मुख्यमंत्री ने जन समस्या सुनकर अधिकारियों को जनसमस्याओं के समाधान के दिये निर्देश #मुख्यमंत्री ने हेस्को व आईसीआईसीआई फाउण्डेशन के सौजन्य से बने पुलों का वर्चुअल उद्घाटन किया।#पौ़ड़ी में लगा श्रम पोर्टल के पंजीकरण से संबंधित जनजागरण शिविर#www.janswar.com

-अरुणाभ रतूड़ी

 

  • मुख्यमंत्री ने दिये अधिकारियों को आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश।
  • सीएम आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में मुख्यमंत्री ने लोगों से मिलकर सुनी जन समस्यायें।                                               
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में बड़ी संख्या में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आये लोगों ने भेंट की, सभी ने मुख्यमंत्री की अपनी समस्याओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने सभी आगन्तुकों से व्यक्तिगत रूप से भेंट कर उनकी समस्यायें सुनी तथा जन समस्याओं के समाधान के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु राज्य सरकार संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि अधिकारियो को निर्देशित किया गया है कि ब्लॉक स्तर की समस्याओं का निराकरण ब्लॉक स्तर पर और जिला स्तर की समस्याओं का निराकरण जिला स्तर पर हो जाना चाहिए। लोगों को अपनी अपनी समस्याओं के हल के लिए परेशान न होना पड़े, तथा उन्हें अनावश्यक देहरादून न आना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रदेश की जनता से जो भी वायदे किये हैं तथा राज्य के विकास के लिये जो भी संकल्प लिये है, उन्हें समयबद्धता के साथ पूरा किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने सभी समस्याओं और शिकायतों का रिकार्ड रखने और उन पर की जा रही कार्रवाई का फालोअप भी करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये हैं।
मुख्यमंत्री से उत्तराखण्ड किसान यूनियन के प्रतिनिधिमण्डल ने श्री पद्म सिंह के नेतृत्व में भेंट की तथा उन्हें किसानो की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान के प्रति भी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। सभी किसानों का गन्ना पिराई के लिये मिलों मे आये तथा उन्हें गन्ना मूल्य का भुगतान समय पर हो, इसके निर्देश अधिकारियों को दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी हरिद्वार श्री विनय शंकर पाण्डे को दूरभाष पर निर्देश दिये कि वे किसानों के प्रतिनिधियो से भेंट कर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान कराये। उपस्थित किसान प्रतिनिधियों ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिये मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में हेस्को और आईसीआईसीआई फाउण्डेशन के माध्यम से राज्य के 06 पर्वतीय जनपदों के गांवों में निर्मित 15 ग्राम सेतुओं का वर्चुअल उद्घाटन किया। उत्तराखण्ड के 06 जनपदों में इन 15 पुलों का निर्माण किया गया है। इस अवसर पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार, हेस्को के संस्थापक एवं पद्म भूषण से सम्मानित डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, आईसीआईसीआई फाउण्डेशन के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में नदी नाले हैं, जिनके चारों तरफ गांव बसे हैं। जब इन नदियों और गाद गदेरों को पार करना पड़ता है, तो यह एक बहुत बड़ा संकट भी होता है। मानसून अवधि में पहाड़ में जनजीवन  बहुत प्रभावित होता है। पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों के जन जीवन को सामान्य करने की दिशा में हेस्को ने  आईसीआईसीआई  फाउंडेशन के साथ मिलकर सराहनीय पहल की है। इनके सहयोग से पर्वतीय जनपदों में 15 पुलों का निर्माण हुआ है। जिससे 64 गांव जुड़े हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के कार्य व्यापक स्तर पर होने चाहिए। उत्तराखण्ड के समग्र विकास के लिए सामाजिक संगठन एवं संस्थाएं अहम भूमिका निभा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में भी हेस्को और आईसीआईसीआई फाउण्डेशन इस तरह के प्रयोगों को उत्तराखंड में आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयोग जो सफल प्रयोग के रूप में समझे जा रहे हैं, इनको राज्य में बढ़ावा दिया जायेगा। केंद्र व राज्य सरकार की विकास योजनाओं के साथ ही प्रदेश के विकास के लिए विभिन्न संगठनों एवं संस्थानों का सहयोग लिया जायेगा।  मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 पुल जो  राज्य के विभिन्न जगहों पर बने हैं, जिला अधिकारियों के लिए भी अनुप्रयोग होंगे। जिलाधिकारी भी इनका संज्ञान लेते हुए ग्राम व पंचायत स्तर पर इस कार्य को बढ़ावा देने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि नीति आयोग हिमालय के प्रति जो गंभीरता जताते हैं, उनमें इस तरह के प्रयोगों की आवश्यकता उन्होंने भी महसूस की होगी। आने वाले समय में नीति आयोग भी उत्तराखंड राज्य में होने वाले इन प्रयोगों को अपनी योजनाओं में सम्मिलित कर एक आदर्श राज्य बनाने में हमारे लिए एक बड़ा सहायक और पथ प्रदर्शक सिद्ध होगा।

नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि उत्तराखण्ड के सर्वांगीण विकास के लिए जितना संभव हो सके, नीति आयोग द्वारा मदद की जायेगी। उन्होंने उत्तराखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए की गई इस सराहनीय पहल के लिए हेस्को और आईसीआईसीआई फाउण्डेशन के कार्यों की सराहना की। डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए समाज, सरकार एवं उद्यम को मिलकर कार्य करें तो राज्य तेजी से आगे बढ़ेगा।

हेस्को के संस्थापक एवं पद्म भूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि उत्तराखण्ड में अनेक संसाधन उपलब्ध हैं। राज्य सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। विज्ञान ही विकास की दशा और दिशा तय करता है। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर हमें विशेष ध्यान देना होगा। विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में सभी संगठनों का सहयोग लेकर राज्य को आगे बढ़ाना होगा।

आईसीआईसीआई फाउण्डेशन के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह ने कहा कि फाउण्डेशन द्वारा समाज का पैसा सामाजिक सरोकारों एवं जनहित में लगाने का प्रयास किया गया है। हमारा उद्देश्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के अनेक कार्य हों, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुविधाएं मिल सके। उन्होंने कहा कि भविष्य में उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में कार्य के लिए जो भी सुझाव मिलेंगे, उन पर कार्य करने के पूरे प्रयास किये जायेंगे।

इस अवसर पर  नीति आयोग की उत्तराखण्ड प्रभारी श्रीमती नीलम पटेल, प्रो. दुर्गेश पंत,  आईसीआईसीआई फाउण्डेशन से श्री अनुज अग्रवाल,  श्री अभय शर्मा, श्री सुमित शर्मा, श्री विनोद खाती एवं वर्चुअल माध्यम से लाभान्वित क्षेत्रों के लोग मौजूद थे।

