मुख्यमंत्री ने जनपद चम्पावत में11 करोड़ 93 लाख की सात विकास योजनाओं का लोकार्पण व 18 करोड़ 65 लाख लागत की 12 योजनाओं का शिलान्यास किया। # मुख्यमंत्री ने विभिन्न पेयजल एवं स्वच्छता योजनाओं के लिये धनराशि का अनुमोदन किया है।# मुख्यसचिव ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की समीक्षा की। #विशेष ई-लोक अदालत पीठों मे आज कुल 29 वादों का निस्तारण किया गया।पढिए Janswar.Com में।

समाचार प्रस्तुति-अरुणाभ रतूड़ी

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शनिवार को जनपद चम्पावत के लोहाघाट में बने ग्रोथ सेंटर का निरीक्षण कर ग्रोथ सेंटर के भवन का सुदृढ़ीकरण तथा लौह बर्तन एवं कृषि यंत्र उत्पादन मशीनों का लोकार्पण किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने लगभग 11 करोड़ 93 लाख की सात विभिन्न विकास योजनाओं के लोकार्पण के साथ ही लगभग 18 करोड़ 65 लाख लागत की 12 योजनाओं का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने ग्रोथ सेंटर के निरीक्षण के दौरान कहा कि ग्रोथ सेंटर आत्मनिर्भर भारत और वोकल फोर लोकल का अच्छा उदाहरण है, इसलिए ग्रोथ सेंटर से जुड़े लोगों के स्किल डेवलवमेंट की भी व्यवस्था की जाय। मुख्यमंत्री द्वारा राजकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र नरियाल गांव का भी भ्रमण किया गया।
            इसके पश्चात मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ जनपद में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने शासकीय योजनाओं की अद्यतन प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए विकास कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश की जनता को लाभान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने चिकित्सा  विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि वर्तमान समय में कोविड- 19 से निपटने के लिए हम सभी को सामूहिक रूप से प्रयास करने होंगे, इसमें किसी भी प्रकार का शिथिलता न बरती जाय। कोरोना संक्रमण वायरस के नियंत्रण व रोकथाम के लिए लगातार प्रचार-प्रसार किया जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग लोगों से वार्ता करें तथा वे जिस काम में रूची रखते है उस कार्य के लिए उन्हें और अधिक प्रोत्साहित कर उन्हें लाभान्वित किया जाय। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद स्वरोजगार को बढ़ावा देना है तथा प्रति व्यक्ति आय में बढोत्तरी करना है, इसलिए नियोजित तरीके से खपत की पूर्ति करने के लिए एक बेहतर योजना होनी चाहिए। उन्होंने पशुपालन विभाग को पोल्ट्री के क्षेत्र में सुनियोजित तरीके से कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य परिणात्मक होना चाहिए। मनरेगा की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक व्यक्तियों का पंजीकरण कराने के निर्देश दिये।
           मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए कहा कि इस योजना के तहत एक रूपये में पानी के कनेक्शन दिये जा रहे है इसलिए विभाग प्रत्येक दिन का लक्ष्य निर्धारित कर धरातलीय कार्य करें, इसके लिए उन्होंने ग्राम व न्यायपंचायत स्तर पर कार्य योजना तैयार करने निर्देश दिए। जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार भी प्राप्त होगा। जिला योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि धनराशि का व्यय रोजगारपरक योजनाओं पर अनिवार्य रूप से किया जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा प्रत्येक व्यक्ति को रोजगारपरक योजनाओं से लाभान्वित करना है इसलिए स्थानीय आवश्यकताओं के दृष्टिगत स्थानीय प्रशासन निर्णय ले, ताकि आम जनमानस को योजनाओं का वास्तिवक लाभ मिल सके। उन्होंने पिरूल से बिजली उत्पादन की अत्यधिक संभावनाओं को देखते हुए कहा कि लोगो को इसके लिए प्रेरित एवं जागरूक कर जिससे वनाग्नि को काफी हद तक रोका जा सकता हैं एवं लोगो की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत किया जा सकता हैं।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी सुरेंद्र नारायण पांडे ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि जनपद में कोरोना संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए रणनीति के तहत कार्य किया जा रहा है। कोविड- 19 की रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग तथा जल जीवन मिशन के संबंध में जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि इस योजनान्तर्गत विभागवार कार्ययोजना तैयार की गयी है।  इस अवसर पर जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त करते हुए कहा कि समीक्षा बैठक में उनके द्वारा जो आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं उनका जनपद में कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
         इस अवसर पर जनपद के प्रभारी मंत्री अरविंद पांडेय, विधायक पूरन सिंह फर्त्याल, कैलाश चन्द गहतोड़ी, जिला पंचायत अध्यक्षा ज्योति राय, दायित्वधारी हयात सिंह मेहरा, मंडलायुक्त अरविंद सिंह ह्यांकी, जिलाधिकारी सुरेंद्र नारायण पांडेय आदि उपस्थित थे।

