जिलाधिकारी ग्रोथ सेंटरों में स्वयं जाकर वहां की समस्याओं का निस्तारण करें-मुख्यमंत्री #भैरवगढी पेयजल येजना कांग्रेस की देन।भाजपा सरकार का श्रेय लेना हास्यास्पद-धीरेन्द्र प्रताप।#पौड़ी गढवाल में आज 85 कोविड19 मरीज आईसेलेशन में।पढिए Janswar.com में .

समाचार प्रस्तुति-अरुणाभ रतूड़ी

उत्तराखण्ड के उत्पादों का अम्ब्रेला ब्रांड बनाया जाएगा

ग्रोथ सेंटर लक्ष्य निर्धारित कर काम करें।

जिलाधिकारी ग्रोथ सेंटरों में स्वयं जाकर वहां की समस्याओं का निस्तारण करें।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में ग्रोथ सेंटरों की समीक्षा की।


       मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उत्तराखण्ड के उत्पादों के लिए एक अम्ब्रेला ब्रांड बनाए जाने के निर्देश दिए हैं। सभी ग्रोथ सेंटर, बिक्री और मुनाफे का लक्ष्य निर्धारित कर काम करें। जिलाधिकारी ग्रोथ सेंटरों में स्वयं जाकर वहां आने वाली समस्याओं का निस्तारण करें। इनके उत्पादों की ऑनलाईन मार्केटिंग की व्यवस्था की जाए। स्थानीय बाजारों पर भी फोकस किया जाए। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत सचिवालय में ग्रोथ सेंटरों की समीक्षा कर रहे थे।

ग्रोथ सेंटरों से जुड़े लोगों का स्किल डेवलपमेंट हो

       थानो व कोटाबाग के एलईडी ग्रोथ सेंटरों को क्वालिटी डिजायनर उपलब्ध कराए जाएं। हरिद्वार का प्रसाद निर्माण से जुड़ा सेंटर आगामी कुम्भ को देखते हुए अपनी तैयारियां करे। सभी ग्रोथ सेंटरों से जुड़े लोगों के स्किल डेवलपमेंट की भी व्यवस्था की जाए।

नियमित बिक्री की व्यवस्था हो

       मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रोथ सेंटरों के उत्पादों की सीजनल ही नहीं बल्कि नियमित बिक्री सुनिश्चित की जाए। आसपास के कुछ ग्रोथ सेंटरों को मिलाकर एक पिकअप वाहन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा सकती है। इससे यातायात लागत कम होगी।

ग्रोथ सेंटर आत्मनिर्भर भारत और वोकल फोर लोकल का अच्छा उदाहरण

       मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रोथ सेंटरों से जुड़े लोगों विशेषतौर पर महिलाओं के आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है। इस आत्मविश्वास को और बढ़ाना है। जिलाधिकारी ग्रोथ सेंटरों में खुद जाकर वहां आने वाली समस्याओं का निस्तारण करें। ग्रोथ सेंटर आत्मनिर्भर भारत और वोकल फोर लोकल का अच्छा उदाहरण हैं।

उत्तराखण्ड के उत्पादों के लिए एक अम्ब्रेला ब्रांड बने

       मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड के उत्पादों के लिए एक अम्ब्रेला ब्रांड बनाया जाए। इसके अंतर्गत अन्य ब्रांड भी चलते रहेंगे। इसके लिए दक्ष विशेषज्ञों की सहायता ली जाए। इसके लिए उत्तराखण्ड के उत्पादों की विशेषता, सम्भावित मार्केट आदि का पूरा अध्ययन किया जाए। ब्रांड का नाम इस प्रकार हो जिसमें उत्तराखण्ड की फीलिंग आए। उद्योग विभाग इसे क्रियान्वित करेगा।

