पोर्ट ब्लेयर एयरफील्ड में संयुक्त सुरक्षा अभ्यास#घरेलू भारतीय पर्यटन के प्रचार और विपणन के लिए सहयोग को लेकर समझौता हुआ।#अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा जीतकर लौटी काजल का यूकेडी नेता ने किया स्वागत Janswar.com

-अरुणाभ रतूड़ी

पोर्ट ब्लेयर एयरफील्ड में संयुक्त सुरक्षा अभ्यास

अंडमान और निकोबार कमान (एएनसी) ने 16 फरवरी, 2022 को पोर्ट ब्लेयर एयरफील्ड में एक संयुक्त सुरक्षा अभ्यास किया। इस अभ्यास का उद्देश्य एयरफील्ड में या कहीं और आतंकवादी हमले, बंधक संकट तथा विमान अपहरण की स्थिति जैसी विभिन्न आकस्मिक घटनाओं के दौरान सभी सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों का परीक्षण करना था।

आईएनएस उत्कर्ष और वीर सावरकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दिन और रात के अभ्यास किए गए। इस एयरफील्ड के भीतर विभिन्न स्थानों पर चित्रित किए गए आतंकवादी खतरों से निपटने के लिए सेना, नौसेना और सीआईएसएफ की त्वरित प्रतिक्रिया टीमों (क्यूआरटी) को तैनात किया गया था। साथ ही, एनएसजी, घातक प्लाटून और मरीन कमांडो (मारकोस) के विशेष बलों को भी त्वरित प्रतिक्रिया टीमों के साथ इस समन्वित ऑपरेशन के लिए जुटाया गया था।

अंडमान और निकोबार कमांड ने हाल ही में पोर्ट ब्लेयर एयरफील्ड में सुरक्षा के लिए एक संयुक्त मानक संचालन प्रक्रिया की घोषणा की है। इन अभ्यासों को एसओपी के परीक्षण, सत्यापन और सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ पोर्ट ब्लेयर में सभी सैन्य तथा सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को बेहतर करने की दृष्टि से डिज़ाइन किया गया था। इस महत्वपूर्ण एयरफील्ड पर किसी भी खतरे का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए इन एसओपी को विकसित किया गया था, जिन्हें इस संयुक्त अभ्यास के दौरान फिर से सत्यापित किया गया।

 

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पर्यटन मंत्रालय और एलायंस एयर एविएशन लिमिटेड के बीच घरेलू भारतीय पर्यटन के प्रचार और विपणन के लिए सहयोग को लेकर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

पर्यटन मंत्रालय ने पूरे देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 17 फरवरी, 2022 को नई दिल्ली में मैसर्स एलायंस एयर एविएशन लिमिटेड (एएएएल) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। पर्यटन मंत्रालय भारत को पर्यटन उत्पादक बाजारों में एक पसंदीदा पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने का प्रयासरत है, जबकि मेसर्स एलायंस एयर एविएशन लिमिटेड अपने विस्तृत घरेलू नेटवर्क के बल पर भारत में पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। संयुक्त घरेलू प्रचार के सामान्य लक्ष्य को प्राप्त करने और पर्यटन बाजारों में पर्यटन मंत्रालय और एलायंस एयर एविएशन लिमिटेड के क्रियाकलापों में तालमेल की आवश्यकता पर विचार करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

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पर्यटन मंत्रालय की ओर से अपर महानिदेशक सुश्री रूपिंदर बराड़ और मेसर्स एलायंस एयर एविएशन लिमिटेड की ओर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री विनीत सूद ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

एलायंस एयर भारत सरकार की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (आरसीएस) को बढ़ावा देने में सबसे आगे है, जिसे प्रधानमंत्री की उड़ान– (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के तहत बढ़ावा दिया जा रहा है। मैसर्स एएएएल के सहयोग से एकीकृत विपणन और प्रचार की रणनीति के साथ-साथ एक समन्वित अभियानको पूरा करना इस समझौता ज्ञापन के उद्देश्यों में शामिल है। प्रचार के प्रयासों के विशिष्ट घटकों में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में विज्ञापन, मेलों और प्रदर्शनियों में भागीदारी, सेमिनारों, कार्यशालाओं, रोड शो और इंडिया इवनिंग, ब्रोशर और संपार्श्विक का मुद्रण, ब्रोशर समर्थन/संयुक्त विज्ञापन, आतिथ्य कार्यक्रम के तहत मीडिया और पर्यटन व्यवसाय को देश में आने के लिए आमंत्रित करना आदि शामिल है। मंत्रालय इस समझौता ज्ञापन से लाभान्वित होने के लिए यात्रा पर्यटन क्षेत्र के हितधारकों को एक साथ लाएगा।

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अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा जीतकर लौटी काजल का यूकेडी नेता ने किया स्वागत
अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा जीतकर लौटी काजल लोधी का उत्तराखंड क्रांति दल के युवा मोर्चा की जिला अध्यक्ष सीमा रावत ने पुष्पमाला डालकर स्वागत किया।
साथ ही उत्तराखंड क्रांति दल के नेता शिव प्रसाद सेमवाल ने भी पुष्पगुच्छ भेट कर उनका स्वागत किया।
काजल लोधी उत्तराखंड में डोईवाला की रहने वाली है । उन्होंने 3 किलोमीटर की इंडो नेपाल दौड़ जीती है, जिसमें उन्होंने रिकॉर्ड 11 मिनट 36 सेकंड का बनाया है। जिसमें उन्हें गोल्ड मेडल मिला है।
काजल लोधी ने अब तक कुल 35 दौड़े जीती हैं। जिसमें 3 मैराथन भी शामिल है।
काजल लोधी ने बताया कि अब तक सरकार के द्वारा उन्हें किसी भी तरह की सहायता प्रदान नहीं की गई है।
उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय मीडिया प्रभारी शिव प्रसाद सेमवाल जी ने कहा कि राज्य द्वारा स्पोर्ट्स में युवाओं को प्रोत्साहन ना देना बहुत ही दु:खद है। जहां एक तरफ दूसरे राज्य की सरकारे युवाओं को खेल प्रतिभा में आगे बढ़ाने के लिए सरकारी नौकरी और अन्य तरीके से प्रोत्साहित करती है। वहीं उत्तराखंड की सरकार उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं को बढ़ाने के लिए किसी तरह की भी रुचि नहीं लेती। जिसके कारण उत्तराखंड के युवा अन्य राज्य से खेलते हैं। उन्होंने काजल लोधी से कहां कि वह उन्हें राज्य सरकार से पूरी मदद दिलाने की कोशिश करेंगे।

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