प्रदेश में स्वस्थ औद्योगिक वातावरण के सृजन हेतु समेकित प्रयासों की जरूरत-मुख्यमंत्री##कृषिमंत्री सुबोध उनियाल ने अपने विधानसभा क्षेत्र की विधायक निधि कार्यों की समीक्षा की##नीतिआयोग की टीम द्वारा एम्स का दो दिवसीय निरीक्षण करने पहुंची। पढिएJanswar.Com में।

समाचार प्रस्तुति-नागेन्द्र प्रसाद रतूड़ी

प्रदेश में स्वस्थ औद्योगिक वातावरण के सृजन हेतु मुख्यमंत्री ने बतायी समेकित प्रयासों की जरूरत।

प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में हुआ 800 करोड़ का निवेश।

टाटा ग्रुप द्वारा भी प्रदेश में सौर उर्जा सहित अन्य क्षेत्रों में निवेश की जतायी इच्छा

ग्रामीण आर्थिकी की मजबूती के लिये न्याय पंचायत स्तर पर की जा रही है ग्रोथ सेंटरों की स्थापना ।

अब तक 82 ग्रोथ सेंटरों को दी जा चुकी है स्वीकृति।

ग्रोथ सेंटर न्याय पंचायत क्षेत्रों में भविष्य की नई टाउन शिप विकसित करने तथा अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में होंगे मददगार ।


मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश में स्वस्थ औद्योगिक वातावरण के सृजन हेतु समेकित प्रयासों के साथ ही ईमानदारी, पारदर्शिता एवं परस्पर विश्वास की भावना से कार्य करने पर बल दिया है। उन्होंने उद्यमियों से पर्वतीय क्षेत्रों में उद्योगों की स्थापना पर भी ध्यान देने को कहा है, पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन, खाद्य प्रसंस्करण के साथ ही सौर उर्जा के क्षेत्र में काफी संभावनाये हैं। सौर उर्जा के क्षेत्र में लगभग 800 करोड़ का निवेश इन क्षेत्रों में हुआ है। जबकि टाटा ग्रुप द्वारा भी प्रदेश में सौर ऊर्जा सहित अन्य क्षेत्रों में निवेश की इच्छा जतायी है।
सोमवार को राजपुर रोड स्थित स्थानीय होटल में श्रम विभाग एवं इंडस्ट्रीज ऑफ उत्तराखण्ड (आई.ए.यू.) के संयुक्त तत्वाधान में श्रम कानूनों एवं अग्नि सुरक्षा प्राविधानों में सुधार से सम्बन्धित कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के अनुकूल वातावरण बनाये जाने के साथ ही श्रमिकों की समस्याओं का भी तत्परता से समाधान हो इसके भी प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने उद्यमियों को सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जा रही सुविधाओं तथा उनके व्यापक हित में लिये गये सुधारात्मक प्रयासों की जानकारी उन्हें उपलब्ध कराने के लिए ऐसे आयोजनों को सराहनीय प्रयास बताया।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने उद्यमियों से पर्वतीय क्षेत्रों में सौर उर्जा, पर्यटन व खाद्य प्रसंस्करण से सम्बन्धित उद्योगों की स्थापना पर ध्यान देने की अपेक्षा करते हुए कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में जिन खेतों का उपयोग नहीं हो रहा है वहां पर 5 मेगावाट तक के सौलर प्लांट स्थानीय लोगों के लिये आवंटित किये जा रहे हैं। ये योजनायें स्थानीय लोगों की आपसी सहमति से ज्वाइंट वेंचर में भी स्थापित की जा सकती है। इन क्षेत्रों में फिल्मांकन की भी व्यापक संभावनाएं हैं। ग्रामीण आर्थिकी की मजबूती के लिये प्रदेश की न्याय पंचायत स्तर पर ग्रोथ सेंटरों की स्थापना की जा रही है। अब तक 82 ग्रोथ सेंटरों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। स्थापित होने वाले ग्रोथ सेंटर न्याय पंचायतों में भविष्य की नई टाउन शिप विकसित करने तथा अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में मददगार होंगे। इससे इन क्षेत्रों में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा तथा उनकी प्रोसेसिंग व माक्रेटिंग की भी व्यवस्था होगी। यहां पर अच्छे स्कूल व अस्पतालों की भी सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
     मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बेहतर कार्य संस्कृति विकसित कर जन समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। अधिकारी टीम भावना के साथ कार्य कर रहे हैं। एम.डी.डी.ए द्वारा 27 घंटे में नक्शे पास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रम सुधारों की दिशा में बेहतर कार्य करने से उद्यमियों को भी सुविधा होगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘‘लेबर लॉ कम्पेडियम’’ (Labor  Law Compendium) पुस्तिका का विमोचन करते हुए इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड से अपने सुझावों से भी अवगत कराने को कहा, उनके सुझावों पर भी ध्यान दिया जायेगा।
प्रमुख सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम एवं उद्योग श्रीमती मनीषा पंवार, ने कहा कि  Easy of Doing Business एवं सिंगल विंडो  के माध्यम से प्रदेश में श्रम कानूनों के लिये ऑनलाइन व्यवस्था का प्रावधान किया गया है एवं उद्योग विभाग लगातार प्रयासरत है कि उद्योगों को आ रही कठिनाइयों को निरन्तर दूर किया जाय। सचिव श्रम श्री हरबंस सिंह चुघ ने नेशलन पेंशन स्कीम एवं श्रमिकों के लिए  PM-SYM Scheme  के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि श्रम कानूनों के सरलीकरण से इस क्षेत्र की समस्याओं के समाधान में मदद मिलेगी।
श्रम आयुक्त डा. आनन्द श्रीवास्तव ने बताया कि श्रम विभाग की वेबसाइट पर श्रम कानूनों के अन्तर्गत उद्यमियों के लिये ऑनलाइन व्यवस्था कर दी गयी है, इसके अन्तर्गत फैक्टरी एक्ट, बॉयलर्स एक्ट, कान्ट्रेक्ट लेवर रेगुलेशन एक्ट, उत्तराखण्ड दुकान एवं वाणिज्यिक अधिष्ठान अधिनियम, मोटर ट्रान्सपोर्ट वर्कर एक्ट एवं इन्टरस्टेट माइग्रेट वर्कर एक्ट, पंजीकरण, नवीनीकरण एवं वार्षिक विवरणी तथा निरीक्षण, रिपोर्ट आदि सभी प्रावधानों के लिये अब वेबसाइट के माध्यम से यह सारी सुविधायें उपलब्ध होगी।
इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड (आई.ए.यू.) के अध्यक्ष श्री पंकज गुप्ता ने उक्त कार्यशाला के बारे में विस्तार से अवगत कराया कि इस कार्यशाला में श्रम विभाग के द्वारा विभिन्न श्रम कानूनों, कारखाना तथा ब्वॉयलर अधिनियम में अभी हाल ही में हुये बदलावों को जिनका समुचित प्रचार प्रसार ना होने से उद्यमियों एवं व्यापारियों एवं अन्यों को इनकी जानकारी नहीं हो पाती है, इसी को दृष्टिगत रखते हुये इस जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया है ताकि उद्यमियों एवं व्यापारियों का इन बदलावों की समुचित जानकारी उपलब्ध हो सकें। इस कार्यशाला में उद्योगों में अग्नि सुरक्षा संबंधित विषय एवं उसके प्रावधानों के पालन की जानकारी पर भी बल दिया गया।
इस अवसर पर महानिदेशक उद्योग श्री एल. फेनई, महानिरीक्षक अग्निशमन श्री पुष्पक ज्योति, निदेशक उद्योग सुधीर नौटियाल वरिष्ठ उपाध्यक्ष, इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखण्ड श्री राजीव अग्रवाल, श्री अनिल गोयल, श्री राकेश ओबराय, श्री अनिल गुप्ता के साथ ही उद्यमी एवं विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

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कृषिमंत्री सुबोध उनियाल ने अपने विधानसभा क्षेत्र में विधायक निधि कार्यों की समीक्षा की।