ग्रोथ सेंटरों के संचालकों ने मुख्यमंत्री को दिया फीडबैक

       मुख्यमंत्री ने वीडियो कान्फ्रेंसिग के माध्यम से विभिन्न ग्रोथ सेंटरों के संचालक स्वयं सहायता समूहों से बात की और उनसे फीडबैक लिया। बताया गया कि ग्रोथ सेंटर प्रारम्भ होने से उनसे जुड़े ग्रामीणों और महिलाओं की आय में बढ़ोतरी हुई है। धीरे-धीरे उत्पादों को बाजार भी मिलता जा रहा है। स्थानीय लोग ग्रोथ सेंटरों से जुड़ने के लिए आगे आ रहे हैं। लोहाघाट के स्वयं सहायता समूह द्वारा बताया गया कि मशीनें मिलने के बाद लोहे की कढ़ाई के निर्माण में काफी वृद्धि हुई है। इससे उनकी आय भी बढ़ी है। चमोली के उर्गम के स्वयं सहायता समूह ने बताया कि बदरी गाय के दूध व घी की अच्छी कीमत मिल रही है। दर्जनों ग्रोथ सेंटरों से जुड़े लोगों ने मुख्यमंत्री को ग्रोथ सेंटर योजना के लिए आभार व्यक्त करते हुए ग्रोथ सेंटरों की कार्यविधि की जानकारी दी।

अभी तक 104 ग्रोथ सेंटर स्वीकृत, 72 क्रियाशील

        अपर मुख्य सचिव श्रीमती  मनीषा पंवार ने बताया कि अभी तक कुल 104 ग्रोथ सेंटर स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 72 क्रियाशील हो चुके हैं। अन्य भी जल्द ही शुरू हो जाएंगे। इन ग्रोथ सेंटरों से लगभग 30 हजार लोग लाभान्वित हो रहे हैं। स्वीकृत किए गए ग्रोथ सेंटरों में एग्री बिजनेस आधारित 38, बेकरी आधारित 04, डेयरी व दुग्ध उत्पाद आधारित 05, मत्स्य 11, आर्गेनिक ऊन 10, प्रसाद 05, मसाला 04, फल प्रसंस्करण 05, शहद व मौन पालन 04, एलईडी 02, शिल्प आधारित 05, आईटी 02, पर्यटन 02, हथकरघा व क्विल्ट आधारित 02, पशुआहार 01 और एरोमा आधारित 04 ग्रोथ सेंटर हैं। बताया गया कि सितम्बर 2020 तक क्रियाशील ग्रोथ सेंटरों की कुल बिक्री धनराशि 6 करोड़ 09 लाख रूपए रही जबकि लाभ की राशि 60 लाख रूपए से अधिक रही। ग्रोथ सेंटरों के टर्नओवर और मुनाफे में लगातार वृद्धि हो रही है। ग्रोथ सेंटरों की ऑनलाईन मार्केटिंग के लिए वेबसाईट बनाई जा रही है। इनका थर्ड पार्टी मूल्यांकन भी कराया जाएगा।
       बैठक में मुख्य सचिव श्री ओम प्रकाश, उत्तराखण्ड ग्राम्य विकास और पलायन आयोग के उपाध्यक्ष डा.एसएस नेगी, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आलोक भट्ट, अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव श्री आनंदबर्द्धन, सचिव श्री आर.के. सुधांशु, श्री आर मीनाक्षी सुन्दरम, श्रीमती राधिका झा, श्री हरबंस सिंह चुघ, डा. रणजीत सिन्हा, श्री एस.ए. मुरूगेशन, निदेशक उद्योग श्री सुधीर नौटियाल सहित अन्य अधिकारी जबकि जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी वीडियो कान्फ्रेंसिंग से उपस्थित थे।


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भैरवगढी पेयजल येजना कांग्रेस की देन।भाजपा सरकार का श्रेय लेना हास्यास्पद-धीरेन्द्र प्रताप।