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केंद्रीय सचिव श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार श्री सुनील बड़थ्वाल तथा सचिव श्रम विभाग उत्तराखंड शासन श्री चंद्रेश कुमार यादव की संयुक्त अध्यक्षता में पौड़ी स्थित संस्कृतिक प्रेक्षागृह में ई-श्रम पोर्टल के पंजीकरण से संबंधित जनजागरण शिविर तथा प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना के संबंध में जन जागरूकता कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया गया।
श्रम विभाग के तत्वाधान में आयोजित उक्त कार्यक्रम में ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण, प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना के पंजीकरण तथा ई-श्रम कार्ड बनावाने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गयी तथा इस अवसर पर श्रमिकों को कार्ड भी वितरित किये गए तथा श्रम प्रतिनिधियों के सुझाव भी  आमंत्रित किये गये।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय सचिव द्वारा अपने संबोधन में ई-श्रम पोर्टल पर व पीएम श्रमयोगी मानधन योजना के तहत पंजीकरण कराये जाने के पश्चात विभिन्न श्रेणी के श्रमिकों व कामगारों को उक्त दोनों योजनाओं के साथ-साथ अन्य विभिन्न योजनाओं के लाभ की जानकारी देते हुए कहा कि ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण होने से श्रमिक की श्रेणी तथा उसकी कार्य पृष्ठभूमि की जानकारी प्राप्त होने से सरकार को उनके समुचित कल्याण से जुड़ी हुई योजनाओं को बनाने और उसको क्रियान्वित करने में अधिक सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि एक ओर 18 वर्ष से 40 वर्ष की आयुवर्ग के महिला व पुरूष श्रमिकों द्वारा उनकी आयु के अनुरूप श्रमयोगी पेंशन पाने के लिए जितना योगदान करेंगे उतनी ही धनराशि का योगदान भारत सरकार द्वारा वहन किया जाएगा तथा 60  वर्ष आयु के उपरांत कम से कम 03 हजार मासिक पेंशन प्राप्त होगी। दूसरी ओर ई-श्रम पोर्टल पर 16 वर्ष से 59 वर्ष आयु के जो लोग पंजीकरण करेंगे उनके डाटाबेस के आधार पर सरकार समय-समय पर श्रमिकों के हित में चलाई जाने वाली  विभिन्न योजनाओं  से लाभाविंत करेगी तथा विभिन्न योजनाओं की धनराशि पादर्शिता और सुगमता से सीधे उनके खाते में आएगी। इसलिए उन्होंने सभी कामगारों से आग्रह किया कि ई-श्रम पोर्टल www.eshram.gov.in पर निशुल्क  पंजीकरण करने के साथ-साथ प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना का भी लाभ उठाएं। पोर्टल पर पंजीकरण के पश्चात प्रधानमंत्री बीमा सुरक्षा के तहत 02 लाख तक का बीमा का भी कवर मिलता है। साथ ही उन्होंने कहा कि जो लोग श्रमिक कार्ड बनाने से अभी तक वंचित रह गये हैं वे भी तत्काल अपना पंजीकरण करायें। अपना पंजीकरण करवाने के साथ-साथ दूसरों का भी पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित करें।
सचिव श्रम विभाग उत्तराखंड शासन ने अपने संबोधन में कहा कि ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण के लिए कृषि कामगार, मनरेगा कामगार, आशा कार्यकत्री, आंगनवाड़ी कार्यकत्री, फेरी वाले, घरेलू श्रमिक, रिक्सा चालक, मछुवारे, दुध विक्रेता, प्रवासी कामगार, किसी भी तरह के निर्माण कार्य में लगे श्रमिक इसके लिए पात्र होंगे। उन्होंने कहा कि असंगठित कामगार के अंतर्गत वैसे कामगार भी सामिल हैं जो ईएसआईसी/ईपीएफओ के सक्रिय सदस्य न हो अथवा सरकारी कर्मचारी न हो। कहा कि जो पात्र व्यक्ति अभी तक पंजीकरण नहीं करा पाये वे निकट सीएससी केंद्रों पर आधार संख्या, मोबाइल नम्बर और अपने बैंक खाते के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं। कहा कि पंजीकरण कराने में यदि किसी तरह की समस्या आती है अथवा कोई सुझाव अथवा शिकायत इस संबंध में करनी हो तो टोल फ्री नम्बर 7017870988 पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना आर्थिक सुरक्षा से बड़ी समाजिक सुरक्षा की भी योजना है,जो बुढापे में आत्मनिर्भरता को बढावा देती है।
कार्यक्रम का स्वागत और समापन संबोधन श्रमायुक्त श्रम विभाग संजय कुमार और मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत कुमार आर्य द्वारा किया गया। इस दौरान अपर जिलाधिकारी ईला गिरी, संयुक्त श्रमायुक्त श्रम विभाग अनिल कुमार पेटवाल, उप श्रमायुक्त मधु नेगी, सहायक श्रमायुक्त प्रशांत कुमार, श्रम पर्वतन अधिकारी भगवति प्रसाद जुयाल सहित श्रम प्रतिनिधि और शिविर में प्रतिभाग करने वाले कामगार व सामान्यजन उपस्थित थे।

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