मुख्यमंत्री ने -जनता की समस्याएं सुनी,एमडीडीए का किया निरीक्ष,आठ नये महाविद्यालय बनाने की घोषणा#कांग्रेस के धीरेन्द्र प्रताप ने उत्तराखण्ड विवि में हुई नियुक्तियों पर घोटाले का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की का निरीक्षण किया-Janswar.com

-अरुणाभ रतूड़ी

मुख्यमंत्री कार्यालय से होगी सभी शिकायतों के निस्तारण की मॉनिटरिंग

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम आवास में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आए लोगों की शिकायतों और समस्याओं को सुना और मौके पर ही अधिकारियों को उनके निस्तारण के निर्देश दिये। जनता मिलन कार्यक्रम में आए सभी लोगों की शिकायतों का पंजीकरण किया गया और उन्हें रजिस्टर में दर्ज किया गया। मुख्यमंत्री ने एक-एक कर सभी की शिकायतों को पूरी गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जन समस्याओं और शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। अपनी समस्याएं लेकर आने वालों में कुछ  दिव्यांग भी थे। मुख्यमंत्री खुद उनके पास गए और उनकी शिकायतों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता दर्शन कार्यक्रम में प्राप्त सभी जन शिकायतों की मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री कार्यालय से की जाएगी। अधिकारी पूरी गंभीरता से सभी शिकायतों का निस्तारण समयबद्धता से करें। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदारी फिक्स करते हुए कङी कार्रवाई की जाएगी।
हरिद्वार के श्री रवि सिंह रौथाण द्वारा यह बताए जाने पर कि उनके पिताजी की शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्ति के बाद जीपीएफ की राशि देने में अनावश्यक विलम्ब किया जा रहा है, मुख्यमंत्री ने इसके जांच के निर्देश दिये और कहा कि जानबूझकर विलम्ब किया जाना पाया जाए तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
शक्तिफार्म के श्री सुहास हलदर द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किश्त की राशि न आने की बात पर मुख्यमंत्री ने मामले का परीक्षण कर कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
हरिद्वार के श्री राजेश कुमार सैनी द्वारा पुलिस में उनके प्रकरण की सुनवाई न होने की शिकायत की गई। मुख्यमंत्री ने डीआईजी गढ़वाल को इसकी जांच करने के निर्देश देते हुए कहा कि शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक चक्कर न लगाने पङे।
श्री उम्मेद सिंह रावत द्वारा छूट गये राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले ही राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया 31 दिसम्बर तक बढाने के निर्देश दे दिए हैं।
काशीपुर के श्री कुंवर सिंह ने  उनके बच्चे को एजुकेशन लोन दिलाने, देहरादून के श्री कमलेश ने पीएम शहरी आवास में आवास दिलाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने इनपर समुचित कार्यवाही करने को अधिकारियों को कहा।
श्री प्रदीप कुमार ने आवास विकास परिषद में मकान का नक्शा पास न होने की बात कही जबकि व्यापार मंडल देहरादून के श्री अभिषेक शर्मा ने भी उनके यहाँ नक्शा पास की व्यवस्था कराये जाने का आग्रह किया। जस्सोवाला के श्री नंदकिशोर गौड़ द्वारा बारातघर के लिए अनुरोध करने पर मुख्यमंत्री ने डीएम देहरादून को इसका परीक्षण करने के निर्देश दिये।
सोमाल्टा के श्री सरदार सिंह द्वारा क्षतिग्रस्त सड़क मार्ग को ठीक कराने के आग्रह  पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 सितंबर से पूरे प्रदेश में गड्ढा मुक्त सड़कों का अभियान शुरू किया जा रहा है। घनशाली के श्री उम्मेद सिंह बिष्ट ने किसान सेवा केन्द्र में कम्प्यूटर दिये जाने की बात पर मुख्यमंत्री ने इसके प्रति उन्हें आश्वस्त किया।
इसके अतिरिक्त अनेक युवाओं द्वारा विभिन्न विभागों में भर्ती की बात कहे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार के लिए बड़ी भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। स्वरोजगार के लिए कैंप लगाए जा रहे हैं। सीएम विवेकाधीन कोष से मदद संबंधी सभी आवेदनों का परीक्षण उपरांत समुचित कार्यवाही के निर्देश दिये।
इसके अलावा सड़क, बिजली, पानी आदि समस्याओं को लेकर भी लोगों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखी। आज के जनता मिलन कार्यक्रम में कुल 741  लोगों ने अपनी शिकायतें और समस्याओं का पंजीकरण कराया। इनमें 253 आर्थिक सहायता से संबंधित थे। विभिन्न विभागों से संबंधित 251 देहरादून के और 237 अन्य जिलों के हैं

