मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री से कोविड -19की स्थिति पर वर्चुअल बैठक की# पीले कार्ड वालों को तीन माह के लिए अतिरिक्त खाद्यान्न देने का मुख्यमंत्री ने दिया आदेश ##अगले दो महीने में स्पूतनिक वैक्सीन के 20 लाख डोज का आयात करेगी राज्य सरकार#

मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने वर्चुअल माध्यम से केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन की अध्यक्षता में कोविड-19 की स्थिति एवं वैक्सिनेशन के संबंध में आयोजित बैठक में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री श्री तीरथ ने कहा कि राज्य में कोविड को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य में टेस्टिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आवश्यकतानुसार ऑक्सीजन बेड, आईसीयू और वेंटिलेटर बढ़ाये जा रहे हैं। उन्होंने कोविड काल में केन्द्र सरकार से हर संभव मदद के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री श्री तीरथ ने कहा कि राज्य में वैक्सीनेशन तेज गति से हो रहा है। 18 से 45 वर्ष के आयु वर्ग को भी राज्य में फ्री में वैक्सीन लगाई जा रही है। राज्य में 400 करोड़ से अधिक का व्ययभार इस आयु वर्ग के वैक्सीनेशन पर आ रहा है, जिसका वहन राज्य सरकार करेगी।
मुख्यमंत्री श्री तीरथ ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री से अनुरोध किया कि उत्तराखण्ड को 60 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का आवंटन झारखण्ड एवं पश्चिम बंगाल से किया गया है, जबकि राज्य में काशीपुर, रूड़की एवं देहरादून में ऑक्सीजन प्लान्ट स्थापित हैं। राज्य को इन्हीं ऑक्सीजन प्लान्ट से ऑक्सीजन आवंटित की जाय, जिससे समय की बचत भी होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि केन्द्र सरकार वैक्सीन लिये जाने हेतु एक निविदा जारी करे और उसकी दरें फिक्स करे। उन्होंने राज्य को 10 हजार ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर, 02 लाख पल्स ऑक्सीमीटर एवं 10 हजार ऑक्सीजन डी टाईप सिलिन्डर देने के लिए अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि अभी एसडीआरएफ की 50 प्रतिशत धनराशि कोविड कार्यों हेतु अनुमत है। यदि इसे शत प्रतिशत कर दिया जाए तो राज्य अपने चिकित्सालयों में ऑक्सीजन सप्लाई और अन्य व्यवस्थाएं बढ़ा सकते हैं।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि राज्यों को टेस्टिंग, ट्रैकिंग, ट्रेसिंग एवं माइक्रो कन्टेंटमेंट जोन की दिशा में विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लग गई है, यह सुनिश्चित हो कि उनको दूसरी डोज भी समय पर लग जाए। राज्यों का पॉजिटिविटी रेट और मृत्युदर को कम करने पर विशेष ध्यान हो। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की ओर से राज्यों की हर तकलीफ को दूर करने एवं जरूरतों को पूरा करने के लिए हर सम्भव प्रयास किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री अश्वनि कुमार चौबे, विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य मंत्री, मुख्य सचिव श्री ओम प्रकाश, सचिव स्वास्थ्य श्री अमित नेगी आदि उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत के निर्देश पर राज्य खाद्यान्न योजना के अंतर्गत कोविड-19 महामारी के चलते विशेष खाद्यान्न सहायता दी जायेगी। यह सहायता पीले राशन कार्डधारकों के लिये ही मान्य होगी।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में प्रदेश के दस लाख पीले राशन कार्डधारकों को तीन महीने के लिये अतिरिक्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया जायेगा। वर्तमान में साढ़े सात किलो प्रति राशन कार्ड खाद्यान्न मिलता है। जिसको बढ़ाकर बीस किलो प्रतिमाह कर दिया गया है। जिसमें दस किलो चावल एवं दस किलो गेहूँ मिलेगा। जिसका मूल्य वर्तमान दरों पर ही रहेगा। जो कि गेहूँ के लिये रू0 8.60 प्रति किलो एवं चावल के लिये रू० 11.00 प्रति किलो है।
ये विशेष योजना मई, जून एवं जुलाई माह के लिये कार्डधारकों को उपलब्ध रहेगी। जिसमें कि राज्य सरकार पर कुल रू0 37.00 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व भार आयेगा । जिसे राज्य सरकार वहन करेगी। मई के महीने का राशन 18 तारीख़ से वितरित होने लगेगा और शेष महीनों का राशन हर महीने की एक तारीख़ को वितरित हो जायेगा। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री दाल पोषित योजना निरंतर जारी रहेगी। जिसमें प्रथम बार दो किलो चना दाल सभी 23 लाख राशन कार्डधारकों को मिलेगी। तत्पश्चात जो भी दालें भारत सरकार से उपलब्ध होती रहेंगी, वह आगामी महीनों में उपलब्ध कराई जायेगी।
मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं को वित्तीय वर्ष 2021-22 में अनुदान की प्रथम किस्त हेतु 85 करोड़ रूपये की धनराशि आवंटित करने की दी स्वीकृति

मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने 15वें वित्त आयोग की संस्तुतियों के क्रम में त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं को वित्तीय वर्ष 2021-22 में अनुदान की प्रथम किस्त 85 करोड़ रूपये की धनराशि आवंटित करने की स्वीकृति प्रदान की है। जिसमें जिला पंचायतों के लिए 12.75 करोड़, क्षेत्र पंचायतों के लिए 8.50 करोड़ एवं ग्राम पंचायतों के लिए 63.75 करोड़ रूपये की धराशि अवमुक्त की गई है।

  • ————————————————कोविड-19 की स्थिति को लेकर सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित
  • राज्य सरकार ने विदेशों से वैक्सीन का आयात करने का लिया निर्णय, कमेटी गठित की
  • अगले दो महीने में स्पूतनिक वैक्सीन के 20 लाख डोज का आयात करेगी राज्य सरकार
  • पुलिस ने अब तक 4 करोड़ 26 लाख रूपए का शमन शुल्क वसूला और 2 लाख 61 हजार लोगों का चालान कट चुके

देहरादून। कोविड-19 की स्थिति को लेकर सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आज विभिन्न विषयों पर जानकारी प्रदान की गई।
मुख्य सचिव श्री ओमप्रकाश ने बताया कि राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि विदेशों से वैक्सीन का आयात किया जाए और इसके लिए एक कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी में पांच सदस्य हैं, अपर सचिव युगल किशोर पंत, अपर सचिव अरूणय सिंह चैहान, निदेशक अभिप्राप्ति चिकित्सा महानिदेशालय, खजानचंद पांडे राज्य वित्त सेवा के अधिकारी और पीपीई किट प्रकोष्ठ नियोजन विभाग, उत्तराखंड शासन में तैनात सुमंत शर्मा हैं।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार से भी हम लगातार वार्ता कर रहे हैं। जितनी वैक्सीन अभी मिली है, वे अपेक्षाकृत कम है। इस महीने हमें 8 लाख और अगले महीने 9 लाख वैक्सीन मिल पाएगी, उसमें भी यह शर्त है कि जिन्हें वैक्सीन का फर्स्ट डोज लग चुका है, उन्हें सेकंड डोज दिया जाए।
उन्होंने बताया कि देश की प्रमुख कंपनियों से भी हमारी बातचीत चल रही है कि वे केंद्र सरकार के अतिरिक्त हमें भी वैक्सीन दे। कुछ वैक्सीन हमें मिल भी चुकी है और कुछ मिलनी बाकी है। हम अगले दो महीने में स्पूतनिक वैक्सीन के 20 लाख डोज का आयात करेंगे। इसके लिए समिति गठित हो गई है और धनराशि की भी व्यवस्था हो गई है। जो हॉस्पिटल एवं दवा विक्रेता वो ओवर चार्जिंग कर रहे हैं या दवा की कालाबाजारी कर रहे हैं या वास्तविक दवा न देकर नकली दवाइयां दे रहे हैं, उनके खिलाफ सख्ती से प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य सचिव ने बताया कि हमारे पास 80 मीट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंची है और हमें रोज 60 टन ऑक्सीजन चाहिए। अभी हमें 20-20 मीट्रिक टन के दो कंटेनर अलॉट हुए हैं। हमने केंद्र सरकार से कंटेनर उपलब्ध करवाने का अनुरोध किया है और हमें विश्वास है कि शुक्रवार तक हमें 6 कंटेनर और मिल जाएंगे। अभी हमें दो कंटेनर मिले हैं।
आईजी श्री अमित सिन्हा ने बताया कि कल 110 के करीब स्थानों पर दबिश दी गइ्र्र थी, हमें कालाबाजारी की भी काफी सूचनाएं मिलती हैं, जिनके आधार पर 136 स्थानों पर कल दबिश दी गई थी। अब तक कुल 24 एफआईआर हुई हैं, 35 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है और 204 की बरामदगी हुई है। 587 लोगों को मास्क न पहनने पर चालान हुआ है, 6057 लोगों पर सोशल डिस्टेंसिंग के उल्लंघन पर चालान हुआ है।
उन्होंने बताया कि हमने अब तक 4 करोड़ 26 लाख रूपए का शमन शुल्क वसूला है। अब तक 2 लाख 61 हजार लोगों का चालान कट चुके हैं। नकली दवाई बेचने पर सजा आजन्म कारावास है। मेरा जनता से अनुरोध है कि जनता सामने आए और कालाबाजारी करते या नकली दवाई बेचते दिखें तो उसकी हमें सूचना दे। उस पर तुरंत जांच कर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
सचिव डॉ पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि हमारी टेक्निकल कमेटी के एक्सपर्टस ने हमें सलाह दी है कि हमें कोविड की गंभीरता को कम करना है तो यदि हम प्रोफाइलेक्सिस देंगे तो इसके अच्छे परिणाम होंगे। राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि हम अपनी पूरी जनसंख्या को दवाई देंगे। इसमें आइवरमेक्टिन दवाई का प्रयोग किया जाएगा। इसकी प्रोसेस शुरू कर दी गई है। इसमें एडल्ट्स को तीन दिन दी जाएगी। इसका बहुत कम साइड इफेक्ट हैं। गर्भवती महिलाओं और बच्चों को नहीं दी जाएगी।

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