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रकाशनार्थ मुख्यमंत्री द्वारा भैरवगढ़ी पंपिंग योजना का श्रेय लिए जाने की धीरेन्द्र  प्रताप ने की आलोचना उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने लैंसडाउन विधानसभा क्षेत्र में भैरव गढ़ी पंपिंग योजना का श्रेय मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा लिए जाने को हास्यास्पद करार दिया है। 
धीरेंद्र प्रताप ने कहा है कि यह योजना कांग्रेस सरकार की देन थी ।व इसके लिए उन्होंने व तत्कालीन विधायक व मंत्री टीपीएस रावत ने गंभीर प्रयास किए थे ।उन्होंने कहा कि स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी ने इस योजना को स्वीकृति दी थी। उन्होंने कहा परंतु भाजपा ने इस योजना को लंबे समय तक ठंडे बस्ते में डाल दिया। उन्होंने कहा कि अब जब मुख्यमंत्री ने इसका उद्घाटन किया है तो वे इसका श्रेय लेने में अपनी बड़ी बढ़ाई समझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह नारायण तिवारी के दूरदर्शिता पूर्ण फैसलों में से एक बड़ा कदम था। उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर कांग्रेस द्वारा कराए गए कार्यों का श्रेय लेने का आरोप लगाया। लेकिन उन्होंने कहा कि लैंसडाउन की जनता जानती है नारायण दत्त तिवारी के कार्यकाल में जो ऐतिहासिक कार्य हुए  वह उत्तराखंड में चौमुखी विकास का स्वर्ण युग था। उनके जाने के बाद उत्तराखंड मे हरीश रावत ने जिस तरह से रिखणीखाल नैनीडंडा व अन्य क्षेत्रों में विकास कार्य को गति दी भाजपा उसका कभी भी मुकाबला नहीं कर पाई ।
उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की वे कांग्रेस द्वारा स्थापित योजनाओं का भाजपाईकरण करने से  बाज आएं ।
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पौड़ी गढवाल में आज 85 कोविड19 मरीज आईसेलेशन में।

पौड़ी गढवाल:मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय परिसर में स्थापित वार रूम से प्राप्त आज दिनांक        19.10.2020 को समय 02ः00 बजे की रिर्पोट के अनुसार जनपद में आरटीपीसीआर, रेपिड एन्टीजन व ट्रूनेट रूप से 61 हजार 601 सैम्पल जांच हेतु भेजे गये, जिनमंे से 51 हजार 117 नेगेटिव, 8 हजार 46 लम्बित, 1 हजार 570 अस्वीकृत तथा 2 हजार 438 कोरोना संक्रमित रोगी पाये गये। कोरोना संक्रमित 2 हजार 438 में से 2 हजार 42 स्वास्थ्य हो चुके है, जबकि 24 की मृत्यु हुई तथा 372 एक्टिव केस हैं। वर्तमान समय में 85 रोगी आइसोलेशन में भर्ती है, जिनमंे 35 बेस हाॅस्पिटल श्रीकोट तथा 50 बेस हाॅस्पिटल कोटद्वार में है। कोविड केयर सेंटर के अन्तर्गत 25 लोग हैं, जिनमंे 09 नर्सिंग काॅलेज डोबश्रीकोट, 01 परमार्थ निकेतन स्वर्गाश्रम ट्रस्ट, 09 सीसीसी कोड़िया कैम्प मंे, 03 गीता भवन स्वर्गाश्रम ट्रस्ट तथा 03 डीसीसीसी सतपुली में है।
जनपद में 65 वेंटिलेटर्स है, जिनमंे 46 बेस हाॅस्पिटल श्रीकोट, 06 बेस हाॅस्पिटल कोटद्वार, 04 जिला अस्पताल तथा 09 हंस फांउडेशन में हैं। वहीं 3182 पीपीई किट, 6622 एन95 मस्क, 23 हजार दो 3 लेयर मास्क, 436 आॅक्सीजन सिलेण्डर, 42 एम्बुलंेस तथा 9 हजार 139 वीटीएम है। जबकि 51 आईसीयू बेड है, जिनमें 30 बेस हाॅस्पिटल श्रीकोट, 06 बेस हाॅस्पिटल कोटद्वार, 04 जिला अस्पताल पौड़ी, 11 हंस फांउडेशन में है।

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