मुख्यमंत्री ने कैम्पटी में खेलकूद एवं सांस्कृतिक मेले में प्रतिभाग किया।#मुख्यमंत्री अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में आयोजित उत्तराखण्ड दिवस में हुए शामिल।#अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ तथा बागेश्वर के एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग से संबंधित प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित  की गयी- www.janswar.com

-अरुणाभ रतूड़ी

मुख्यमंत्री ने कैम्पटी में खेलकूद एवं सांस्कृतिक मेले में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को कैम्पटी में खेलकूद एवं सांस्कृतिक मेले में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कैम्पटी में लगने वाले इस मेले के लिए 02 लाख रुपए का अनुदान देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कैम्पटी क्षेत्र के सुनियोजित विकास के लिए इसे नगर पंचायत बनाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मेलों की सांस्कृतिक धरोहरों को बचाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उत्तराखण्ड में गौचर एवं जौलजीवी मेला अंतर्राष्ट्रीय महत्व के मेले हैं। कैम्पटी क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बागवानी एवं जल विद्युत परियोजनाओं के क्षेत्र में भी राज्य में अनेक संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को 2025 तक देश के श्रेष्ठ राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। सभी प्रदेशवासियों के सहयोग से उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री अकादमी में आयोजित चिंतन शिविर में उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मंथन चल रहा है। अधिकारियों को इसके लिए सुनियोजित योजना बनाने के लिए कहा गया है। अन्य राज्यों में जो अच्छे कार्य हो रहे हैं, अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों के हिसाब से ऐसे कुछ कार्यों को राज्य में बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में अपनाया जाय।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। वैश्विक स्तर पर भारत का मान, सम्मान एवं स्वाभिमान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने बाबा केदार की भूमि से कहा कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। इस बार चारधाम यात्रा में लगभग 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
इस अवसर पर विधायक श्री प्रीतम सिंह पंवार, क्रीडा समारोह के अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सिंह पंवार, मसूरी के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्री मनमोहन सिंह मल, ब्लॉक प्रमुख जौनपुर श्रीमती सीता रावत, क्रीडा समिति के संयोजक श्री राजेश नौटियाल, जिलाधिकारी टिहरी श्री सौरभ गहरवार, एसएसपी श्री नवनीत सिंह भुल्लर एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में आयोजित उत्तराखण्ड दिवस में हुए शामिल।

  1.  ऐसे आयोजनों को बताया राज्यों की संस्कृति एवं प्रगति से परिचित होने का माध्यम।
  2.  उत्तराखण्ड के विकास में राज्य के साथ प्रवासी उत्तराखण्ड वासियों का बड़ा योगदान।
  3.  हमारे ब्रांड एंबेसडर हैं प्रवासी उत्तराखण्डवासी।
  4.  उत्तराखण्ड बन रहा है सुनियोजित विकास मॉडल प्रदेश- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को नई दिल्ली के प्रगति मैदान मे चल रहे 41वें भारत अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेले के तहत उत्तराखण्ड पवेलियन में उत्तराखण्ड दिवस समारोह एवं इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर नाट्यशाला थियेटर में उत्तराखण्ड के लोक कलाकारों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। इस वर्ष व्यापार मेले की थीम “वोकल फार लोकल, लोकल टू ग्लोबल” रखी गयी है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के विकास में उत्तराखण्ड के साथ प्रवासी उत्तराखण्ड वासियों का बड़ा योगदान है। राज्य के विकास की यह हम सबकी सामूहिक विकास यात्रा है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रवासी उत्तराखण्डवासी हमारे राज्य के ब्रांण्ड एम्बेसडर हैं। उन्होंने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेला जैसे आयोजन विभिन्न राज्यों की प्रगति से परिचित का अवसर प्रदान करते हैं। यह व्यापार मेला उत्तराखण्ड के लोगों की जीवन्त सहभागिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उत्तराखण्ड पवेलियन में “वोकल फार लोकल, लोकल टू ग्लोबल” थीम के अनुसार उत्तराखण्ड में हो रहे सतत विकास का प्रस्तुतीकरण, राज्य सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों की जानकारी के साथ-साथ प्रदेश के हथकरघा एवं हस्तशिल्प, राज्य के कृषि एवं उद्यान क्षेत्र के उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है, जिससे राज्य को पहचान मिलेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश के लिए अच्छी कानून व्यवस्था, स्वच्छ पर्यावरण, रेल, सड़क तथा वायु परिवहन की सुविधाए सस्ती एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा अप्रदूषित जल संसाधन उपलब्ध हैं। