मुख्यमंंत्री ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय के 40वें ज्ञानदीक्षा समारोह में प्रतिभाग  किया किया।#एम्स ऋषिकेश ने मुनिकीरेती में नेत्र जांच व नेत्रदान शिविर लगाया।#जिलाधिकारी ने स्वयं डूंगरीपंथ-छांतीखाल मोटर मार्ग की गुणवत्ता का वर्नियर कैलिपर्स से किया आंकलन-www.janswar.com

-अरुणाभ रतूड़ी

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में देव संस्कृति विश्वविद्यालय के 40वें ज्ञानदीक्षा समारोह में प्रतिभाग  किया किया।  मुख्यमंत्री ने सभी छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि सभी छात्र अपने परिश्रम से इस ज्ञान की गंगोत्री को सफल बनाते हुए आगे बढ़ाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि इस परमधाम में इस मौके पर आने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में पूरा विश्व भारत की ओर देख रहा है। प्रतिवर्ष 21 जून को आयोजित होने वाला योग दिवस इसका एक उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सबको यहाँ बुलाया गया है, आप सब विशिष्ट कार्य के लिए बने हैं। मुख्यमंत्री ने छात्रों से आह्वान करते हुए कहा कि हम सब को यह संकल्प लेना चाहिए कि इस ज्ञान की गंगा के प्रभाव को कम नहीं होने देंगे और नए भारत को बनाने में सभी योगदान देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा हम सब के पास आने वाले 25 वर्षों में अमृत काल को स्वर्णिम अक्षरों में लिखने का मौका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने न्यू इंडिया का जो सपना देखा है हम सबको उस सपने को साकार करने में अपना योगदान देना है।
मुख्यमंत्री ने गायत्री परिवार के संस्थापक आचार्य श्रीराम शर्मा जी को याद करते हुए कहा कि इस संसार में बहुत कम गिने-चुने लोग हैं जिन्होंने अपने विचारों से करोड़ों लोगों का जीवन बदला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आचार्य श्रीराम शर्मा जी द्वारा समाज में जनजागृति लाने का पुनीत कार्य भी किया गया।
कार्यक्रम में देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. प्रणव पण्ड्या ने आनलाइन जुडकर समारोह की अध्यक्षता की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ज्ञानदीक्षा संस्कार विद्यार्थियों को नवजीवन प्रदान करने वाला है। जीवन में आध्यात्मिकता को उतारने का यह श्रेष्ठ अवसर है। उन्होंने कहा कि यहाँ पाठ्यक्रम के अलावा जीवन जीने की कला सिखाई जाती है, जो विद्यार्थियों को ऊँचा उठाने में सहायक है।
कार्यक्रम में कुलपति श्री शरद पारधी, प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या, देश-विदेश से आये विद्यार्थी एवं उनके अभिभावकगण मौजूद रहे।

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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स) ऋषिकेश में आयोजित 37 वें नेत्रदान पखवाड़े के तहत मुनिकीरेती क्षेत्र में नेत्र परीक्षण शिविरि का आयोजन किया गया। शिविर में संस्थान के चिकित्सकों ने 70 लोगों का नेत्र परीक्षण किया, साथ ही उन्हें दवा का वितरण भी किया गया। नेत्रदान पखवाड़े के तहत एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर (डॉ) मीनू सिंह के मार्गदर्शन में एम्स के नेत्र रोग विभाग व कम्युनिटी एंड फेमिली मेडिसिन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में मुनिकीरेती कैलासगेट स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में नेत्र परीक्षण एवं नेत्रदान जनजागरुकता शिविर आयोजित किया गया, जिसमें संस्थान के चिकित्सकों ने मरीजों की आंखों की जांच की व जरुरतमंद लोगों को दवा के साथ ही चश्मे के नंबर वितरित किए।
इस दौरान 40 लोगों को नेत्रदान की प्रतिज्ञा दिलाई।
आयोजन में सीएफएम विभागाध्यक्ष प्रोफेसर वर्तिका सक्सेना व आउटरीच सेल के नोडल अधिकारी डॉक्टर संतोष कुमार का विशेष सहयोग रहा। शिविर में डा. अनुराग सिंघला, ज्योति कुशवाहा शामिल थे

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जिलाधिकारी ने स्वयं डूंगरीपंथ-छांतीखाल मोटर मार्ग की गुणवत्ता का वर्नियर कैलिपर्स से किया आंकलन‘‘

‘‘उन्होंने लोनिवि अधिकारी को पैचवर्क कार्य करने के दिये निर्देश‘‘

‘‘जिलाधिकारी ने जनासू में रेलवे कार्यों का भी किया निरीक्षण‘‘

जिलाधिकारी डॉ0 विजय कुमार जोगदण्डे ने डूंगरीपंथ-छांतीखाल मोटर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मोटर मार्ग के किलोमीटर 1 व 3 पर 30×30 सेमी रोड खुदवाकर सड़क की गुणवत्ता का जायजा लिया। इस दौरान जिलाधिकारी ने स्वयं वर्नियर कैलिपर्स के माध्यम से सैंपल की मोटाई का आंकलन किया। गौरतलब है की डूंगरीपंथ-छांतीखाल मोटर मार्ग की गुणवत्ता को लेकर की गई जांच रिपोर्ट शासन स्तर पर निर्णय हेतु विचाराधीन है।
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता लोनिवि श्रीनगर को निर्देश दिए कि जांच रिपोर्ट पर शासन स्तर से निर्णय आने का समय तय नहीं है, इसलिए जनसमस्याओं के मद्देनजर मोटरमार्ग के गड्ढों का पैचवर्क कार्य करवाना सुनिश्चित करें। जिससे मोटर मार्ग पर यातायात के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सकेगा। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान लिए गए सैंपल की मोटाई निर्धारित मानक 25 मिली मीटर के लगभग पाई गई, जबकि मोटर मार्ग की निचली परत की गुणवत्ता ठीक नहीं पाई गई, जिससे जगह जगह पर मार्ग क्षतिग्रस्त हुआ है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया कि जहां जहां पर गड्ढे हुए हैं वहां पर पैच वर्क का कार्य बेहतर करें। तत्पश्चात जिलाधिकारी ने उफल्डा-बिलकेदार मोटर का निरीक्षण किया। उन्होंने लोनिवि अधिकारी को मार्ग के किनारे नाली बनाने तथा रेलवे के अधिकारियों को मार्ग में जहां-जहां गड्ढे हुए हैं उसे ठीक करने व निरंतर रूप से मोटर मार्ग में पानी के छिड़काव करने के निर्देश दिए। जिससे आसपास रह रहे लोगों को परेशानी न हो।
जिलाधिकारी ने जनासू में हो रहे रेलवे के कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारी से सम्पूर्ण जानकारी लेते हुए निर्देश दिया कि सावधानी से कार्य करें। इस दौरान जिलाधिकारी ने टनल में जाकर वहां कार्य कर रही मशीन का जायजा भी लिया।

 

 

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