बगावती तेवर वाले नेता डा. हरकसिंह को बीजेपी ने पार्टी व कैबिनेट से किया निष्कासित।Janswar.com

-नागेन्द्र प्रसाद रतूड़ी

बगावती तेवर वाले नेता डा. हरकसिंह को बीजेपी ने पार्टी व कैबिनेट से किया निष्कासित।

उत्तराखण्ड के दल बदलने में माहिर फायर ब्रांड नेता डा.हरकसिंह को बीजेपी ने कैबिनेट से तो निकाला ही,पार्टी से भी निष्कासित कर दिया।

पिछले माह डा. रावत के कैबिनेट की बैठक में त्यागपत्र देने की धमकी देने व कैबिनेट की बैठक का बहिष्कार करने पर बीजेपी में खलबली मच गयी थी।बीजेपी आलाकमान व प्रांन्तीय नेतृत्व व मुख्यमंत्री ने किसी तरह डा.रावत को मनाया।मुख्यमंत्री के साथ डा.रावत के भोजन की तस्वीरें सामने आयीं तो लगा कि सब ठीक हो गया।

भाजपा ने प्रत्याशी घोषित होने से पूर्व जिस तरह डा.हरकसिंह रावत को कैबिनेट से ही नहीं निकाला पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। उससे लगता है कि शायद आलाकमान ने पहले ही मन बना लिया था समय आने पर वह उन्हें बाहर का रास्ता दिखा देंगे। इसका एक कारण यह भी हो सकता है कि डा.रावत अपनी पुत्रवधू के लिए लैंसडौन विधानसभा सीट से टिकट की मांग की हो जिसे पार्टी ने स्वीकार न किया हो। इस सीट पर वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के विधायक दिलीप रावत विधायक हैं।यह सीट विधायक रावत की पैतृक सीट है।विधायक रावत ने इस सीट पर डा.रावत की पुत्रवधू को टिकट दिये जाने का विरोध किया था।शायद भाजपा का शीर्ष नेतृत्व इस पक्ष में नहीं थे कि डा.रावत की जिद के आगे झुका जाय।उनके मन में यह आशंका भी रही होगी कि बहुमत मिलने पर डा.रावत मुख्यमंत्री पद की दावेदारी करेंगे और मांग न माने जाने पर उनके द्वारा विद्रोह किया जाएगा। दूसरा कारण यह भी था कि डा.रावत के कांग्रेस में जाने की बात सोशल मीडिया में तैर रही थी।राजनीति व दलबदल के धुरंधर डा.रावत कोई चाल चलते उससे पहले बीजेपी ने उन्हें भाजपा से बाहर का रास्ता दिखा दिया।

डा.रावत के निष्कासन से बीजेपी ने अनुशासन से बाहर जाने वाले नेताओं को ‘एक साधे सब सधे’कहावत के अनुसार नेताओं को यह संदेश भी दिया कि पार्टी को चुनौती देने वालों की पार्टी में कोई जगह नहीं है।

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