मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश अधिकारियों के दिए#मुख्यमंत्री ने बल्लूपुर-पांवटासाहब राष्ट्रीय राजमार्ग के फोरलेन की स्वीकृति पर प्रधानमंत्री मोदी व के.स.प.मंत्री गढकरी का आभार प्रकट किया#समाज कल्याण मंत्री चन्दन राम दास द्वारा जनजाति कल्याण की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गयी।#मुख्य सचिव ने नये पार्किंग स्थल विकसित करने के निर्देश दिये।#उ.अ.से.च.आयोग की विज्ञप्ति-Janswar.com

अरुणाभ रतूड़ी

  • सुविधाजनक चारधाम यात्रा के लिए पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं : सीएम पुष्कर सिंह धामी
  • देश विदेश में जाए अतिथि देवो भवः का संदेश।
  • यात्रा प्रबंघन में टेक्नोलोजी का बेहतर उपयोग हो।मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए दिये निर्देश।
  • मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि चार धाम यात्रा के माध्यम से देश-विदेश में अतिथि देवो भवः का संदेश जाना चाहिए। इस बार बहुत अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के आने की सम्भावना है। चार धाम यात्रा की तैयारियां उसी के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री सचिवालय में चारधाम यात्रा 2022 की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने यात्रा को श्रद्धालुओं की लिए अधिक से अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
  • मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग को यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर, सभी आवश्यक सुधार कार्य यात्रा प्रारम्भ होने से पूर्व सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही संबंधित जिलाधिकारियों को भी यात्रा मार्गों पर कार्यों की प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग करने के   निर्देश दिये। मार्ग अवरूद्ध होने की स्थिति में तत्काल खोलने के लिए जरूरी मशीनों की व्यवस्था व तैनाती कर ली जाए। जेसीबी मशीनों की ट्रेकिंग के लिए उन्हें जीपीएस से जोड़ा जाए। यात्रा मार्ग से संबंधित सड़कों पर कहीं भी मलबा या कचरा न रहे। कचरा निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाए।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा प्रबंधन में टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाए। ट्रेफिक प्रबंधन व संचालन के लिए ड्रोन का भी प्रयोग किया जाए। चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए टोल फ्री नम्बर जारी किया जाए। जिस पर यात्रा से संबंधित हर प्रकार की जानकारी हो। इस नम्बर को व्यापक प्रचारित भी किया जाए। इस वर्ष बहुत बड़ी संख्या में यात्रियों के आने की सम्भावना है। किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए यात्रियों के रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था हो। यात्रा मार्गों पर जगह-जगह पर्याप्त संख्या में पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। डायवर्जन और वैकल्पक मार्गों की व्यवस्था भी कर ली जाए। जगह-जगह पर साईन बोर्ड भी लगाए जाएं।
    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि यात्रा मार्गों पर जाने वाले बसों व टैक्सियों की फिटनेस की जांच सुनिश्चित हो। यात्रा मार्ग पर तैनात किए जाने वाले पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि नियमो का पालन कराते हुए यात्रियों व श्रद्धालुओं के साथ विनम्रतापूर्वक व्यवहार हो। एक बार एंट्री पाइन्ट पर वाहनों की चैकिंग होने के बाद बार-बार चैकिंग कर यात्रियों को परेशान न किया जाए। विभिन्न स्थानों पर क्वालिटी पेयजल के लिए वाटर एटीएम/वाटर मशीन लगाई जाएं।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकतानुसार चिकित्सकों की तैनाती कर ली जाए। एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था भी हो। यात्रा मार्ग पर रेट लिस्ट के निर्धारण के साथ ही मिलावटखोरी को रोकने के लिए नियमित चैकिंग अभियान चलाया जाए।  यात्रा शुरू होने से पूर्व श्री बद्रीनाथ, श्री केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री व श्री हेमकुण्ड साहिब में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के साथ ही यात्रा मार्गों पर समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। यात्रा मार्ग पर बेहतर संचार व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा का विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। चार धाम यात्रा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों व अन्य जरूरी सूचनाओं का प्रचार प्रसार हो। चार धामों के साथ ही अन्य धार्मिक स्थलों और पर्यटन स्थलों के बारे में भी जानकारी दी जाए।
    बैठक में केबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, विधायक श्रीमती शैलारानी रावत, श्री सुरेश सिंह चौहान, श्री  संजय डोभाल, श्री दुर्गेश लाल, बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री अजेंद्र अजय, मुख्य सचिव डा. एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, श्री आनंद बर्द्धन, डीजीपी श्री अशोक कुमार, प्रमख सचिव श्री आरके सुधांशु, सचिव श्री दिलीप जावलकर, श्री नितेश झा, डा. पंकज कुमार पाण्डेय, श्री शैलेश बगोली, श्री एस.ए. मुरूगेशन, आयुक्त गढ़वाल श्री सुशील कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित जिलाधिकारी उपस्थित थे।                              ——————————————–

