई बैंक स्थापित होने के बाद अब तक 46 लोगों का नेत्रदान किया जा चुका है। एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने बताया ​कि एम्स संस्थान में नेत्रकोष विभाग स्थापित होने के बाद से उत्तराखंड व समीपवर्ती राज्यों के लोगों काे काफी लाभ हुआ है। उन्होंने बताया कि आई बैंक की स्थापना के महज चार महीने में 50 जरुरतमंद लोगों को सफलतापूर्वक कााॅर्निया प्रत्यारोपण एक बड़ी उपलब्धि है। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत के अनुसार नेत्रदान को हम सभी को अपने परिवार की परंपरा बनानी चाहिए, तभी देश में अंधेपन की समस्या का समाधान हो सकता है। एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत के अनुसार भारत में प्रतिवर्ष 25,000 लोग कााॅर्निया अंधेपन के शिकार हो रहे हैं। निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने बताया कि इस समस्या को दूर करने का एकमात्र समाधान नेत्रदान से ही संभव है, उन्होंने बताया ​कि इसकी वजह यह है कि कॉर्निया को किसी कृत्रिम विधि द्वारा नहीं बनाया जा सकता है। लिहाजा हम नेत्रदान के संकल्प से ही ग्रसित लोगों को अंधेपन की समस्या से मुक्ति दिला सकते हैं और उनके जीवन को रोशन बना सकते हैं। उन्होंने बताया कि एम्स संस्थान में आई बैंक की स्थापना के बाद से अब तक 1000 से अधिक लोग भविष्य में नेत्रदान का संकल्प पत्र भर चुके हैं। संस्थान के नेत्र विभागाध्यक्ष डा. संजीव कुमार मित्तल व नेत्र कोष की निदेशक डा. नीति गुप्ता ने बताया कि संस्थान के नेत्र रोग विभाग के प्रो. केपीएस मलिक ने हाल में अपने दिवंगत भाई स्व. बीएस मलिक का नेत्रदान कराया। इसके साथ ही संस्थान में 50 वां कााॅर्निया प्रत्यारोपण का कार्य पूर्ण हो चुका है। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर सामाजिक कार्यकर्ता गोपाल नारंग नेत्रदान के इस लोकहित के कार्य में लोगों को जागरुक करने में अपना महति योगदान दे रहे हैं, वह अब तक एम्स नेत्र कोष विभाग को चार दिवंगत लोगों का नेत्रदान करा चुके हैं। साथ ही वह भविष्य में कााॅर्निया से ग्रसित लोगों की समस्या के निदान में सहयोग कर रहे हैं। आई बैंक निदेशक डा. नीति गुप्ता ने एम्स संस्थान व नेत्र विभाग की ओर से इस नेक कार्य के लिए सामाजिक कार्यकर्ता गोपाल नारंग का आभार व्यक्त किया है।

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