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश को निवेश के लिए एक सर्वाधिक उपयुक्त डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार सक्रियता के साथ प्रयास किया जा रहा है। विगत वर्षो में हमारे द्वारा निवेश के अनेक अवसरों के अधिकाधिक उपयोग का प्रयास किया जा रहा है। वर्तमान में उत्तराखण्ड राज्य निवेशकों के लिए न केवल एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में प्रतिस्थापित हुआ है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की दिशा में राज्य सरकार सतत प्रयत्नशील है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश और देशवासियों में आशा, विश्वास और नई ऊर्जा का संचार हुआ है। उनके नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। वैश्विक स्तर पर भारत का मान, सम्मान एवं स्वाभिमान बढ़ा है। देश में नई कार्य  संस्कृति की शुरुआत हुई है। समरस, समर्थ एवं शक्तिशाली भारत की पहचान देश व दुनिया में हुई है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन का कार्य कर ही है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन एवं केन्द्र सरकार के सहायोग से प्रदेश में रेल लाइन के निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है। रोड़ नेटवर्क, चारधाम, ऑलवेदर रोड, भारत माला श्रृंखला की सड़कें एक कोने से दूसरे कोने को जोड़ने का कार्य कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 5 नवम्बर, 2021 को बाबा केदार की भूमि से कहा कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा, इसी का प्रतिफल है कि इस बार चारधाम यात्रा में लगभग 46 लाख से अधिक रिकार्ड संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जबकि 4 करोड़ से अधिक श्रद्धालु कांवड यात्रा में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने का हमारा प्रयास निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि हेमकुण्ड साहिब व केदारनाथ धाम के लिए रोपवे का शिलान्यास हो चुका है। जो यात्रा तीन से चार दिन में होती थी वह अब कुछ ही घंटों में हो सकेगी, यात्रा अब सुगम, सरल होगी।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड अनेक प्रकार की प्राकृतिक संपदाओं से युक्त है। प्रदेश का लगभग 70 प्रतिशत भूभाग प्राकृतिक सुंदरता व वनों से घिरा हुआ है जो पर्यटन, उद्यानिकी के लिये अनुकूल है। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में जो बेस्ट प्रैक्टिसेज हुई हैं उनको अपना कर हम विकास के मॉडल को खड़ा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पूरे देश व दुनिया को शुद्ध जल व पर्यावरण देने का कार्य करता है, प्रदेश के विकास का मॉडल इकोलाजी व इकोनॉमी दोनों को संतुलित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोजगार के अवसर को बढ़ाने के लिये हमने नीतियों में संशोधन कर आवश्यक सुझावों को भी जोड़ा है। प्रदेश में फिल्म सिटी, होटेल्स के लिए स्थान चयनित कर निवेशकों को आकर्षित करने का कार्य किया जा रहा है, इसके लिये लैंड बैंक की व्यवस्था की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी अल्मोड़ा में आजीविका महोत्सव आयोजित किया गया था, आजीविका महोत्सव में रूरल बिजनेस इक्यूबेटर (आर0बी0आई0) की संख्या में एक साल के अन्दर 03 गुना वृद्धि हुई है। राज्य के परम्परागत उत्पाद तथा हस्त निर्मित उत्पादों को देश-विदेश में पहचान मिलने से राज्य के लोगों की आजीविका एवं आर्थिकी में वृद्धि होगी तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के प्रवासियों तथा देश व विदेश से आने वाले निवेशकों को हर सम्भव सुविधा एवं सहायता उपलब्ध कराने के लिए कृत संकल्पित है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य आपके साथ मिलकर एक समृद्ध उत्तराखण्ड का निर्माण करना है। प्रदेश सरकार सदैव आपके सहयोगी की भूमिका में आपके साथ है और हम सब मिलकर ही एक आदर्श उत्तराखण्ड राज्य के निर्माण की परिकल्पना को पूर्ण कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रवासी उत्तराखण्ड वासियों से पर्व व त्योहारों पर अपने पैतृक स्थान में आने तथा उत्कृष्ट उत्तराखण्ड बनाने में अपना योगदान देने की भी अपील की।
इस अवसर पर सांसद श्री अजय टम्टा, सचिव उद्योग डॉ पंकज कुमार पाण्डेय, सचिव संस्कृति श्री हरि चंद्र सेमवाल, स्थानिक आयुक्त उत्तराखण्ड श्री अजय मिश्रा, उद्योग निदेशक श्री सुधीर चन्द्र नौटियाल, संस्कृति निदेशक श्रीमती बीना भट्ट, पैवेलियन निदेशक श्री के0 सी0 चमोली आदि उपस्थित थे।