——————————————————————–मुख्यमंत्री ने विभिन्न पेयजल एवं स्वच्छता संबंधी योजनाओं के लिये धनराशि का अनुमोदन किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा प्रदेश की विभिन्न पेयजल एवं स्वच्छता संबंधी योजनाओं के लिये धनराशि का अनुमोदन किया गया है। मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न पेयजल अभावग्रस्त क्षेत्रों में 26 हैण्डपम्प एवं 11 आयरन रिमूवल यूनिट अधिष्ठापन कार्य हेतु 89.30 लाख, देहरादून के कौलागढ़ जोन में सीवर लाईन बदलने तथा रख रखाव आदि के लिये 99.53 लाख, पित्थूवाला के अन्तर्गत इन्दिरा नगर में सीवर लाईन बिछाने हेतु 12.43 लाख, पित्थूवाला वार्ड 87 सेवलाखुर्द में 5 किमी पेयजल लाईन कार्य हेतु प्रथम किस्त के रूप में 115.90 लाख, पित्थूवाला के मोहित नगर में नलकूप निर्माण हेतु प्रथम किस्त 14.80 लाख, विधानसभा क्षेत्र राजपुर के करनपुर जोन में जर्जर पेयजल लाईनों के पुनर्निर्माण/मरम्मत हेतु प्रथम किस्त के रूप में 90.62 लाख की धनराशि का अनुमोदन प्रदान किया है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चमोली के विकास खण्ड कर्णप्रयाग के अंतर्गत सोनला नगरीय पेयजल योजना में आर.बी.एम पद्धति से ट्यूबवेल निर्माण हेतु 27.50 लाख, एन.आई.टी सुमाडी पेयजल योजना के लिये 1192.88 लाख के साथ ही जनपद पिथौरागढ़ के दौला टैंक से पवन विहार कॉलोनी तक पेयजल लाईन विस्तार हेतु 10.50 लाख की धनराशि का अनुमोदन प्रदान किया गया है। —————————————————————

मुख्यसचिव ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की समीक्षा की।

मुख्य सचिव श्री ओमप्रकाश ने शनिवार को सचिवालय में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधियोजना (पीएम स्वनिधि) की शुरुआत सड़कों और पटरियों पर सामान बेचने वाले उन गरीब लोगों के लिए की गई थी जो कोविड-19 के चलते प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि त्योहार का सीजन होने के कारण गरीब तबके के लोग इसका अधिकतम लाभ ले सकते हैं। इसके लिए आवश्यक है कि सभी चिन्हित वेंडर्स को दीवाली से पहले ऋण आबंटित कर दिया जाए।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन वेंडर्स का एप्लिकेशन अपलोड हो गया है, दीपावली से पहले उनको ऋण वितरण कर दिया जाए। इसके लिए बैंकर्स के साथ समन्वय बनाकर प्रक्रिया पूर्ण की जाए। उन्होंने कहा कि जानकारी एवं कम पढ़े लिखे या अनपढ़ होने के कारण बहुत से वेंडर्स इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं, इसके लिए कैंप लगाकर उन्हें वेंडर्स आईडी, वेंडर्स सर्टिफिकेट एवं ऋण वितरण हेतु बैंक सुविधा एक जगह उपलब्ध करवा कर फैसिलिटेट किया जाए।
मुख्य सचिव ने बैंकर्स को भी इस योजना को गंभीरता से लेते हुए स्वीकृत एप्लिकेशन का ऋण वितरण शीघ्र से शीघ्र किए जाने के निर्देश दिए। कोविड-19 के कारण कितने चिन्हित वेंडर्स माइग्रेट कर चुके हैं इसका भी सर्वे करवाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकतम लोग इस योजना का लाभ उठा सकें इसके लिए सभी जिलाधिकारियों और बैंकर्स को व्यक्तिगत रूप से प्रयास करने होंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि योजना का प्रचार प्रसार करते हुए वेंडर्स का वेंडिंग सर्टिफिकेट, वेंडिंग आईडी के साथ ही लेटर ऑफ रिकमेंडेशन की कॉपी भी अवश्य दी जाए। इसके साथ ही, बैंकर्स द्वारा भी प्रोएक्टिव होकर पीएम स्वनिधि योजना के सम्बन्ध में ऋण प्रक्रिया को छोटा किया जाना चाहिए, साथ ही बैंक की ब्रांच को 10 हजार तक के ऋण को अपने स्तर से स्वीकृत कर वितरित किए जाने का अधिकार प्रदान किया जाना चाहिए।

इस अवसर पर सचिव श्री शैलेश बगोली सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी सभी जनपदों के जिलाधिकारी सहित राज्य के सभी प्रमुख बैंकों के अधिकारी उपस्थित थे।


विशेष ई-लोक अदालत पीठों मे आज कुल 29 वादों का निस्तारण किया गया।

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में आज जिला विधिक सेवा प्राधिकारण पौड़ी गढ़वाल के तत्वाधान में विशेष ई-लोक अदालत का आयोजन किया गया। सिविल जज(व.ख.)/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण इंदु शर्मा ने बताया कि विशेष      ई-लोक अदालत में वादों के निस्तारण के लिये जनपद पौड़ी गढ़वाल में कुल 08 विशेष ई-लोक अदालत पीठ गठित की गयी थी। विशेष ई-लोक अदालत में कुल 153 धारा 138 के वाद सन्दर्भित किये गये।
उन्होंने बताया कि इस विशेष ई-लोक अदालत में मुुख्यालय पौड़ी हेतु गठित ई-लोक अदालत पीठ संख्या 01 द्वारा 01 वाद, वाह्य न्यायालय कोटद्वार हेतु गठित ई-लोक अदालत पीठ संख्या 01 द्वारा 02 वाद, ई-लोक अदालत पीठ संख्या 02 द्वारा 11 वाद, ई-लोक अदालत पीठ संख्या 03 द्वारा 03 वाद, ई-लोक अदालत पीठ संख्या 04 द्वारा 04 वाद तथा वाह्य न्यायालय श्रीनगर हेतु गठित ई-लोक अदालत पीठ द्वारा 07 वाद तथा वाह्य न्यायालय लैंसडाउन हेतु गठित ई-लोक अदालत पीठ द्वारा 01 वाद अर्थात् कुल 29 वादों का निस्तारण किया गया।

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