मुख्यमंत्री आवास में भोजपुरी फिल्म ‘जान’का मुहुर्त शार्ट लिया गया।##मुख्य सचिव ने नीति आयोग की प्रस्तावित बैठक की तैयारी की बैठक ली। ##डीजी लॉ एण्ड ऑर्डर ने महिला हेल्पलाईन व वरिष्ठ नागरिक सैल की समीक्षा।## जिलाधिकारी ने यातायात नगर की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। पढिए Janswar.Com में।

समाचार प्रस्तुति-नागेन्द्र प्रसाद रतूड़ी।

मुख्यमंत्री आवास में भोजपुरी फिल्म ‘जान’का मुहुर्त शार्ट लिया गया।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखंड में डी आर जे फिल्मस् के बैनर तले बन रही भोजपुरी फिल्म ‘‘जान’’ का मुहुर्त शाॅट लिया। इस फिल्म की शूटिंग उत्तराखण्ड के चकराता, विकासनगर, चैपता, पुरोला, हरिद्वार एवं ऋषिकेश में लगभग एक माह तक की जायेगी। फिल्म के मुख्य कलाकार अरविंद अकेला, निधि झा, अमित शुक्ला, समर्थ चतुर्वेदी एवं राजेश मलगुडी हैं।
 इस अवसर पर फिल्म के प्रड्यूसर श्री राज जयसवाल, डायरेक्टर श्री अरविंद चैबे, श्री संजय सोनानी, श्री देबू रावत, श्री अजय मल्ल, श्री रविचंद्रन, श्री अनुज कुमार झा उपस्थित रहे।
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मुख्य सचिव ने नीति आयोग की प्रस्तावित बैठक की तैयारी की बैठक ली।

नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा उत्तराखण्ड राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों से हो रहे पलायन को रोकने के सम्बन्ध में सदस्य नीति आयोग, भारत सरकार का उत्तराखण्ड राज्य में माह दिसम्बर में प्रस्तावित बैठक की तैयारी हेतु मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को  बैठक आयोजित हुई।
बैठ़क में राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन रोकने के सम्बन्ध में किए जा रहे प्रयासों तथा भविष्य की कार्ययोजना पर चिकित्सा, वन, शिक्षा, ग्राम्य विकास, लोक निर्माण विभाग, पेयजल, सिंचाई, लघु सिंचाई, कृषि, खाद्य एवं रसद, पर्यटक, उद्योग तथा कौशल विकास विभागो के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। विभागों द्वारा पलायन रोकने हेतु कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण किया गया।
बैठक के आरम्भ में मुख्य सचिव द्वारा निर्देशित किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों विशेषकर सीमान्त विकासखण्ड के गांवों का पलायन रोकने के लिए विभाग में संचालित योजनाओं पर ठोस कार्ययोजना नीति आयोग के समक्ष प्रस्तुत करें। उन्होंने सीमान्त विकासखण्ड के 50 प्रतिशत से अधिक पलायन वाले चिन्ह्ति 284 गांवों में रोजगार परक एवं आर्थिक संसाधन बढ़ाने से सम्बन्धित कार्यों को कार्ययोजना मे शामिल करने के निर्देश दिये। उन्होंने पलायन आयोग द्वारा दी गई संस्तुतियों को समावेशित करते हुए इन चिन्ह्ति गांवों को ध्यान में रखकर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये।
पलायन आयोग के उपाध्यक्ष श्री एस.एस.नेगी द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग ईकाई एवं आजिविका/रोजगार सृजन आधारित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में प्रभावी पैरवी करने की मुख्य सचिव से अपेक्षा की गई। उन्होंने कहा कि पलायन वाले गांवों में युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर एमएसएमई के माध्यम से दिलाये जा सकते हैं और पूर्व में इस योजना से पलायन रोकने में बेहतर परिणाम आये हैं।
वित्त सचिव श्री अमित नेगी ने नीति आयोग के समक्ष ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अधिक पलायन वाले गांवों में जीवन निर्वाह/रोजगार सृजन, गुणवत्ता युक्त शिक्षा, बेहतर चिकित्सा सेवाएं देने हेतु सम्बन्घित विभाग ठोस कार्ययोजना बनाएं।  
प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास श्रीमती मनीषा पंवार द्वारा अवगत कराया गया कि विभाग द्वारा पलायन रोकने के लिए कार्ययोजना में मनरेगा के अन्तर्गत 100 दिन का रोजगार शत् प्रतिशत सुनिश्चित करने के लिए पंजीकरण, क्षेत्र की आवश्यकता के अनुसार तकनीकि प्रशिक्षण एवं नियोजन, दक्ष युवाओं को प्लेसमेंट सुविधा दिलाने को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि ग्राम्य विकास विभाग द्वारा नई योजना के अन्तर्गत विभाग में 15 ग्रोथ सेन्टर स्थापित किये गये हैं तथा आवश्यकता अनुसार इनकी स्थापना का कार्य गतिमान है।
पर्यटन सचिव श्री दिलीप जावलकर द्वारा कार्ययोजना के प्रस्तुतीकरण के दौरान अवगत कराया गया कि पलायन के दृष्टिगत पर्यटन विभाग द्वारा होम स्टे योजना के प्रोत्साहन एवं नये पर्यटक स्थल एवं उनके स्थापना विकास, पर्यटन कार्यकलापों में स्थानीय युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किये जा रहे हैं।
निदेशक उद्योग श्री सुधीर नौटियाल द्वारा बताया गया कि उद्योग विभाग द्वारा 50 प्रतिशत से अधिक पलायन वाले चिन्ह्ति गांवों में एमएसएमई योजनाओं का प्रचार प्रसार एवं सुविधा को कार्ययोजना में लिया गया है। उन्होंने बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकेबिल प्रोजेक्ट की आवश्यकता को देखते हुए युवाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है तथा विभाग द्वारा 12 ग्रोथ सेन्टर भी स्थापित किये गये हैं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री ओम प्रकाश द्वारा लोक निर्माण विभाग की योजनाओं पर प्रकाश डाला गया। बैठक में प्रमुख सचिव श्री आनन्द वर्द्धन, प्रमुख वन संरक्षक श्री जयराज, सचिव शिक्षा श्री आर0मीनाक्षी सुन्दरम, अपर सचिव पर्यटन श्रीमती सोनिका सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।
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डीजी लॉ एण्ड ऑर्डर ने महिला हेल्पलाईन व वरिष्ठ नागरिक सैल की समीक्षा।

