मुख्यमंत्रीने आज ऋषिकेश -कर्णप्रयाग रेललाईन कार्य प्रगति की समीक्षा व परेडग्राउण्ड में 5 इलैक्ट्रिक बसों को दिखाई हरी झंडी।#परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने परिवहन विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। पढिए Janswar.com में

मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने मंगलवार को सचिवालय में रेल विकास निगम के अधिकारियों से ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाईन प्रोजक्ट की कार्य प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल लाईन के कार्यों में तेजी लाई जाय। इसको निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जाय। 2024 तक इस रेल लाईन निर्माण को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यों में तेजी लाने के लिए राज्य सरकार की ओर से जो भी मदद की जरूरत होगी, वह दी जायेगी।
रेल विकास निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक श्री हिंमाशु बडोनी ने जानकारी दी कि 125 किमी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाईन पर 12 स्टेशन व 17 टनल बनाये जा रहे हैं।  मुख्य सुरंगों के कार्यों में तेजी लाने के लिए 10 कार्य स्थलों के लिए 12 किमी की एप्रोच रोड का निर्माण पूर्ण हो चुका है। जबकि 07 में से 06 एडिट टनल का कार्य पूर्ण हो चुका है। इस रेल लाईन में 18 बड़े एवं 36 छोटे ब्रिज के निर्माण किये जा रहे हैं। चन्द्रभागा ब्रिज का निर्माण पूर्ण हो चुका है। शेष सभी पर कार्य चल रहा है। मार्च 2024 तक इनका निर्माण पूर्ण किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। रेल विकास निगम द्वारा इसके अलावा राज्य के कल्याण हेतु श्रीनगर में हॉस्पिटल बिल्डिंग,हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर टॉयलेट ब्लॉक, गौचर एवं कालेश्वर में रोड ब्रिज, श्रीकोट (श्रीनगर) में स्टेडियम बनाया जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार श्री शत्रुघ्न सिंह, विशेष कार्याधिकारी श्री जे. सुंद्रियाल, सचिव श्री आर.मीनाक्षी सुंदरम, श्री एस.एन पाण्डेय, जियोलॉजिस्ट रेल विकास निगम श्री विजय डंगवाल आदि उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने मंगलवार को परेड ग्राउंड देहरादून में स्मार्ट सिटी योजना के अन्तर्गत संचालित की जाने वाले 05 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झण्डी दिखाई एवं स्मार्ट टॉयलेट का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने आज जिन 05 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झण्डी दिखाई ये रायपुर से सेलाकुई रूट की बसें हैं।
मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि इन इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से लोगों को आवागमन में सुविधा होगी और इनसे प्रदूषण भी नहीं होगा। ये सभी बसें वातानुकूलित हैं। इनमें यात्रियों की सुविधा के दृष्टिगत आपातकालीन बटन, इमरजेंसी हैमर, हर सीट पर यूएबी पोर्ट एवं दिव्यांग व्यक्तियों के लिए व्हील चेयर खड़ी करने के लिए स्थान की सुविधा दी गई है।
सीईओ स्मार्ट सिटी/ जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि इन बसों की बैट्री पूरी चार्ज होने के बाद एक समय में 180 किमी चल सकती है। इन बसों में जीपीएस सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, अग्निशमन यंत्र एवं रिजनरेशन सिस्टम एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध है।
इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री श्री वंशीधर भगत, सांसद श्रीमती माला राज्यलक्ष्मी शाह, मेयर श्री सुनील उनियाल गामा, विधायक श्री हरबंस कपूर, श्री सहदेव सिंह पुण्डीर, खजान दास, उमेश शर्मा काऊ आदि उपस्थित थे।

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प्रदेश के परिवहन मंत्री यशपाल आर्य द्वारा परिवहन विभाग से सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों के साथ विधान सभा कक्ष में बैठक की समीक्षा की गयी।

बैठक में परिवहन निगम को घाटे से निकालने के लिए हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिये। इस सम्बन्ध में सामूहिक प्रयास पर बल देते हुए बचत के लिए खर्च में कटौती और आय बढाने का प्रयास करने के निर्देश दिये, ताकि समय पर वेतन भत्ते का लाभ दिया जा सके। निगम के कर्मचारी, चालक, परिचालक इत्यादि के कोविड के कारण मृत्यु होने पर दिये जाने वाली विभागीय सहायता राशि के संदर्भ में बैठक करने के निर्देश दिये।
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम से उत्तराखण्ड परिवहन निगम को प्राप्त होने वाली परिसम्पत्तियों के संदर्भ में मजबूत पैरोकारी नही करने पर असन्तोष व्यक्त किया। परिवहन विभाग से सम्बन्धित उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड के मध्य सम्पत्ति का विवाद आपसी समन्वय और बातचीत से हल करने का निर्देश दिये। इस संदर्भ में प्रभावी कार्य करने के निर्देश दिये। परिवहन निगम के अन्तर्गत एकत्रित स्क्रैब की नीलामी को समय से करने के निर्देश दिये गये ।
उत्तराखण्ड परिवहन निगम के द्वारा बैंक से लिये जाने वाली 175 करोड लोन को चुकाने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये गये। बैठक में लोन लेने की प्रवृत्ति को हतोत्साहित करने के और खर्चो में कटौती, संचालन सुधार, बिना टिकट यात्रा करा रहे परिचालको के विरूद्ध कठोर कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। इसके अलावा निगम के ढाॅचे की पुर्न संरचना एवं कार्मिको के हितों के सम्बन्ध में निर्णय लेने के निर्देश दिये गये, जिससे कार्मिकों के पूरी क्षमता का उपयोग किया जा सके। निगम की स्थिति के सुधार के लिए बसों में डीजल के स्थान पर सीएनजी किट लगाये जाने के सम्बन्ध में त्वारित गति से कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
बैठक में हरिद्वार रोड स्थित पूरानी कार्यशाल को ट्रांसपोर्ट नगर में प्रस्तावित कार्यशाला में शिफ्ट करने के सम्बन्ध में जानकारी ली गई। बैठक में बताया गया कि इस हेतु लगभग 02 करोड की धनराशि निर्माण कार्य के लिए जरूरी होगी, जिसे 06 माह के भीतर पूर्ण करा दिया जायेगा। उक्त धनराशि शासन से धन की माॅग हेतु डीपीआर निर्माण के लिए निर्देश दिये गये। बैठक में सचिव परिवहन को निर्माणधीन भवन के लिए आवश्यक धनराशि अविलम्ब अवमुक्त करने के निर्देश दिये।
इस अवसर पर बैठक में इस अवसर पर सचिव परिवहन रणजीत सिन्हा, अपर सचिव आनन्द श्रीवास्तव, एम0डी0 परिवहन अभिषेक रौहिला, महाप्रबन्धक उत्तराखण्ड परिवहन निगम दीपक जैन, सहायक अभियन्ता उत्तराखण्ड परिवहन निगम प्रमोद कुमार दीक्षित, उप सचिव परिवहन आशुतोष शुक्ला आदि सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

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