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लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में चल रहे सशक्त उत्तराखंड@25 चिंतन शिविर के द्वितीय सत्र में शहरी विकास, पहाड़ में सड़क, तकनीक युक्त सर्विस डिलीवरी, गुणवत्तापरक मानव संसाधन, स्वास्थ्य आदि विषयों पर चिंतन हुआ।अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की ओर से शहरी विकास पर विचार रखे गए। इस अवसर पर उनके द्वारा भविष्य की आवश्यकता अनुसार न्यू टाउनशिप विकसित किए जाने एवं अफोर्डेबल हाउसिंग पर जानकारी दी गयी। जिस पर चर्चा करते हुए उपस्थित अधिकारियों द्वारा अपने सुझाव प्रस्तुत किये गए। शहरी विकास विभाग के निदेशक नवनीत पांडे ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेन्ट एवं अर्बन लोकल बॉडीज के रेवेन्यू किस तरह से बढ़ाए जाएं, इस पर अपना प्रस्तुतिकरण दिया।सचिव लोनिवि रमेश कुमार सुधांशु ने टनल एवं एलिवेटेड रोड को आज की जरूरत बताते हुए राज्य में टनल, एलिवेटेड रोड, ग्रीन तकनीक का सड़क एवं भवन निर्माण में इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी। बताया कि देहरादून में रिस्पना-बिंदाल नदियों पर एलिवेटेड रोड प्रस्तावित हैं जिसकी डीपीआर बनाने का कार्य गतिमान है। इसी तरह विधानसभा से मोहकमपुर तक एलिवेटेड रोड का निर्माण प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि सड़कें किसी भी अर्थव्यवस्था के लिए लाइफ लाइन का काम करती हैं। उनके प्रस्तुतिकरण पर तमाम अधिकारियों द्वारा अपने सुझाव प्रस्तुत किये गए।सचिव सूचना एवं प्रौद्योगिकी शैलेश बगोली ने तकनीक युक्त सर्विस डिलीवरी पर अपना प्रेजेंटेशन देते हुए कहा कि हमारा प्रयास है कि जनसामान्य के लिए चीजों को आसान किया जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में आईटीडीए की अहम भूमिका है।
सचिव शिक्षा रविनाथ रमन ने क्वालिटी ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट पर अपना प्रस्तुतिकरण देते हुए बताया कि वर्ष 2041 तक हमें स्कूल भवनों पर निवेश की जरूरत नहीं होगी। बल्कि हमें अपने शिक्षकों के प्रशिक्षण पर ध्यान देने की जरूरत है। स्कूलों में ड्राप आउट रेट कम करने के लिए हमें चाइल्ड टू चाइल्ड मैपिंग करनी होगी ताकि इन बच्चों को स्कूलों तक वापस लाया जा सके। उन्होंने कहा कि हमारा फोकस शिक्षकों की कमी को दूर करने पर होना चाहिए। गुणवत्ता युक्त शिक्षक प्रशिक्षण के अलावा लाइब्रेरी और खेल मैदान के क्षेत्र में काम करने की जरूरत है। इसके लिए उन्होंने सभी डीएम की भूमिका को अहम बताया। ट्रांसफर नीति अभी मैन्युअल है जिस कारण इसमें अधिकारियों का काफी समय व्यय होता है। इस दिशा में हरियाणा की तर्ज पर नीति लायी जा रही हैं। बताया कि 72 स्कूल राज्य में ऐसे हैं जो कि वन क्षेत्र में चल रहे हैं। इनके लिए वन विभाग को बजट ट्रांसफर कर यहां बांस के स्ट्रक्चर बनाये जा सकते हैं। कई समाजसेवी संस्थाओं के साथ मिलकर भी नए कार्य स्कूलों में किए जा रहे हैं। सचिव उच्च शिक्षा शैलेश बगोली ने हाईयर लर्निंग में वोकेशनल डिग्री कार्यक्रमों के इंट्रोडक्शन पर प्रस्तुतिकरण दिया। शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि चालू शिक्षा सत्र में प्रदेश के स्कूलों में एनरोलमेंट बढ़े हैं।
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अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ तथा बागेश्वर के एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग से संबंधित प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित  की गयी
अल्मोड़ा, 22 नवंबर 2022 (अशोक पाण्डेय)
उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ज्योति शाह मिश्रा की अध्यक्षता में आज विकास भवन सभागार में अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ तथा बागेश्वर के एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग से संबंधित प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमे मानव तस्करी को लेकर कानून की बारीकी और उसके रोकथाम के लिये उक्त तीनों जनपदों के संबंधित अधिकारियों, पुलिस, वन स्टॉप सेंटर के अधिकारियों को ट्रेनिग दी गई। इस दौरान राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने बताया कि आज जिस प्रकार सीमाओं में मानव तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं, उसके रोकथाम के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा जनपदों के लोगो को ट्रेनिग दी जा रही है तथा इसी क्रम में आज अल्मोड़ा में भी ट्रेनिंग दी गई है। उन्होंने कहा कि ट्रेनिग से अधिकारियों से यह अपेक्षा की जाती है कि वह मानव तस्करी के प्रकरणों के प्रति सचेत रहें तथा इसे रोकने के लिए अपने अपने स्तर से प्रयास करें एवं प्रशिक्षण में बताई गई बारीकियों को धरातल पर उतारें।
अधिकारियों को यह प्रशिक्षण मानव तस्करी के विरुद्ध कार्य करने वाले कार्यकर्ता ज्ञानेंद्र कुमार द्वारा दिया गया। इस दौरान उन्होंने मानव तस्करी के प्रकार, कानूनी प्रावधानों आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस दौरान बालविकास विभाग, पुलिस विभाग, सूचना विभाग, पत्रकार, अधिवक्ता समेत अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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