प्रदेश के कृषि, कृषि विपणन, कृषि प्रसंस्करण, कृषि शिक्षा, उद्यान एवं फलोद्योग एवं रेशम विकास मंत्री सुबोध उनियाल ने विधान सभा सभागार में नरेन्द्रनगर विधानसभा क्षेत्र में विधायक निधि योजनान्तर्गत कराये जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान मंत्री द्वारा विधायक निधि से क्षेत्र में कराये जा रहे कार्यों को त्वरित गति से सम्पन्न कराये जाने के निर्देश दिये गये एवं यह सुनिश्चित किये जाने की अपेक्षा की गई कि इससे ग्रामीणों को शत-प्रतिशत लाभ मिल सके। इसके अतिरिक्त योजना एवं कार्यांे के चयन में पारदर्शिता बरते जाने के भी निर्देश दिये गये। उन्होंनेे कार्यदायी संस्थाओं से परस्पर समन्वय स्थापित करते हुए स्वीकृत कार्यों की नियमित माॅनिटरिंग एवं रेन्डम चैंकिंग के भी निर्देश दिये।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी टिहरी अभिषेक रोहिल्ला, विधायक प्रतिनिधि देवप्रयाग एवं फकोट महेन्द्र गुसांई, खण्ड विकास अधिकारी देवप्रयाग व चम्बा भी मौजूद थे।  
——————————————————— नीतिआयोग की टीम द्वारा एम्स का दो दिवसीय निरीक्षण करने पहुंची। सोमवार को नीति आयोग भारत सरकार की टीम दो दिवसीय दौरे पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश पहुंची। जहां संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने फैकल्टी मेंबर्स व चिकित्सकों के साथ टीम के सदस्यों का स्वागत किया। इस अवसर पर नीति आयोग की टीम ने एम्स अस्पताल में विभिन्न विभागों की ओपीडी व आईपीडी वार्डों का सघन निरीक्षण किया व संबंधित चिकित्सकों से विभागों की कार्यप्रणाली पर चर्चा की। इस दौरान टीम ने एम्स ऋषिकेश में स्थापित वर्ल्ड क्लास सिम्युलेशन लैब का खासतौर से निरीक्षण किया और उनके बाबत विस्तृत जानकारी प्राप्त की। सोमवार को नीति आयोग के सदस्य व टीम के हेड प्रो. वीके पॉल की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम एम्स ऋषिकेश पहुंची। यहां पहुंचने पर निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत की अगुवाई में फैकल्टी के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। टीम में एम्स जोधपुर के प्रेसिडेंट व एम्स दिल्ली के ईएनटी विभागाध्यक्ष डा. सुरेश कुमार शर्मा व नीति आयोग के ओएसडी कर्नल कार्तिकेय शामिल हैं। इस दौरान तीन सदस्यीय टीम ने ओपीडी रजिस्ट्रेशन ब्लॉक से निरीक्षण शुरू किया, निदेशक प्रो. रवि कांत ने उन्हें मरीजों के पंजीकरण की प्रक्रिया व उन्हें आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधा के बाबत जानकारी दी। टीम के सदस्यों ने निरीक्षण के दौरान एम्स की इमरजेंसी, रेडियोलॉजी, विकीरण चिकित्सा यूनिट, इंटिग्रेटेड ब्रेस्ट कैंसर क्लिनिक आईबीसीसी का सघन निरीक्षण किया व विभागों की कार्यप्रणाली जानी। इसके अलावा टीम के सदस्यों ने न्यूक्लियर मेडिसिन, नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई को देखा और संबंधित चिकित्सकों से संबंधित जानकारियां हासिल की। निरीक्षण के तहत क्लिनिकल एनाटॉमी स्किल लैब व मेडिकल एजुकेशन ​स्थित विश्वस्तरीय सिम्युलेशन स्किल लैब का भी खासतौर से निरीक्षण किया। इस अवसर पर निदेशक एम्स पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत, उप निदेशक प्रशासन अंशुमन गुप्ता, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डा. ब्रह्मप्रकाश, डीन एकेडमिक प्रो. मनोज गुप्ता, प्रो. बीना रवि, प्राे. शालिनी राव, प्रो. श्रीपर्णा बासू, डीन हॉस्पिटल अफेयर प्रो. यूबी मिश्रा, डा. सुधीर सक्सेना, डा. सोमप्रकाश बासू,डा. बलराम जीओमर,डा. अनुभा अग्रवाल, डा. प्रेरणा बब्बर,डा. अंजुम सय्यद, डा. सुबोध कुमार,डा. बीएल चौधरी, डा. बीएस. रवि, डा. राजेश काथरोटिया, एसई सुलेमान अहमद, ईई एनपी सिंह आदि मौजूद थे।

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