प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जाय- मुख्यमंत्री#मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दुरस्थ क्षेत्र में चौपाल के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान करने के दिये निर्देश।# मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में राज्य आपदा मोचन निधि की राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित।#कैबिनेट मंत्री चुफाल पौड़ी गढवाल के दो दिवसीय भ्रमण पर रहेंगे।पढिएJanswar.com में।

द्वारा-अरुणाभ रतूड़ी

  • प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जाय- मुख्यमंत्री
  • रिक्त पदों के लिए शीघ्र अधियाचन भेजे जाय।
  • न्याय पंचायत स्तर तक एएनएम की व्यवस्था की जाय।
  • मातृ एवं शिशु मृत्युदर में और कमी लाई जाय।
  • राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सकों की तैनाती की जाय।
  • प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में टेलीमेडिसिन की व्यवस्था की जाय।

मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारने के लिए विशेष प्रयास किये जाय। स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों के लिए शीघ्र अधियाचन भेजे जाय। जिन पदों पर भर्ती प्रक्रिया गतिमान है, उनमें तेजी लाई जाय। मुख्यमंत्री ने 75 दिनों के अंतर्गत चिकित्सा एवं चिकित्सा शिक्षा के सभी संवर्गों की सेवा नियमावली बनाने तथा रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिये। न्याय पंचायत स्तर तक एएनएम की व्यवस्था की जाय एवं उन्हें आवश्यक दवाइयों का किट भी उपलब्ध कराया जाय। मातृ मुत्यु दर एवं शिशु मृत्युदर में और कमी लाने के प्रयास किये जाय। राज्य के जिन जनपदों में बाल लिंगानुपात में पिछले कुछ सालों में कमी आई है, ऐसे जनपदों में बाल लिंगानुपात में सुधार लाने के लिए विभिन्न माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाया जाय। राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों, इसके लिए ऐसे क्षेत्रों में चिकित्सकों की नियुक्ति की जाय। यह सुनिश्चित किया जाय कि सीएचसी, पीएचसी तक दवाइयों का पर्याप्त उपलब्धता हो।
मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि जिला अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाय। प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आगामी 100 दिनों के अन्दर टेलीमेडिसिन की व्यवस्था की जाय। मेडिकल कॉलेज में जल्द भर्तियां की जाय। कोविड टीकाकरण में और तेजी लाई जाय। चारधाम यात्रा के दृष्टिगत यात्रा मार्गों पर 108 एम्बुलेंस सेवा की पर्याप्त व्यवस्थाएं की जाय। जिन परिवारों के अभी तक आयुष्मान कार्ड नहीं बने हैं, उनके भी जल्द कार्ड बनाये जाय। जिला अस्पतालों में सुपर स्पेशिलिस्ट/स्पेशिलिस्ट डॉक्टरर्स की नियुक्ति की जाय। सभी को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का फायदा मिले इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार भी किया जाय। डेंगू, मलेरिया तथा अन्य बीमारियों की रोकथाम के लिए वर्षाकाल से पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां कर ली जाय।
मुख्यमंत्री श्री तीरथ ने केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की कार्य प्रगति की विस्तार से जानकारी ली। बैठक में जानकारी दी गई की अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना के तहत अभी तक 43 लाख 16 हजार गोल्डन कार्ड जारी किये जा चुके हैं। 02 लाख 55 हजार से अधिक लोगों ने अभी तक इस योजना का लाभ लिया है। अस्पतालों का भुगतान एक सप्ताह के अन्दर किया जा रहा है।
बैठक में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सचिव स्वास्थ्य श्री अमित नेगी, प्रभारी सचिव डॉ. पंकज पाण्डेय, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. तृप्ति बहुगुणा, अपर सचिव/मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अरूणेन्द्र सिंह चौहान, स्वास्थ्य निदेशक डॉ. एस.के.गुप्ता, एन.एच.एम निदेशक डॉ. सरोज नैथानी एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।


  • रात्रि चौपाल में मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से सुनी आम जन की समस्या।
  • मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दुरस्थ क्षेत्र में चौपाल के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान करने के दिये निर्देश।

मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय धोबीघाट, दुगड्डा में आयोजित रात्रि चौपाल में वर्चुअल तरीके से प्रतिभाग किया। चौपाल में आई 21 समस्याओं से 17 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। मुख्यमंत्री श्री तीरथ ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जनता की समस्याओं को दिन रात एक करके समाधान करना है। सभी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी और अन्य अधिकारी दुरस्थ क्षेत्र में रात्रि विश्राम कर चौपाल के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान करें। कोई भी समस्या समाधान हेतु 01 माह से उपर का समय नही लगना चाहिए। राज्य में जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन करने के लिए अधिकारियों को 75 दिन का वर्क प्लान बनाने के निर्देश दिए गये हैं।
रात्रि चौपाल में ब्लॉक प्रमुख सुश्री रूची कैन्तुरा की दुग्गड्डा में आ रही मोबाईल कनेक्टीविटी प्राब्लम की शिकायत का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने एक सप्ताह के अन्दर सर्वे कराकर उक्त समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिये। महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा मुख्यमंत्री को सब्जी उत्पादन एवं विक्रय में आ रही समस्याओं से अवगत कराया गया, मुख्यमंत्री श्री तीरथ द्वारा उद्यान विभाग के अधिकारियों को कैम्प लगाकर राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं से रूबरू कराकर जनता में जागरूकता लाने के निर्देश दिये गये। मुख्यमंत्री श्री तीरथ ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्वरोजगार एवं स्वयं सहायता समूहों हेतु कई योजनायें चला रही है। बीज एवं कृषि यन्त्रों में सब्सीडी दी जा रही है, बिना ब्याज के ऋण मुहैया कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री तीरथ ने दुगड्डा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं सहित महिला चिकित्सक की कमी की शिकायत का संज्ञान लेते हुए तुरन्त इस पर कार्यवाही करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिये है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारने के लिए विशेष प्रयास किये किये जाने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों के लिए शीघ्र अधियाचन भेजे जाय।
मुख्यमंत्री श्री तीरथ ने चौपाल में आई सभी समस्याओं को अधिकारियों से गंभीरता से लेने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को किसी भी कार्य हेतु सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़े। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नही की जायेगी।


मुख्य सचिव श्री ओमप्रकाश की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में राज्य आपदा मोचन निधि की राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति द्वारा राज्य में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित व्यक्तियों को अहेतुक सहायता, गृह अनुदान एवं अनुग्रह अनुदान आदि के लिए कुम्भ को देखते हुए हरिद्वार को 15 करोड़ एवं अन्य जनपदों को 5-5 करोड़ रूपए की धनराशि प्रदान किए जाने पर सहमति प्रदान की गयी।
मुख्य सचिव श्री ओम प्रकाश ने आगामी मानसून सत्र में आपदा एवं बचाव कार्यों हेतु गढ़वाल एवं कुमाऊं मण्डल में 15 मई से 30 सितम्बर तक हैलीकाप्टर सेवा सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 15 मई से 30 सितम्बर तक बाउजर सहित हैलीकाप्टर गढ़वाल क्षेत्र हेतु गौचर एवं कुमाऊं क्षेत्र हेतु पिथौरागढ़ में ही रखा जाए ताकि आकस्मिक स्थिति में शीघ्र से शीघ्र हैली सेवा उपलब्ध करायी जा सके।
समिति द्वारा राज्य में प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त विभागीय एवं सार्वजनिक सम्पत्तियों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण इत्यादि कार्यों हेतु राज्य आपदा मोचन निधि से लोक निर्माण विभाग को 30.00 करोड़ रूपए एवं उत्तराखण्ड जल संस्थान को 20.00 करोड़ रूपए प्रदान किए जाने के प्रस्ताव को सहमति प्रदान की गयी।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, सचिव श्री अमित नेगी, कमिश्नर कुमाऊं श्री अरविन्द सिंह ह्यांकि, सचिव डॉ पंकज कुमार पाण्डेय, श्री एस.ए. मुरूगेशन सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

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प्रदेश के पेयजल, वर्षा जल सरंक्षण, ग्र्रामीण निर्माण एवं जनगणना मंत्री विशन सिंह चुफाल द्वारा विधान सभा स्थित कक्ष में पेयजल निगम और जल सस्थान की विभागीय समीक्षा बैठक की गई।

