दुनिया में एकमात्र भारत की ही संस्कृति है, जो महिलाओं को सर्वोच्च स्थान देती है।-राज्यपाल# राज्य में होने वाले विकास को सुनिश्चित करेगा चिंतन शिविर। #उत्तराखण्ड को प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण में 18602 अतिरिक्त आवास की स्वीकृति मिली #राजस्व वाद तेजी से निपटाये जायें-मुख्य सचिव# जिलाधिकारी ने जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति (डी.सी.सी/डी.एल.आर.सी) की समीक्षा बैठक ली।www.janswar.com

-अरुणाभ रतूड़ी

दुनिया में एकमात्र भारत की ही संस्कृति है, जो महिलाओं को सर्वोच्च स्थान देती है।-राज्यपाल

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने कहा कि जब किसी देश की संस्कृति और सभ्यता का मूल्यांकन करना हो तो उस देश, समाज एवं उस संस्कृति में महिलाओं को क्या स्थान दिया गया है, इस बात को समझना बेहद जरूरी है। भारत की सभ्यता, संस्कृति और इतिहास को मापना हो तो पता चलता है कि दुनिया में एकमात्र भारत की ही संस्कृति है, जो महिलाओं को सर्वोच्च स्थान देती है। उसे शक्ति के रूप में, माता के रूप में, विद्या, बुद्धि, विवेक के रूप में सम्मान दिया जाता है। नारी को ईश्वर का रूप माना जाता है। भारतीय संस्कृति में स्त्री ने युद्ध, कला, कौशल सहित सभी क्षेत्रों में समाज को नेतृत्व दिया है।

राज्यपाल शुक्रवार को दून विश्वविद्यालय में ‘भारतीय महिला-एक सत्य आधारित दृष्टिकोण’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग करते हुए बोल रहे थे। इस संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारतीय महिला के इस सत्य को समझना बेहद जरूरी है। हजारों साल की गुलामी ने हमारे वास्तविक सत्य को कहीं खो दिया है। भारतीय संस्कृति में स्त्री के बिना यज्ञ पूर्ण नहीं होता है। पुरुष और महिला को समाज में समान अधिकार दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह संगोष्ठी भारतीय महिला के सच्चे स्वरूप को प्रकट करने वाली होगी और नारी के सच्चे स्वरूप से समाज को परिचित कराएगी।

राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड की महिलाएं अपने आप में बिल्कुल अलग हैं, वे हमारे परिवार की सबसे सशक्त सदस्य होने के साथ-साथ आर्थिकी की रीढ़ भी हैं। वह नेतृत्वकर्ता के रूप में भी अपना योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि जनपद भ्रमण के दौरान स्वयं सहायता समूह के रूप में महिलाओं के योगदान को बेहद करीब से देखा है। वे हमारी आर्थिक व्यवस्था का भी नेतृत्व कर रही हैं। इसके अलावा विश्वविद्यालयों में गोल्ड मेडलिस्ट के रूप में हो या पंचायती राज व्यवस्था सहित अन्य क्षेत्रों में नेतृत्व करने में भी बेटियों की अग्रणी भागीदारी है। उन्होंने कहा कि अमृतकाल के इस सोपान में विकसित देश बनने में हमारी नारी शक्ति का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।

राज्यपाल ने कहा कि हमारी बेटियों में असीमित क्षमताएं है। उनके साहस, हौसले, धैर्य असीमित हैं। इन क्षमताओं को हमारी सोच और हमारे विचार बाधक बन सकते हैं, इसलिए हमें उनकी नई उड़ान, नई ऊंचाईयां दिलाने के लिए अपनी सोच और अपने विचारों में परिवर्तन लाना होगा। उन्होंने विश्वविद्यालय को इस तरह की संगोष्ठी के सफल आयोजन की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर राज्यपाल ने महिला विश्वविद्यालय एस.एन.डी.टी की कुलपति उज्ज्वला चक्रदेव द्वारा लिखित पुस्तक ‘भारतीय महिला-एक सत्य आधारित दृष्टिकोण’ का भी विमोचन किया।

इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने अपने-अपने विचारों से नारीत्व की क्षमताओं और संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम के दौरान दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.सुरेखा डंगवाल, यू-कॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, राष्ट्रीय सेविका समिति की प्रमुख शांता अक्का, संवर्द्धिनी न्यास के आयोजक सचिव सुश्री माधुरी मराठे, महिला विश्वविद्यालय एस.एन.डी.टी की कुलपति उज्ज्वला चक्रदेव, नैक की उप सलाहकार लीना गाहने सहित अन्य वक्ताओं ने महिलाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने वक्तव्य रखे। इस दौरान विभिन्न कॉलेजों के प्रधानाचार्य, प्रमुख और डीन, संका सदस्य, प्रशासनिक सदस्य और कई कॉलेजों के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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राज्य में होने वाले विकास को सुनिश्चित करेगा चिंतन शिविर।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को होटल आई.टी.सी मौर्य, नई दिल्ली में आयोजित  टाईम्स नाउ समिट – 2022 में प्रतिभाग किया।
राज्य में होने वाले विकास को सुनिश्चित करेगा चिंतन शिविर।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में चिंतन शिविर का अपना एजेंडा है, जो आने वाले समय में राज्य में होने वाले विकास को सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा हमारे राज्य का एजेंडा है कि 25 सालों के लिए रोडमैप तैयार हो, साथ ही 2025 तक उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बने। उन्होंने कहा चिंतन शिविर चीजों के सरलीकरण एवं कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में विकास को सुनिश्चित तरीके से किए जाने हेतु रखा गया था। जिसके अंतर्गत प्रदेश के आला अधिकारियों, विभिन्न जिलों के जिलाधिकारियों के साथ बीते 3 दिनों में कई बैठके एवं डिस्कशन सेशन किए गए। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने  21वी सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का बताया था, जिसके अनुरूप राज्य सरकार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार पलायन जैसी वृहद समस्या के निराकरण के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। राज्य सरकार द्वारा बड़े स्तर पर रोजगार देने का कार्य किया जा रहा है। रिक्त चल रहे विभिन्न सरकारी पदों पर जहां एक ओर भर्ती प्रक्रिया जारी है वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, होमस्टे योजना, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना के अंतर्गत युवाओं को स्टार्टअप हेतु प्रेरित किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने कहा इकोनॉमी और इकोलॉजी के अंतर्गत हम प्रदेश के समुचित विकास के साथ ही यहां के प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए भी कार्य कर रहे हैं।
केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण पर बोलते हुए सीएम ने कहा कि भगवान शिव अपने भक्तों को ही अवसर देते हैं। केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण का सौभाग्य मोदी जी को मिला। उन्होंने इसे        बखूबी कर दिखाया। इस बार रिकार्ड संख्या में श्रद्धालु आए हैं।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आपदाओं से बचाव एवं उन्हें कम किए जाने पर कार्य किया जा रहा है। डिजास्टर मैनेजमेंट एसडीआरएफ एवं सेना मिलकर आपदाओं से निपटने हेतु हमेशा तैयार है। उन्होंने कहा चमोली एवं धारचूला में नियमित रूप से हेलीकॉप्टर की सेवाएं जारी रखी गई है, ताकि आपदा के समय इनकी मदद ली जा सके।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर उत्तराखंड राज्य के विकास को आगे ले जाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में चार धाम में सुगम यात्रा हेतु ऑल वेदर रोड का निर्माण कार्य किया गया है। आज चार धाम यात्रा श्रद्धालुओं के लिए कितना आसान हो गयी है। ये है डबल इंजन का फायदा। उन्होंने कहा केदारनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण, बद्रीनाथ मंदिर में मास्टर प्लान के तहत कार्य शुरू हो गया है।  पर्वतमाला, हवाई सेवाओं के विस्तार हुआ है। साथ ही केदारनाथ व हेमकुंड में रोपवे की सौगात मिली है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जीवन अनुशासन संकल्प एवं संघर्ष से भरा पड़ा है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार पौराणिक इमारतों लोक संस्कृति एवं सभ्यताओं के संरक्षण पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा राज्य सरकार मानसखंड कॉरिडोर बनाने पर कार्य कर रही है जिसके अंतर्गत कुमाऊं क्षेत्र में पड़ने वाले समस्त पौराणिक मंदिरों, स्थलों को जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। अग्निवीर योजना के बाद उत्तराखंड सरकार द्वारा विभिन्न स्थानों पर जन संवाद चलाया गया। उत्तराखंड राज्य के प्रत्येक परिवार से कोई ना कोई देश की सेवा में होता है। उन्होंने कहा अग्निवीर जवान जो 4 साल देश की सेवा के उपरांत वापस आएंगे, उन्हें उत्तराखंड सरकार अन्य सेवाओं में भी प्राथमिकता देने का कार्य करेगी।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में आने वाले समय में जल्द ही समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू किया जाएगा। जिस पर कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा आमजन के फीडबैक के उपरांत फाइनल ड्राफ्ट बनाकर तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा सीमा पर रहने वाले लोग हमारी सीमाओं के प्रहरी हैं, जो सीमांत क्षेत्र को जीवित रखने एवं सेना के सहयोगी के रूप में कार्य करते हैं।
छावला केस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की बेटी को न्याय दिलाने के लिए राज्य सरकार हर सम्भव कोशिश पुरजोर तरीके से कर रही है।