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  • मुख्यमंत्री ने किया एमडीडीए का आकस्मिक निरीक्षण।
  • नक्शे पास किये जाने तथा वन टाइम सेटलमेंट प्रक्रिया की ली जानकारी।
  • कार्यालय के सभी पटलों का किया निरीक्षण।
  • प्राप्त आवेदनों को त्वरित गति से निस्तारण एवं समाधान के दिये निर्देश।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को एमडीडीए कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कम्प्यूटर कक्ष में बैठकर भवनों आदि के स्वीकृत हेतु प्राप्त नक्शों की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री को सचिव एमडीडीए श्री हरवीर सिंह ने अवगत कराया कि कम्प्यूटर में दर्ज 13561 आवेदनों में से 8109 स्वीकृत किये जा चुके हैं, 1106 आवेदन निरस्त किये गये जबकि 4346 पेंडिंग हैं। मुख्यमंत्री ने पेंडिंग नक्शे के आवेदनों का तुरंत निस्तारण के निर्देश देते हुए जीरो पेंडेंसी के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने अकाउंट सेक्सन का भी निरीक्षण किया तथा वन टाइम सेटलमेंट के प्रस्तावों की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री को बताया गया कि इस प्रकार की 260 पत्रावलियां 4 दिन पहले की हैं। बताया कि ऐसे प्रकरणों के निस्तारण की अवधि 15 दिन निर्धारित है। मुख्यमंत्री ने सचिव एमडीडीए को एमडीडीए के आय और व्यय का पूरा विवरण भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं।

राज्य में 8 नए महाविद्यालय बनाए जाएंगे, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की घोषणा

  • 7 महाविद्यालयों का स्नातक से स्नातकोत्तर में किया जाएगा उच्चीकरण
  • मुख्यमंत्री ने राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता (रायपुर) देहरादून में विज्ञान संकाय भवन का शिलान्यास किया

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता (रायपुर) देहरादून में विज्ञान संकाय भवन का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि राज्य में 08 नये महाविद्यालयों की स्थापना की जायेगी। जिन नये महाविद्यालयों की स्थापना की जायेगी उनमें देहरादून शहर, हरिद्वार शहर(भूपतवाला), हल्द्वानी शहर में, गदरपुर ऊधमसिंह नगर, दन्या अल्मोड़ा, कल्जीखाल पौड़ी, खिर्सु पौड़ी, देवाल चमोली, शामिल हैं। राज्य के 07 महाविद्यालयों का स्नातक से स्नातकोत्तर में उच्चीकरण किया जायेगा। इनमें  राजकीय महाविद्यालय, मुनस्यारी(पिथौरागढ़), राजकीय महाविद्यालय, गैरसैंण(चमोली), राजकीय महाविद्यालय, कपकोट(बागेश्वर), राजकीय महाविद्यालय सोमेश्वर, राजकीय महाविद्यालय, हल्दूचौड़(नैनीताल), राजकीय महाविद्यालय, लक्सर(हरिद्वार), राजकीय महाविद्यालय, थलीसैंण(पौड़ी) शामिल हैं।


उत्तरांचल मुक्त विश्वविद्यालय में हुई नियुक्तियों में घोटाले की धीरेंद्र प्रताप ने उठाई जांच की मांग
कोंग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं उपाध्यक्ष  धीरेंद्र प्रताप ने एक बयान जारी करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को चेताया कि अगर उन्होंने शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत जिनका नाम पिछले कई दिनों से राज्य के विश्वविद्यालयों में हो रही नियुक्तियों में भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सामने आ रहा है ,ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की तो कांग्रेस जन इस मुद्दे पर आंदोलनरत होंगे ।
बयान में  धीरेंद्र प्रताप ने बताया कि पहले भी उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में डिप्टी डायरेक्टर सहित कई पदों पर गुपचुप तरीक़े से भर्ती का मुद्दा सामने आया था ।जिसमें धन सिंह रावत जी के पी आर ओ से लेकर कई अपने करीबियों को जॉब देने का काम किया गया था ।हद तो तब हो गई थी जब उस विज्ञप्ति के माध्यम से यह स्पष्ट कर दिया गया था कि यह भर्ती प्रक्रिया RTI के दायरे से बाहर है। अभी 2 दिन पहले एक नया भ्रष्टाचार का मुद्दा उत्तरांचल यूनिवर्सिटी का सामने आया है ,जिसमें असिस्टेंट प्रोफ़ेसर की भर्ती में भ्रष्टाचार को उजागर हुआ है। ज़ीरो टॉलरेंस अगेंस्ट भ्रष्टाचार की बात करने वाले आज सिर से पैर तक भ्रष्टाचार में लिप्त हैं।
 उत्तर चाहे वो गुरु रामराय उत्तर ज़मीन का मर्म मुद्दा हो या  टेक होम राशन का मुद्दा हो या कुम्भ में कोविड जाँच घोटाला  हो,ये सारी भ्रष्टाचार के मुद्दे दर्शाते हैं कि भाजपा की कथनी और करनी में कितना फ़र्क है ।
धीरेंद्र प्रताप ने मुख्यमंत्री से माँग की है की वो जल्द से जल्द इस शिक्षा घोटाले की नैनीताल उच्च न्यायालय के एक न्याय विद से जांच कराएं , जिससे सच्चाई जनता के सामने आ सके। ऐसा न होने पर उन्होंने उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

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