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पांवटा साहिब-बल्लुपुर राजमार्ग के उन्नयन व फोरलेन हेतु वित्तीय स्वीकृति दिए जाने को लेकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और केंद्रीय सङक परिवहन मंत्री श्री नीतिन गडकरी जी का आभार जताया है।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने  कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड में रोड़ कनेक्टिविटी लगातार मजबूत हो रही है। गौरतलब है कि छभ्-72 के पांवटा साहिब-बल्लूपुर (देहरादून) खंड का उन्नयन और फ़ोर लेन के निर्माण के लिए रूपये 1093.01 करोड़ की लागत प्रस्तावित थी जिसके बाद केंद्र सरकार द्वारा इसके लिए बजट की स्वीकृति मिल चुकी है।

—————————————————समाज कल्याण मंत्री चन्दन राम दास द्वारा जनजाति कल्याण की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गयी।

समाज कल्याण मंत्री द्वारा बैठक में निर्देश दिये गये कि प्रत्येक जनजाति क्षेत्र का समग्र विकास किये जाने की आवश्यकता है और जनजाति कल्याण की योजनाओं हेतु भारत सरकार से अधिक से अधिक धनराशि प्राप्त किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।

समीक्षा के दौरान उनके द्वारा यह भी निर्देश दिये गये कि अटल आवास योजना में पर्वतीय क्षेत्र में 38000/- तथा मैदानी क्षेत्र में 35000/- की धनराशि अत्यन्त कम है। इस हेतु योजना में रु॰1,20,000/- की धनराशि किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।

इसके अतिरिक्त मा॰ मंत्री द्वारा यह निर्देश दिये गये कि जनजाति के दूरस्थ क्षेत्रों में विद्यालयों के समीप जनजाति छात्रावासों का निर्माण किया जाये, जिसमें आवासीय, भोजन की व्यवस्था हो, जिससे छात्र/छात्रा शिक्षा से वंचित न हो सके।

समाज कल्याण मंत्री के संज्ञान में यह भी लाया गया कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय बाजपुर में भूमि में मा॰ सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश पारित किया गया है, जिससे विद्यालय के भवन का निर्माण नहीं हो पा रहा है। इस पर  मंत्री ने निर्देश दिये कि बाजपुर में अतिरिक्त भूमि का विकल्प देखते हुए चयन की कार्यवाही की जाये।

मंत्री जी द्वारा यह भी निर्देश दिये गये कि जनजाति क्षेत्रों में स्वरोजगार एवं रोजगार के अवसर प्रदान किये जाने हेतु विस्तृत प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किये जाये, जिससे पलायन को रोका जा सके।

इस अवसर पर बैठक में निदेशक जनजाति कल्याण एस.एस. टोलिया एवं अपर निदेशक जनजाति कल्याण योगेन्द्र रावत उपस्थित रहे।


मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने गुरुवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड में नए पार्किंग क्षेत्र विकसित करने के सम्बन्ध में सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्यों में पार्किंग एक बहुत बड़ी समस्या है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में अगले एक साल के भीतर पार्किंग स्थल विकसित करें। उन्होंने कहा कि अपने अपने जनपदों में भौगोलिक परिस्थिति के अनुसार सर्फेस पार्किंग, मल्टीलेवल पार्किंग और कैविटी पार्किंग के स्थल चिन्हित कर लें। साथ ही, उनकी प्राथमिकता भी सुनिश्चित कर ली जाए ताकि जिन जगहों पर पार्किंग की समस्या ज्यादा बड़ी है उन पर पहले फोकस किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि रेल विकास निगम लिमिटेड काफी अच्छी तरह से टनल निर्माण के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। आरवीएनएल द्वारा नॉर्वे की टनल तकनीक से 5 दिन में एक किलोमीटर टनल बनाई जा रही है। आरवीएनएल को भी इसमें शामिल किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा रोड पर भी अधिक से अधिक पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की जाए। मुख्य सचिव ने इसके प्रत्येक कार्य के लिए समय सीमा निर्धारित करते हुए साप्ताहिक मॉनिटरिंग की जाए।
बैठक के दौरान सचिव श्री शैलेश बगोली ने बताया कि पिछले एक वर्ष में प्रदेश में विभिन्न प्रकार की पार्किंग के लिए 27 स्थल चिन्हित किए गए हैं, जिनका विभिन्न स्तरों में कार्यवाही गतिमान है।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. के. सुधांशु, सचिव श्री बृजेश कुमार संत सहित वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों से जिलाधिकारी एवं अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।
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उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के सचिव संतोष बडोनी  की विज्ञप्ति के अनुसार
आशुलिपिक व व्यक्तिगत सहायक पदों जिनकी परीक्षा आनलाईन हुई थी।अभ्यर्थियों के प्राप्तांक व श्रेष्ठता सूची आयोग की वेबसाईड पर उपलब्ध है।श्रेष्ठता सूची के 110 अभ्यर्थियों के अभिलेख सत्यीपित होने हैं।
(कृपया आयोग की निम्न विज्ञप्ति का अवलोकन करें)

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