मुख्यमंत्री ने किया ‘”अपणि सरकार”  एवं उन्नति पोर्टल का उद्घाटन# मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने लैंसडाउन में सैनिक सम्मान समारोह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शहीद सैनिकों के परिवार जनों को ताम्रपत्र और शॉल देकर सम्मानित किया # वर्ष 2021-22 से सभी विभागों के अधिकारियों की एसीआर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लिखी जायेंगी। #राष्ट्रीय लोक अदालत 11 दिसंबर 2021 को आयोजित होगी-Janswar.com

 

-अरुणाभ रतूड़ी

 

  • मुख्यमंत्री ने किया ‘”अपणि सरकार”  एवं उन्नति पोर्टल का उद्घाटन
  • अब एक क्लिक पर मिलेगी 75 सेवाएँ- मुख्यमंत्री
  • अपणि सरकार पोर्टल से तय समय सीमा में होंगे काम
  • गुड गवर्नेंस के तहत तय होगी जवाबदेही
  • मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से लिए लोगों के सुझाव  

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को आई.आर.डी.टी. सभागार में ‘”अपणि सरकार” एवं उन्नति पोर्टल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों से जिन लोगों ने अपने प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाई, उनसे बात भी की और उनसे सुझाव भी लिए। अपणि सरकार पोर्टल के माध्यम से उन्नति पोर्टल के माध्यम से मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करेंगे। उन्नति पोर्टल के माध्यम से शासन स्तर पर मुख्य सचिव एवं विभागीय सचिव तथा जिला स्तर पर जिलाधिकारियों तक डैशबोर्ड बनाया गया है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अपणि सरकार, पोर्टल के जरिए अब एक क्लिक पर 09 विभागों की 75 सेवाओं का लाभ आमजन ऑनलाइन माध्यम से घर बैठे ले सकते हैं। सुशासन की दिशा में यह बड़ा प्रयास है। इस पोर्टल के माध्यम से आम नागरिक जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, सहित कुल 75 सेवाओं का लाभ घर बैठे उठा सकेगें। प्रदेशवासियों को वे सेवाएं घर बैठे मिल सकेंगी जिनके लिए उन्हें ऑफिसों के चक्कर काटने पड़ते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन ऑनलाईन सेवाओं के शुरू होने से लोगों को आवश्यक प्रमाण पत्र सुगमता से प्राप्त होंगे। समय और खर्चे की भी बचत होगी।  सभी प्रमाण पत्र डिजी लॉकर में एकीकृत एवं संग्रहित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से प्रगति कर रहा है। वैश्विक स्तर पर भारत की एक अलग पहचान बनी है। पिछले सात सालों में देश की कार्य संस्कृति में तेजी से परिवर्तन हुआ है। तकनीक का तेजी से विस्तार हुआ है। समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। प्रदेश में भी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के पद्चिन्हों पर चलकर कार्य किये जा रहे हैं। प्रदेश में दुर्गम क्षेत्रों में कनेक्टिविटी के सुधार पर और प्रयासों की जरूरत है, इस दिशा में सरकार प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब से मुझे मुख्य सेवक की जिम्मेदारी मिली है, तब से हमने सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण व संतुष्टि के मूल मंत्र को अपनाने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री से वर्चुअल बातचीत के दौरान सुश्री कमला राणा ने सुझाव दिया कि जन समस्याओं की त्वरित समाधान और प्रमाण पत्रों के लिए ग्राम सभाओं में कैंप लगाये जाने चाहिए। टिहरी के प्रणव रावत ने सुझाव दिये कि सरकार द्वारा ऑनलाईन माध्यम से दी जाने वाली सुविधाएं प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों के लोगों तक पहुंचे, इसके लिए विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार होना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से पिथौरागढ़ की सुश्री निशा, हरिद्वार से सुश्री उपासना सिंह ने भी बातचीत की।
मेयर देहरादून श्री सुनील उनियाल गामा ने कहा कि आज जिन दो पोर्टल का मुख्यमंत्री द्वारा शुभारंभ किया गया है। इससे जनसुविधाएं सुलभ होंगी। पं. दीनदयाल उपाध्याय जी ने अन्त्योदय का जो संदेश दिया, इस दिशा में यह सराहनीय प्रयास है। विभागों में समन्वय के लिए भी ये पोर्टल बहुत कारगर साबित होंगे। उन्नति पोर्टल के माध्यम से सभी विभागों की परियोजना, उसकी निगरानी एवं वर्तमान परियोजना की स्थिति की जानकारी को प्राप्त की जा सकती है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के अपर प्रमुख सचिव श्री अभिनव कुमार, सचिव श्री अरविन्द सिंह ह्यांकी, विशेष सचिव श्री पराग मधुकर धकाते, निदेशक आई.टी.डी.ए. श्री आशीष कुमार श्रीवास्तव, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आर. राजेश कुमार  एवं वर्चुअल माध्यम से विधायकगण एवं सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे


प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ हरक सिंह रावत द्वारा आज नगर निगम प्रेक्षागृह लैंसडाउन में जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय लैंसडाउन द्वारा आयोजित सैनिक सम्मान समारोह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग कर शहीद सैनिकों के परिवार जनों को ताम्रपत्र और शॉल देकर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर शहीद सैनिकों के परिजनों को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री डॉ हरक सिंह रावत ने कहा राज्य सरकार सैनिकों को सम्मान देने के लिए कोई कमी नहीं छोड़ेगी, शहीदों के परिजनों को सम्मान देने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में जगह-जगह सैनिक सम्मान समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। कहा कि देहरादून में देश का विशाल शहीद स्मारक बन रहा है, उसकी नींव में उत्तराखंड के प्रत्येक शहीद के घर आंगन की मिट्टी उसके गांव से लाकर उसके नींव में भरने का काम राज्य सरकार कर रही है। कहा कि इससे हमारी आने वाली पीढ़ियां जब शहीद स्मारक को देखेंगी तब उन  वीर शहीद सैनिकों को उनके परिवारजनों को और गांव को याद करेगी। कहा कि जिन गांव के आंगन में यह वीर सैनिक खेले, बड़े हुए थे और देश की रक्षा के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान कर दिया। यह स्मारक हमारे वीर सैनिकों की महान शहादत को हमेशा याद दिलाने का काम करेगा, हमारे वीर सैनिकों ने हमारे भविष्य के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी, जिससे यह देश आज अखंडता के साथ खड़े होकर विश्व गुरु बनने निकला है। कहा कि किसी भी शहीद परिवार और किसी भी सैनिक परिवार को किसी प्रकार का कोई दुख तकलीफ ना हो और उसके लिए राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।
कार्यक्रम में जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी सेवानिवृत्त कर्नल ओम प्रकाश फरसवान, जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास सहायक कल्याण अधिकारी बलूनी सहित मुन्नालाल मिश्रा, गजेंद्र मोहन धस्माना, रामकुमार अग्रवाल ,ताजवर सिंह बिष्ट ,दौलत सिंह रावत ,रश्मि सिंह, रेनू कोटनाला ,बृजपाल सिंह, हरिराज सिंह चौहान ,रानी नेगी ,आशा बलूनी ,राकेश मित्तल, धर्मवीर सिंह गुसाईं आदि उपस्थित रहे।

 


मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि विभाग द्वारा वर्ष 2021-22 से अपने अधिकारियों की एसीआर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लिखी जाएं। उन्होंने कहा कि इस सुविधा को राज्य सरकार द्वारा मॉडल के रूप में प्रदेश के पीसीएस अधिकारियों के लिए प्रदेश में लागू किया गया है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि सभी विभाग द्वारा अपनी विभागीय आवश्यकताओं के अनुसार इस प्रारूप को मॉडिफाई करते हुए अपने विभागों में लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे एसीआर लिखे जाने की प्रक्रिया को निर्धारित समय में पूर्ण किया जा सकेगा। विभागों द्वारा इस पहल के क्रियान्वयन की मुख्य सचिव द्वारा लगातार समीक्षा की जाएगी।
मुख्य सचिव डॉ. सन्धु द्वारा अधिकारियों को दिए गए निर्देश के अनुक्रम में सचिव कार्मिक श्री अरविन्द सिंह ह्यांकी द्वारा उत्तराखण्ड प्रान्तीय सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) के अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि आई.एफ.एम.एस. पोर्टल पर ऑनलाइन किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड प्रान्तीय सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) के अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि का अंकन वर्ष 2021-22 से ऑनलाइन प्रक्रिया हेतु समय-सीमा भी निर्धारित की गयी है, ताकि वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि निर्धारित समय-सीमा के अन्तर्गत पूर्ण की जा सके।
सचिव श्री ह्यांकी ने बताया कि प्रशासकीय/कार्मिक विभाग द्वारा ऑनलाइन मूलभूत सूचनाएं@ work flow निर्गत किए जाने की अंतिम तिथि 31 मई एवं सम्बन्धित अधिकारी द्वारा स्वमूल्यांकन आख्या अंकित किए जाने की अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित की गयी है। प्रतिवेदक प्राधिकारी द्वारा मन्तव्य अंकित किए जाने की अंतिम तिथि 31 जुलाई एवं स्वीकर्ता प्राधिकारी द्वारा मन्तव्य अंकित करने की तिथि 30 सितम्बर निर्धारित की गयी है। इसके साथ ही सम्बन्धित अधिकारी को वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि संसूचित किए जाने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर निर्धारित की गयी है।
    सचिव श्री ह्यांकी जारी आदेश में बताया कि यदि सम्बन्धित अधिकारी द्वारा स्वमूल्यांकन आख्या निर्धारित समयावधि में अंकित नहीं की जाती है तो ऐसी स्थिति में वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि पोर्टल द्वारा स्वतः ही प्रतिवेदक अधिकारी को और तदनुसार ही समीक्षक एवं स्वीकर्ता प्राधिकारी को भी निर्धारित समय सारणी के उपरान्त स्वतः ही पोर्टल द्वारा अग्रसारित हो जाएगी। प्रत्येक स्तर पर निर्धारित समय-सीमा के अन्तर्गत सम्बन्धित अधिकारी की वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि के उपरोक्तानुसार संचरण की पोर्टल जनित सूचना एसएमएस व ई-मेल के माध्यम से सम्बन्धित अधिकारियों को भी प्राप्त होगी। उन्होंने बताया कि यदि सम्बन्धित अधिकारी द्वारा नियत तिथि के अन्दर स्वमूल्यांकन आख्या अंकित नहीं की जाती है तो प्रतिवेदक अधिकारी द्वारा इसका उल्लेख अपने मन्तव्य में किया जाएगा और इस विषय में टिप्पणी सम्बन्धित सक्षम प्राधिकारी/अधिष्ठान द्वारा सम्बन्धित अधिकारी की सेवा पुस्तिका/ व्यक्तिगत पत्रावली में संरक्षित की जाएगी। इसके साथ ही, यदि प्रतिवेदक/ समीक्षक /स्वीकर्ता प्राधिकारी समय से प्रविष्टि अंकन सम्बन्धी अपने दायित्व निवर्हन में विफल रहते हैं तो इस विषय में टिप्पणी भी सम्बन्धित सक्षम प्राधिकारी/अधिष्ठान द्वारा सम्बन्धित प्रतिवेदक/समीक्षक/स्वीकर्ता प्राधिकारी की सेवा पुस्तिका/व्यक्तिगत पत्रावली में संरक्षित की जाएगी।
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राष्ट्रीय लोक अदालत 11 दिसंबर 2021 को आयोजित होगी

उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव श्री आर के खुल्बे द्वारा जानकारी दी गई है कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा प्रदेश में दिसंबर माह के द्वितीय शनिवार 11 दिसंबर 2021 को राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन का अनुमोदन किया गया है । इसी क्रम में उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के माननीय चेयरमैन द्वारा उत्तराखंड में सभी जिला और वाह्य ( outlying  ) अदालतों में 11 दिसंबर को लोक अदालत के आयोजन का निर्णय लिया गया है । यह लोक अदालतें माननीय उच्च न्यायालय के साथ-साथ श्रम न्यायालयों, राज्य और जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोगों और डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल देहरादून में भी आयोजित की जाएंगी।

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