मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेला व जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा की# प्रमुख सचिव ने निजी वि.वि., महाविद्यालयों को एक मार्च से खोलने के दिशा निर्देश दिए#आपात उपचार के लिए वरदान बना एम्स का हैलीपैड#रैणी प्राकृतिक आपदा के पीड़ितों हेतु उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा द्वार हेल्प लाईन प्रारम्भ।पढिए Janswar.Com में

-अरुणाभ रतूड़ी

  • मुख्यमंत्री ने की कुम्भ मेला कार्यों की समीक्षा।
  • कुम्भ मेले में सुरक्षा व्यवस्था हेतु पुलिस एवं पी.ए.सी. जवानों की उपलब्धता के लिये उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगे मुख्यमंत्री।
  • मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिये कुम्भ मेले के कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश।
  • साफ-सफाई एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास पर दिया जाय ध्यान।

     

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आगामी कुम्भ मेले को सुरक्षित व व्यवस्थित ढंग से संपन्न करने के लिये प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कुंभ मेले के कार्यों के संबंध में सभी आवश्यक स्वीकृतियों, कार्यों की गुणवत्ता एवं उपयोगिता आदि का प्रभावी क्रियान्वयन तत्परता के साथ सुनिश्चित किया जाए।
       कुम्भ मेले की सुरक्षा व्यवस्था हेतु मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता कर 1000 पुलिस कर्मियों तथा 20 कम्पनी पी.ए.सी. उपलब्ध कराने के लिये वार्ता करेंगे। कुम्भ मेले में यह व्यवस्था 5 से 15 अप्रैल की अवधि के लिये जरूरी होगी। मुख्यमंत्री ने कोविड-19 के दृष्टिगत सभी आवश्यक व्यवस्थायें यथा समय पर पूर्ण करने के भी निर्देश दिये हैं।
       मुख्यमंत्री ने सभी सम्बंधित विभागों से सभी स्थाई निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा अस्थाई निर्माण कार्यों को 15 मार्च तक पूर्ण करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि कुम्भ कार्यों को पूर्ण करने में कोई कठिनाई न हो इसका ध्यान रखा जाना चाहिए।
       बुधवार को सचिवालय में कुम्भ मेले की व्यव्स्थाओं के सम्बन्ध में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि कुम्भ के दृष्टिगत विभागीय स्तर पर सम्पादित होने वाली व्यवस्थाओं की एसओपी जारी करने के साथ ही डाक्यूमेन्टेशन पर ध्यान दिया जाय। उन्होंने इस सम्बन्ध में व्यापक जन जागरूकता के प्रसार पर भी बल दिया। इस अवसर पर सचिव नगर विकास श्री शैलेश बगोली ने कुम्भ मेले की व्यवस्थाओं के तहत किये जा रहे स्थायी एवं अस्थायी निर्माण कार्यों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।
       बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री अशोक कुमार, सचिव श्री नीतेश झा, विशेष सचिव मुख्यमंत्री श्री मधुकर धकाते, अपर सचिव श्री इकबाल अहमद तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी हरिद्वार, आईजी मेला तथा मेला अधिष्ठान के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • मुख्यमंत्री ने की जल जीवन मिशन की समीक्षा।
  • विभाग को दिये अर्बन जल जीवन मिशन की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश।
  • पेयजल की शुद्धता के लिये प्रत्येक ब्लाक में एवं महाविद्यालयों में स्थापित होगी वाटर टेस्टिंग लेब।
  • पानी की गुणवत्ता पर दिया जाय विशेष ध्यान।
  • प्रदेश में पानी की दिक्कत वाले क्षेत्रों को किया जाय चिन्हित, 15 मार्च तक तैयार की जाय  कार्ययोजना।   

       मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को सचिवालय में जल जीवन मिशन की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि पेयजल की शुद्धता के लिये प्रत्येक ब्लाक एवं महाविद्यालयों में वाटर टेस्टिंग लेब की स्थापना की कार्य योजना बनायी जाए। पेयजल जन स्वास्थ्य से जुड़ा मामला होने के कारण पेयजल की शुद्धता पर ध्यान दिया जाना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने गर्मी के मौसम में प्रदेश के जिन क्षेत्रों में पेयजल की कमी की आशंका रह सकती है, ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित करने की कार्यवाही भी 15 मार्च तक पूर्ण करने को कहा है। साथ ही गर्मियों में उन क्षेत्रों के लिये पेयजल उपलब्ध कराने की कार्य योजना भी बनाई जाय। मुख्यमंत्री ने नगरीय क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति हेतु अर्बन जल जीवन मिशन की भी कार्य योजना तैयार करने को कहा है।
      समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में पेयजल की उपलब्धता का लक्ष्य अविलम्ब पूर्ण किया जाय। जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जो कनेक्शन दिये जा रहे हैं, उसमें निर्धारित मानकों का पालन करते हुए लक्ष्य निर्धारित किये जाय। मुख्यमंत्री ने जलजीवन मिशन के तहत जनपद हरिद्वार एवं ऊधमसिंह नगर में संचालित किये जा रहे कार्यों में तेजी लाने को कहा। मुख्यमंत्री ने इसके लिये लक्ष्यों के साथ नियमित मॉनीटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। योजना को समय पर पूर्ण करने के लिये यदि अतिरिक्त कार्मिकों की जरूरत हो तो इसकी भी व्यवस्था तत्काल किये जाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।
      उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी भी इसकी नियमित निगरानी रखें। जल जीवन मिशन के तहत निर्धारित समयावधि में लक्ष्य पूर्ण हो, इसके लिए जल संस्थान एवं जल निगम द्वारा प्रत्येक दिन का टारगेट निर्धारित किया जाए। हर घर नल एवं शुद्ध जल के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी संबधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।
सचिव श्री नितेश झा ने  बैठक में जानकारी दी कि जल जीवन मिशन के ग्रामीण क्षेत्र में 14.26 लाख कनेक्शन दिये जाने हैं। जिसमें से 3.96 लाख कनेक्शन इस वर्ष दिये गये हैं जबकि योजना के तहत अब तक 6.13 लाख कनेक्शन दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 176.41 करोड़ स्वीकृत करने के साथ ही 145.11 करोड़ व्यय किये जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 18691 स्कूलों में से 16559 स्कूलों तथा 16853 आंगनबाड़ी में से 13444 में नल से पानी उपलब्ध कराया जा चुका है। इस वर्ष चमोली, देहरादून एवं बागेश्वर में हर घर पानी पंहुचाने का लक्ष्य रखा गया है।
       बैठक में सचिव श्री नीतेश झा, श्रीमती सौजन्या, प्रभारी सचिव श्री आर राजेश कुमार, मुख्य अभियन्ता श्री वी.के. पाण्डे, महाप्रबंधक सुश्री निलीमा गर्ग आदि उपस्थित थे।



आपात उपचार के लिए वरदान बना एम्स का हैलीपैड

                                                                                                                                                                                                       अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश का हैलीपैड ट्रामा एवं इमरजेंसी मरीजों की आपात चिकित्सा के के लिए वरदान साबित हो रहा है। बीते 5 महीने में एयर एम्बुलेंस के माध्यम से आपात उपचार के लिए 11 मरीजों को एम्स ऋषिकेश पहुंचाया जा चुका है। समय रहते अस्पताल पहुंचने से आपात स्थिति वाले इन मरीजों का जीवन बचाने में संस्थान द्वारा उपलब्ध कराई गई हैलीपैड की सुविधा मददगार सिद्ध हुई है।  

विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले पहाड़ी राज्य में सबसे बड़ी समस्या आपदाओं व दुर्घटनाओं के दौरान गंभीर घायल होने वाले और अत्यधिक अस्वस्थ लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाने की रहती है, जिससे तत्काल चिकित्सा से उनका जीवन बचाया जा सके। ऐसे में एम्स ऋषिकेश का हैलीपैड हैली एम्बुलैंस के माध्यम से यहां पहुंचाए जाने वाले उत्तराखंड के मरीजों के लिए वरदान साबित हो रहा है।
एम्स ऋषिकेश को एयर एम्बुलैंस की सुविधा से जोड़ने के उद्देश्य से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बीते वर्ष 11 अगस्त-2020 को एम्स के हैलीपैड का उद्घाटन किया था। उद्घाटन के बाद से ही पहाड़वासियों को इस सुविधा का लाभ मिलने लगा है।
इस सुविधा के शुरू होने से एयर एम्बुलैंस के माध्यम से उत्तराखंड के सुदूरवर्ती इलाकों से समय-समय पर गंभीर किस्म के मरीजों और दुर्घटनाओं में घायल होने वाले मरीजों को एम्स ऋषिकेश पहुंचाया जा रहा है।

एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने कहा कि उत्तराखंड और देश के किसी भी कोने से एयर एम्बुलैंस द्वारा मरीज को आपात चिकित्सा के लिए एम्स ऋषिकेश लाया जा सकता है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में चिकित्सा सुविधा की दृष्टि से उन्होंने इसे राज्य के लिए विशेष लाभकारी बताया। निदेशक ने बताया कि प्रसव अवस्था, दुर्घटनाओं और आपदा के दौरान घायल लोगों के अलावा ब्रेन अटैक और कार्डियक अरेस्ट के मरीजों का जीवन बचाने के लिए यह सुविधा संजीवनी से कम लाभकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि आपात स्थिति के दौरान एम्स ऋषिकेश के हैलीपैड में एक ही समय में 3 हैलीकाॅप्टर लैंड कर सकते हैं।

संस्थान के हैली एविएशन इंचार्ज और ट्रामा विशेषज्ञ डाॅ. मधुर उनियाल ने बताया कि एम्स में हैली एम्बुलैंस लैंडिंग की सुविधा शुरू होने से राज्य के दुर्गम क्षेत्रों से एम्स ऋषिकेश की दूरी कम हो गई है। उन्होंने बताया कि किसी भी आघात के दौरान जीवन बचाने के लिए मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाना बहुत जरूरी होता है। ऐसे में हवाई दूरी कम होने से अब पहाड़ के किसी भी कोने से मरीज को तत्काल एम्स लाया जा सकता है। डाॅ. उनियाल ने बताया कि नेशनल हेल्थ मिशन द्वारा भी योजना में रूचि ली जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस पहाड़ी राज्य में आपदाओं के दौरान गंभीररूप से घायल होने वाले लोगों के तत्काल उपचार में इस सुविधा से विशेष लाभ होगा और अधिकाधिक लोगों का जीवन बचाया जा सकेगा।
2 अक्टूबर 2020 से 20 फरवरी 2021 तक हैली एम्बुलैंस से एम्स पहुंचे मरीज

1- 2 अक्टूबर- पौड़ी से 55 वर्षीय ब्रेन स्ट्रोक का 1 रोगी
2- 15 अक्टूबर- पौड़ी से वाया देहरादून 44 वर्षीय पेन्क्रियाज का 1 रोगी
3- 9 दिसंबर- चमोली से कोविड पाॅजिटिव 3 रोगी
4- 10 दिसंबर – कर्णप्रयाग से 1 कोविड मरीज
5- 4 जनवरी- सहस्त्रधारा, देहरादून से गले के टाॅन्सिल से ग्रसित 5 वर्षीय बालक
6- 29 जनवरी- पौड़ी से 55 वर्षीय मुहं में सूजन का रोगी
7- 19 फरवरी- टिहरी से 28 साल की 1 गर्भवती महिला

8- 20 फरवरी- देवाल चमोली से सड़क दुर्घटना के 2 घायल मरीज

रैणी प्राकृतिक आपदा के पीड़ितोमहेतु उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा द्वार हैल्प लाईन प्रारम्भ

ग्राम रैणी, जनपद चमोली उत्तराखण्ड में दिनांक 07 फरवरी, 2021 को आई प्राकृृतिक आपदा के पीड़ितों हेतु मा. उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चमोली के सहयोग से एक पैनल अधिवक्ता एवं एक रिटेनर अधिवक्ता के माध्यम से हैल्प लाइन आरम्भ की गयी है।
मा. सिविल जज(सी.डि.)/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पौड़ी गढ़वाल इन्दु शर्मा ने कहा कि यदि कोई आपदा पीड़ित व्यक्ति या उसके परिवार का सदस्य पुर्नवास प्रतिकर अथवा अन्य विधिक बिन्दुओं पर सहायता प्राप्त करना चाहता है तो वह हैल्प लाइन मोबाइल नम्बर 9690839084 श्री अजुन शाह, एडवोकेट (जोशीमठ चमोली) पैनल लाॅयर डीएलएसए तथा मोबाइल नम्बर 9760379013 श्री ज्ञानेन्द्र खंतवाल, एडवोकेट (गोपेश्वर चमोली) रिटेनर लाॅयर डीएलएसए से सम्पर्क कर सकते हैं।

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