डीजी लॉ एण्ड ऑर्डर अशोक कुमार (भा.पु.से.) की अध्यक्षता में पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में बैठक आयोजित कर महिला हेल्पलाइन, महिला सहायता सैल 1090 एवं वरिष्ठ नागरिक सैल के कार्यों में गुणवत्ता लाने और जनता में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से इनके कार्यों की समीक्षा की गई।

डीजी लॉ एण्ड ऑर्डर ने कहा कि महिला उत्पीड़न की घटनाओं की रोकथाम एवं महिला उत्पीड़न संबंधी सूचना पर तत्काल कार्यवाही करने के लिए प्रत्येक जनपद में महिला हेल्पलाइन एवं महिला सहायता सैल 1090 स्थापित किये गये हैं, जिनकी सक्रियता को बढ़ाने, कार्यों में एकरूपता लाने एवं सैलों को संवदेनशीलता के साथ प्रभावी रूप से कार्य करने की जरूरत है। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं के सम्बन्ध में भी संवदेनशीलता बढ़ाने की आवश्यकता है। महिला सम्बन्धी प्रकरणों में किसी भी स्तर पर की गई कोताही बर्दाशत नहीं की जाएगी।
उनके द्वारा बैठक में निम्न बिन्दुओं पर दिशा-निर्देश दिये गये-
जनपदों में महिलाओं, बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों की सहायता हेतु एक ही राजपत्रित नोडल अधिकारी को नियुक्त किये जाने,महिला सहायता सैल 1090 को “महिला सुरक्षा हेल्पलाइन” नाम दिया जाने,महिला सुरक्षा हेल्पलाइन 1090 की काॅल केवल महिला कर्मियों द्वारा ही रिसीव करने, जनपद प्रभारियों द्वारा मासिक अपराध गोष्ठी में महिला हेल्पलाइन एवं महिला सुरक्षा हेल्पलाइन 1090 के कार्यों की समीक्षा करने,प्रत्येक थाना/चौकी/पुलिस कार्यालयों में पोस्टर एवं पोम्पलेट के माध्यम से महिला सुरक्षा हेल्पलाइन 1090 एवं इमरजेन्सी सेवा 112 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने व सोशल मीडिया के माध्यम से भी इनका प्रचार-प्रसार करने,महिला एवं छात्राओं के प्रति हो रहे अपराधों के बारे में उन्हें जागरूक करने हेतु जनपद प्रभारियों द्वारा प्रत्येक माह स्कूल/काॅलेजों में महिला सुरक्षा के सम्बन्ध में सेमीनार आयोजित करने,महिला हेल्पलाइन में काउंसलिंग प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से न बढ़ाये जाने किसी भी प्रकरण में अधिकतम 3 काउंसलिंग या 02 माह तक काउंसलिंग करने,महिला हेल्पलाइन से काउंसलिंग के पश्चात अभियोग पंजीकृत करने हेतु थाने को भेजे गये प्रकरण में तत्काल अभियोग पंजीकृत किया करने,वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं के निस्तारण एवं उन्हें हर संभव मदद पहुंचाने के लिए प्रत्येक जनपद में अलग से वरिष्ठ नागरिक सेल गठित किये जानेऔर इमरजेन्सी सेवा 112 एवं 1090 हेल्पलाइन वरिष्ठ नागरिकों हेतु भी कार्य करने के निर्देश दिये।

साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि पुलिस मुख्यालय स्तर पर महिला हेल्पलाइन, महिला सुरक्षा हेल्पलाइन 1090 एवं वरिष्ठ नागरिक सैल की मासिक समीक्षा की जाएगी।
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जिलाधिकारी ने यातायात नगर की व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

यातायात नगर की सभी व्यवस्थाऐं दुरुस्त हों और यातायात नगर की स्थापना अपने उद्देश्यों की पूर्ति में सफल हो। यह बात जिलाधिकारी श्री सविन बंसल ने शुक्रवार की देर सांय कैम्प कार्यालय मेें यातायात नगर की व्यवस्थाओं की बैठक लेते हुए कही।
श्री बंसल ने यातायात नगर की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए नोटिस जारी होने के बावजूद अवैध रूप से खड़े वाहनों के मालिकों द्वारा अभी तक अपने वाहन नहीं हटाए गए हैं, ऐसे वाहनों को नियमानुसार नीलाम करना सुनिश्चित करें। उन्होंने अवैध रूप से खड़े वाहनों की नीलामी के लिए वाहनों का मूल्यांकन 20 दिसम्बर तक करने के निर्देश परिवहन विभाग के अधिकारियों को दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन व्यक्तियों की डाक निर्धारित पतों पर रिसीव नहीं हुई हैं, उन्हें सूचित करने के लिए एक बार और किसी अन्य विकल्प का उपयोग किया जाए। उन्होंने यातायात नगर में अवैध रूप से खड़े वाहनों को 5 जनवरी के बाद नीलाम करने की सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह तथा एआरटीओ गुरदेव सिंह को दिए।
श्री बंसल ने यातायात नगर में आवंटित दुकानों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि नियमानुसार संचालित न हो रही दुकानों के आवंटन निरस्त करते हुए दुकानों को पुनः नीलाम करने की कार्यवाही अमल में लाई जाए। उन्होंने नियमानुसार संचालित न होने वाली दुकानों के आवंटन निरस्तीकरण के लिए अपर जिलाधिकारी प्रशासन केएस टोलिया की अध्यक्षता वाली 3 सदस्यीय टीम का गठन किया जिसमें जिला विकास प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता, अधिशासी अभियंता लोनिवि, व मुख्य विकास अधिकारी को नामित किया। उन्होंने सभी श्रेणी के दुकानदारों को अन्तिम अवसर प्रदान करते हुए टाईम से सुनवाई पूरी करने के निर्देश दिए ताकि दुकानों का निरस्तीकरण एवं आवंटन शीघ्रता से किया जा सके। उन्होंने आवंटन निरीस्तीकरण वाली दुकानों पर समय से कब्जा लेने के निर्देश सिटी मजिस्ट्रेट को दिए। उन्होंने नियमानुसार 273 दुकानधारकों को आरसी जारी करने एवं 640 दुकानदारों को नोटिस जारी करने के भी निर्देश सिटी मजिस्ट्रेट को दिए। उन्होंने यातायात नगर के कार्यों के सफल संचालन के लिए दैनिक मजदूरी पर 2 कम्प्यूटर आॅपरेटर रखने के भी निर्देश दिए।
बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह ने बताया कि यातायात नगर में 183 वाहन अवैध रूपे खड़े हुए हैं, जिनमें से 75 वाहन मालिकों के पते पर नोटिस भेजा गया है, जबकि 108 वाहनों के स्वामियों का कोई पता न होने के कारण नोटिस चस्पा किया गया है। उन्होंने बताया कि 33 वाहन स्वामियों की डाक उनके निर्धारित पते से वापस आ चुकी है। अधिशासी अभियंता विद्युत अमित आनन्द ने बताया कि बरसात में उत्पन्न होने वाले खतरों को ध्यान में रखते हुए यातायात नगर में ध्वस्त अण्डर ग्राउण्ड विद्युत लाईनों की मरम्मत के स्थान पर ओवर हैड विद्युत लाईन बिछादी गई है। यातायात नगर में वाहनो के आवागमन को देखते हुए ओवर हैड लाईन में एरियर बंच कण्डक्टर का उपयोग किया गया है ताकि वाहनों का आवागमन सुरक्षित रहे। उन्होंने बताया कि यातायात नगर में विद्युत आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए 102 विद्युत पोल लगाए गए हैं।
बैठक में मुख्य कोषाधिकारी अनिता आर्या, मुख्य नगर आयुक्त सीएस मर्तोलिया, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, एआरटीओ गुरदेव सिंह, अधिशासी अभियंता विद्युत अमित आनन्द, लोनिवि हिम्मत सिंह रावत आदि मौजूद थे।

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