मुख्यमंत्री ने चीड़बाग शौर्य स्थल में पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।# मुख्यसचिव कीअध्यक्षता में विश्वबैंक पोषित उत्तराखण्ड विकेन्द्रीकृत विकास परियोजना फेज-2 (ग्राम्या) की उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक सम्पन्न हुई# जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला सलाहकार समिति पी.सी.पी.एन.डी.टी. की बैठक आयोजित की गई।पढिए Janswar.com में

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने चीड़बाग देहरादून स्थित शौर्य स्थल में पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की रक्षा के लिए हमारे इन शहीद जवानों ने अपना सर्वस्व न्यौछावर किया। युवाओं को हमारे इन जवानों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सैन्यधाम को उत्तराखंड का पांचवे धाम की संज्ञा दी है। उत्तराखंड के शहीद सैनिकों की स्मृतियों को संजोने के लिए देहरादून में भव्य सैन्यधाम बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सितम्बर में पूरे प्रदेश में सैनिक सम्मान यात्रा निकाली जाएगी।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी, पूर्व राज्यसभा सांसद श्री तरुण विजय भी मौजूद थे।

—————————————————-

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधू की अध्यक्षता में गुरूवार को सचिवालय स्थित उनके सभागार में विश्व बैंक पोषित उत्तराखण्ड विकेन्द्रीकृत विकास परियोजना फेज-2 (ग्राम्या) की उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान परियोजना अन्तर्गत विभिन्न तकनीकी सहयोगी संस्थाओं के अनुबन्ध अवधि के विस्तारीकरण हेतु अनुमोदन दिया गया।
मुख्य सचिव डॉ. संधू ने कहा कि परियोजना के उद्देश्यों की पूर्ति अधिक से अधिक हो इस पर फोकस किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना को निर्धारित समयसीमा के अन्तर्गत पूर्ण किया जाए। कार्यों की गुणवत्ता हेतु लगातार मूल्यांकन एवं अनुश्रवण किया जाए। योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके यह सुनिश्चित किया जाए, साथ ही स्थानीय लोगों को इस क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सके। परियोजना की नीतियों एवं कार्यक्रमों के विषय में आमजन को जागरूक करते हुए, उनकी सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
परियोजना निदेशक श्रीमती नीना ग्रेवाल ने बताया कि परियोजना का मुख्य उद्देश्य उत्तराखण्ड राज्य के चयनित सूक्ष्म जलागम क्षेत्रों में ग्रामीण समुदाय की सहभागिता से प्राकृतिक संसाधनों का समुचित उपयोग तथा बारानी कृषि की उत्पादकता में वृद्धि करना है। परियोजना के अन्तर्गत प्राकृतिक संसाधन प्रबन्धन कार्य, वनीकरण, बांज क्षेत्रों में प्राकृतिक पुनरूत्पादन, ट्रेंच, चाल-खाल एवं डगआउट पौण्ड निर्माण का कार्य किया जाता है। इसमें समुद्र तल से 700 से 2700 मी0 तक की ऊँचाई के मध्य हिमालयन क्षेत्र के अन्तर्गत 82 सूक्ष्म जलागम क्षेत्रों को चयनित किया गया है। उन्होंने कहा कि परिणाम सूचकों के सापेक्ष जल स्रोतों में वर्तमान में प्री-मानसून डिस्चार्ज में 12.3 प्रतिशत से 22.2 प्रतिशत वृद्धि हुई है। जबकि बारानी कृषि क्षेत्र की उत्पादकता में 33.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। परियोजना से सीधे लाभान्वित 40 हजार परिवारों के लक्ष्य के सापेक्ष कुल 54,948 परिवार इस परियोजना से लाभान्वित हुए हैं, जिसमें 64 प्रतिशत महिलाएं हैं।
इस अवसर पर सचिव श्रीमती सौजन्या एवं श्री वी. षणमुगम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

—————————————————-

जिलाधिकारी गढ़वाल डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे की अध्यक्षता में आज विकास भवन सभागार, पौड़ी में जिला सलाहकार समिति पी.सी.पी.एन.डी.टी. की बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी डॉ. जोगदण्डे ने पीसीपीएनडीटी के तहत बर्थ रजिस्ट्रेशन सिस्टम व आशा प्रोग्राम के आंकड़ों में भिन्नता होने पर संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया कि विकासखण्ड वार सही रिपोर्टिंग कर सही आंकड़े प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि लिंगानुपात का विकासखण्ड वार सेंटर/मशीन वाइज मासिक डाटा पूर्ण विवरण के साथ तैयार कर सेक्स रेश्यू में सुधार लाना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देशित किया कि ऐसे सभी पंजीकृत सरकारी अस्पताल/निजी सेंटर जहां अल्ट्रासांउण्ड मशीन लगी हैं, वे लिंग चयन प्रतिषेध चेतावनी का नया बोर्ड/पोस्टर लगाना सुनिश्चित करेंगे और पोस्टर में हेल्प लाइन नम्बर तथा भू्रण लिंग जांच दोषी के संबंध में सही सूचित करने वाले व्यक्ति को (नाम गोपनीय रखा जायेगा) 05 हजार इनाम दिया जायेगा आदि लिखवाना सुनिश्चित करेंगे।
जिलाधिकारी डॉ. जोगदण्डे ने संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी पंजीकृत सरकारी अस्पताल/निजी सेंटर को अपने स्तर से बताना सुनिश्चित कर दें कि जहां एक्टिव ट्रेकर डिवाइस नहीं लगे हुए हैं या खराब हो चुके हैं, वहां एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से एक्टिव ट्रेकर डिवाइस लगवाना तथा नियमित मॉनिटरिंग करना भी सुनिश्चित करें। कहा कि जिन सेंटरों में एक माह के भीतर एक्टिव ट्रेकर डिवाइस नहीं लगाई जाती है, उनके खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने संबंधित को निर्देशित किया कि गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अनिधिनियम के तहत जन-जागरूकता हेतु कार्य योजना बनाकर कार्य करें। कहा कि आईसीई मद के तहत वॉल पेंटिंग बनाये और पोस्टर, वर्कशॉप आदि कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूक कर लिंगानुपात में सुधार लाना सुनिश्चित करें।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा जनपद में पंजीकृत अल्ट्रासांउण्ड केन्द्र, सीटी स्केन, अब तक सील की गई मशीन, दर्ज किये गये मुकदमे, आईसीई एक्टिविटी के तहत किये गये कार्यो, टॉक शो, वर्कशॉप, नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से प्रचार-प्रसार आदि के संबंध में जानकारी दी गई।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगांई, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा, जिला चिकित्सालय पौड़ी डॉ. गुंजन बहुगुणा, डॉ. गौरव पाण्डेय, आस्था से आर.चन्द्रा सहित आशीष नेगी आदि उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.