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प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण में 18602 अतिरिक्त आवास की स्वीकृति मिली

  •  सीएम पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह का आभार  जताया
  •  डबल इंजन का प्रदेश को मिल रहा फायदाः सीएम धामी

केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण में उत्तराखण्ड के लिये 18602 अतिरिक्त आवास की स्वीकृति मिली है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री  गिरिराज सिंह का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड में विकास के अभूतपूर्व काम हो रहे हैं। राज्य सरकार की पूरी कोशिश है कि विकास योजनाओं की धरातल पर क्रियान्वित सुनिश्चित हो। अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने का प्रयास है।
गौरतलब है कि  मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में अतिरिक्त लक्ष्य आवंटित किये जाने का अनुरोध किया था। अप्रैल 2022 में मुख्यमंत्री ने पत्र भी लिखा था।
केंद्र द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा समयबद्ध तरीके से योजना के लक्ष्य हासिल करने के प्रयासों की सराहना करते हुए अब 18602 आवासों का अतिरिक्त लक्ष्य आवंटित किया गया है।

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राजस्व वाद तेजी से निपटाये जायें-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में राजस्व वादों की समीक्षा बैठक के दौरान राजस्व वादों के तेजी से निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने राजस्व के लंबित प्रकरणों को अभियान चलाते हुए तेजी से निस्तारण करने के निर्देश दिए। कहा कि डाटा लेक के माध्यम से इसकी डायनामिक रैंकिंग की जाए। सबसे खराब प्रदर्शन करने वालों की लगातार समीक्षा की जाए, ताकि पैंडेंसी को समाप्त किया जा सके।
मुख्य सचिव ने राजस्व वादों के तेजी से निस्तारण हेतु 1 दिसंबर से सभी नए वादों को राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली (आरसीएमएस) पर ऑनलाईन किए जाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने आरसीएमएस को प्रदेश में 100 प्रतिशत लागू करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी प्रकार के राजस्व न्यायालयों के ऑनलाईन किए जाने हेतु टाइम फ्रेम निर्धारित किया जाए। नए मामलों को पूर्णतः ऑनलाईन करते हुए लीगेसी डाटा को भी अभियान के तौर पर अपलोड किया जाए।
मुख्य सचिव ने कमिश्नर कोर्ट में लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए प्रत्येक माह बैठक कर मॉनिटरिंग किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने तहसीलदार कोर्ट में अधिक पैंडेंसी पर मामले तेजी से निस्तारित करने के निर्देश दिए। कहा कि तहसीलदार, नायब तहसीलदार आदि के पदों को शीघ्र भरने हेतु कार्य किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि वीआईपी कार्यक्रमों के लिए एसडीएम आदि को लगाए जाने से राजस्व का काफी कार्य बाधित होता है, जिसके कारण पैंडेंसी बढ़ती है। उन्होंने अधिकारियों को इसके लिए प्रोटोकॉल ऑफिसर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इससे जिलाधिकारी एवं उपजिलाधिकारी अपने कार्य में अधिक समय दे पाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को 25, 30 एसडीएम के और पद सृजन कर शीघ्र भर्ती किए जाने के भी निर्देश दिए।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव एवं अध्यक्ष राजस्व परिषद श्रीमती राधा रतूड़ी, सचिव राजस्व श्री सचिन कुर्वे और आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद श्री चन्द्रेश कुमार यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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जिलाधिकारी ने जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति (डी.सी.सी/डी.एल.आर.सी) की समीक्षा बैठक ली।

जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति (डी.सी.सी/डी.एल.आर.सी) की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभिन्न क्षेत्रों में विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में समय-समय पर रोस्टरवार डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, डिजिटल शिक्षा, साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा, महिला कानून तथा सरकारी योजनाओं की व्यावहारिक जानकारी दें। उन्होंने कहा कि वित्तीय साक्षरता में भीम ऐप, एटीएम उपयोग, पी.ओ.एस. मशीन, ई-पेमेंट और ऑनलाइन धोखाधड़ी से सुरक्षा और सावधानी के संबंध में विस्तार से बतायें।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति उपयोजना, होम स्टे योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, मुख्यमंत्री नैनो स्वरोजगार योजना, वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली (वाहन-गैर वाहन मद) योजना जैसी फ्लैगशिप योजनाओं में लक्ष्य के साथ ही सामाजिक सुरक्षा (पेंशन, आर्थिक सहायता इत्यादि) योजनाओं में लक्ष्य के सापेक्ष प्राप्त आवेदनों के सापेक्ष पेन्डेंमी न रखें तथा इस एप्रोच से कार्य करें कि योजनाओं से अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें।
उन्होंने निर्देशित किया कि संबंधित विभाग और बैंकर दोनों अपने बेहतर समन्वय से सभी सरकारी योजनाओं का समुचित और त्वरित लाभ दिलवाना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत विभिन्न समूहों को कलस्टर आधारित कृषि, बागवानी, डेयरी तथा इससे जुड़े रोजगारपरक कार्यों में विभिन्न विभाग कंवर्जेन्स के माध्यम से समूहों को लाभान्वित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कलस्टर आधारित पॉलीहाउस, डेयरी, मशरूम, मौन पालन इत्यादि गतिविधियों के संचालन के निर्देश दिये। उन्होंने मुख्य उद्यान अधिकारी को समूह के माध्यम से मशरूम प्रोडक्शन सेंटर तैयार करने के निर्देश दिये।
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के संबंध में जिलाधिकारी ने कहा कि कोटद्वार, श्रीनगर तथा ऐसे कस्बे जहां छोटे-छोटे स्वरोजगार परक कार्य व्यक्ति कर सकता है, उनको व्यापक स्तर पर लाभान्वित करें।
जिलाधिकारी ने सभी बैंकर्स को निर्देशित किया कि विभिन्न योजनाओं में लाभार्थियों से अतिरिक्त और अनावश्यक औपचारिकताऐं न मांगी जाए, यदि कोई बैंकर ऐसा करते पाया जायेगा तो इसको बर्दाश्त नही किया जायेगा। उन्होंने आवेदकों की पेन्डेंसी के लिए बैंकर्स और लाइन डिपार्टमेंट से 05 अधिकारियों का एक कोर ग्रुप बनाया जो आवेदनों के त्वरित निस्तारण में सहयोग करेगा।
जिलाधिकारी ने प्राथमिक सेक्टर (कृषि, बागवानी, डेयरी, पशुपालन, मौन पालन, मत्स्य पालन, मशरूम उत्पादन इत्यादि) के साथ-साथ होम-स्टे योजना, वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली योजना, प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना तथा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिये।
बैठक में बताया गया कि बैंको द्वारा ऋण वितरण हेतु डिस्ट्रिक्ट कैडिट प्लान में वित्तीय वर्ष 2022-23 का वार्षिक लक्ष्य रूपये 902 करोड था जो कि बढ़ाकर 927 करोड कर दिया गया है जिसमें सितम्बर 2022 तक 32.5 प्रतिशत का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है। इसके साथ ही जनपद में कुल 19 बैंको की 201 ब्रांचों द्वारा सितम्बर माह तक सीडी रेस्यो में कुल 25.85 का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अपूर्वा पाण्डे, लीड बैंक अधिकारी अनिल कटारिया, डी.डी.एम. नाबार्ड भूपेन्द्र सिंह, कृषि अधिकारी अमरेन्द्र चौधरी, मुख्य उद्यान अधिकारी डी. के. तिवारी, पशु चिकित्साधिकारी डॉ0 पी.एस.बिष्ट, एसबीआई मैनेजर सुधांशु नेगी सहित अन्य रेखीय विभागों के अधिकारी व बैंक अधिकारी उपस्थित थे।

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