बैठक में मा0 मंत्री द्वारा जल जीवन मिशन के कार्यो की वर्तमान समय में प्रगति का विवरण प्राप्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि जल जीवन मिशन पेयजल योजना के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में जिन स्थानों पर पाइप्ड टैप्ड वाटर देने से पेयजल की सप्लाई में किसी तरह की यदि कोई कमी आ गई हो तथा आगामी समय में विभिन्न स्थानों पर पेयजल की आपूर्ति यदि किसी तरह कहीं पर कम होने की सम्भावना है अथवा स्त्रोत सुखने से जल का संकट पैदा हो सकता है ऐसे सभी स्थानों को चिन्हित किया जाय और तत्काल वहाॅ के लिए पेयजल की वैकल्पिक तथा दूरगामी आपूर्ति सुनिश्चित करने पर कार्य किया जाय। उन्होेने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि किसी भी क्षेत्र-गाॅव में एक से अधिक पेयजल स्कीम को इम्लिमेन्ट ना किया जाय तथा जो अधीनस्थ कार्मिक एक ही क्षेत्र में एक से अधिक पेयजल योजनाएॅ बनाते पाये जाते है उन पर सख्त कार्यवाही की जाय। जिससे जिन क्षेत्रों में जल की अधिक किल्लत है वहाॅ पर भी पेयजल के लिए पर्याप्त धनराशि की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। उन्होने पेयजल की अधिक किल्लत वाले क्षेत्रों को प्रथामिकता आधारित पेयजल देने के भी निर्देश दिये।
मा0 मंत्री ने प्रत्येक विधानसभा में पहाडी क्षेत्रों के लिए 20-20 हैडपम्प तथा मैदानी क्षेत्रों के लिए 10-10 हैडपम्प लगवाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होने पेयजल योजनाओं के पूर्ण किये गये कार्यो का कार्यदायी सस्थाओं जल सस्थान एवं पेयजल निगम के अधिकारियों को 03 दिन के भीतर उपयोगिता प्रमाण-पत्र (यू.सी.) प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि जिन स्थानों पर पेयजल की आपूर्ति ठीक है किन्तु छोटे टैंक होने के चलते पानी ओवरफ्लो हो जाता है वहाॅ पर बडे टैंक के निर्माण का भी प्रावधान रखा जाय। उन्होने जल जीवन मिशन के कार्यो को तीव्र गति से संचालित करने के लिए आउटसोर्सिग के माध्यम से तत्काल अतिरिक्त कनिष्ठ अभियन्ता (जेई.) के नियुक्ति की प्रक्रिया जल्दी पूर्ण करने के निर्देश दिये तथा जल जीवन मिशन के कार्यो की लगातार निगरानी करते हुए उसकी प्रगति तेजी से बढाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिये।
मा0 मंत्री ने पेयजल निगम तथा जल संस्थान दोनो विभागों में उच्चस्थ से अधिनस्थ कार्मिकों की लम्बित पदोन्नती प्रक्रिया को तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिये जिससे दोनो विभागों का ढाॅचा और व्यवस्थित बन सकें।
इस दौरान बैठक में सचिव पेयजल नितेश कुमार झा, अपर सचिव जी. बी. आॅली, एम.डी पेयजल मिशन एस. के. पन्त, अधीक्षण अभियन्ता पेयजल निगम एस. सी. पन्त, प्रभारी अधीक्षण अभियन्ता नमित रमोला सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
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प्रदेश के पेयजल, वर्षा जल संग्रहण, ग्रामीण निर्माण एवं जनगणना विभाग/जनपद पौड़ी प्रभारी मंत्री मा. बिशन सिंह चुफाल दिनांक 02 अप्रैल तथा 03 अप्रैल 2021 को जनपद के दो दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम पर रहेंगे। मा. मंत्री श्री चुफाल दिनांक 02 अप्रैल 2021 को कार द्वारा 16ः45 बजे कीर्तिनगर से प्रस्थान कर 17ः00 बजे श्रीनगर पहुंचेंगे। जहां मंत्री जी पर्यटक आवास गृह श्रीनगर में पार्टी कार्यकर्ताओं से भेंटवार्ता करेंगे। तत्पश्चात मा. मंत्री जी 17ः45 बजे श्रीनगर से प्रस्थान कर 18ः00 पौड़ी मुख्यालय पहुंचेंगे तथा पार्टी कार्यकर्ताओं से भेंटवार्ता करेंगे। रात्रि विश्राम सर्किट हाउस पौड़ी में करेंगे। दिनांक 03 अप्रैल 2021 को मा. मंत्री जी 11ः00 बजे विकास भवन सभागार पौड़ी में जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे तथा 14ः00 बजे पौड़ी से काशीपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।

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