जनहित के काम नहीं रूकने चाहिए: मुख्यमंत्री# वनमंत्री डाॅ. हरक सिंह रावत ने आज राजकीय स्पोर्टस स्टेडियम कोटद्वार में जिला युवा कल्याण विभाग एवं पीआरडी विभाग के एक दिवसीय खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।#वर्षा जल संचय कार्यक्रम देश भर के सभी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में चलाया जाएगा।पढिए Janswar.com में.

जनहित के काम नहीं रूकने चाहिए: मुख्यमंत्री

  • कोरोना पाजिटिव के बाद आइसोलेशन में रहते हुए मुख्यमंत्री वर्चुअली कर रहे हैं लगातार कामकाज
  • वर्चुअली आयोजित बैठक में अधिकारियों को मौसम की पूर्व चेतावनी संबंधित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के दिए निर्देश
  • वन भूमि का एक भाग

कोरोना पजितिव होने के बाद आइसोलेशन में रहते हुए मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत, बीजापुर सेफ हाउस से लगातार वर्चुअली शासकीय कामकाज कर रहे हैं। उनकी कोशिश है कि उनके स्वभाव होने का विकास कार्यों की प्रगति पर कोई प्रभाव न पड़े। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने विश्व मौसम विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से आयोजित बैठक में वर्चुअली प्रतिभागियों ने किया, जिसमें उन्होंने भारत सरकार की मौसम की पूर्वचेतन संबंधित परियोजनाओं को यथाशीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए ताकि इस परियोजनाओं का लाभ जनता को मिल सके। । एक अन्य वर्ग बैठक में वन भूमि हस्तांतरण के लम्बित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने मामलों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बीते सोमवार को कोविद -19 की जांच में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। तब से चिकित्सकों की सलाह पर उन्होंने खुद को बीजापुर सेफ हाउस में आइसोलेट किया है। आइसोलेट रहते हुए बीती शाम को उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों की बैठक ली और जरूरी निर्देश दिए। आज मंगलवार को भी उन्होंने वर्चुअली के अधिकारियों के साथ बैठकें कीं। उनका मानना ​​है कि संक्रमण की स्थितियों में एहतियात बरतना जरूरी है। लेकिन अगर संभव है तो तबोलेशन में रहते हुए भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया जाना चाहिए।
मंगलवार को मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने विश्व मौसम विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित बैठक में कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए उत्तराखण्ड में पूर्व चेतावनी प्रणाली सयंत्र स्थापित किए जाने चाहिए। इस संबंधित में चल रही केंद्र की परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जाना चाहिए। आपदा प्रबंधन मंत्री श्री धन सिंह रावत ने कहा कि हमारा राज्य समय रहते हुए जन समुदाय को चेतावनी प्रदान करने पर शीघ्रता से काम कर रहा है। इसी क्रम में मुक्तेश्वर में डॉप्लर राडार संचालित हो चुका है और सुरकंडा मसूरी व लैंसडौन पौड़ी में शीघ्र ही डॉप्लर का कार्य शुरू हो जाएगा।
श्री एस ऐ मुरुगेसन, सचिव आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन एवं मौसम विभाग उत्तराखंड के सौजन्य से राज्य के संवेदनशील क्षेत्रों में 176 अर्ली वार्निंग वेदर स्टेशन लगाए गए हैं। जिनमें 107 अटैविक वैदर स्टेशन, 25 सफेश फील्ड ऑब्जर्वेटरी, 28 रेनगेज, 16 स्नोकेट शामिल हैं। उनके माध्यम से रियल टाइम डेटा द्वारा मौसम पूर्व सूचनाओं के माध्यम से आपदा की स्थिती में त्वरित राहत कार्यों को सफलतापूर्वक सम्पादित किए जाने के बाद सहायता प्राप्त होगी। इस वर्ग बैठक में श्री एस। ऐ मुरुगेसन, सचिव आपदा प्रबंधन, उत्तराखंड, श्री एस पी उपुधी सदस्य सचिव उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सुश्री नेहा वर्मा, अपर सचिव, वन एवं पर्यावरण विभाग उत्तराखंड, डॉ। ओमप्रकाश सिंह त्यागी, कुलपति, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय श्री आनंद श्रीवास्तव, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, डॉ। पीयूष रौतेला, आदि ने भाग लिया।
उधर वन भूमि हस्तांतरण के लम्बित प्रकरणों की समीक्षा बैठक करते हुए मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि वन भूमि हस्तांतरण के प्रकरणों के निस्तारण में सामान्य विलम्ब नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सभी जिला प्राधिकरणों को लैंड बैंक शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनपद स्तर के वन भूमि हस्तांतरण के लंबित मामलों के निस्तारण के लिए सभी जिला अधिकारी नियमित बैठक करें। उन्होंने प्रमुख सचिव वन को भी लंबित मामलों के निस्तारण के लिए अपने स्तर पर बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने संबंधित विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए मामलों के निस्तारण के लिए तेजी लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण में तेजी लाने के लिए भूमि भूमि हस्तांतरण के मामलों को तेजी से निस्तारित किया जाएगा।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव वन श्री आनन्द वर्द्धन और पीसीसीएफ भरत सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे।


  1. प्रदेश के वन एवं वन्य जीव, पर्यावरण एवं ठोस संरक्षण, श्रम, सेवायोजन, कौशल विकास, आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री डाॅ। हरक सिंह रावत ने आज राजकीय स्पोर्टस स्टेडियम कोटद्वार में जिला युवा कल्याण विभाग और पीआरडी विभाग के तत्वाधान में एक दिवसीय खेल प्रतियोगिता का उद्घाटन किया।
    काबीना मंत्री डाॅ। रावत ने छात्रों के लिए खेलों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि खेल छात्रों के शारीरिक और बौद्धिक विकास में सहायक होते हैं। उन्होंने युवा कल्याण एवं पीआरडी विभाग की सराहना करते हुए कहा कि पीरडीडी युवा उत्तराखंड में पुलिस विभाग के साथ मिलकर अपनी सेवाऐं देकर महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वनों कर रही है। इसके अलावा भी पीरडी के युवा आपदा के समय में भी अपनी भूमिका का बखूबी निर्वहन कर रहा है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कालेज के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है,जिसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री ने एक करोड़ की टोकन मनी भी जारी कर दी है। कहा कि कुछ दिनो में कोटद्वार वासियों को मेडिकल कालाज की सौगात मिल होगी। उन्होंने मालन नदी पर एक जगह और नदी पर दो स्थानों पर झील बनाने की बात करते हुए कहा कि झील निर्माण के लिए भी पर्याप्त मात्रा में धनराशि स्वीकृत हो गयी है। साथ ही कोटद्वार में बंदरों से निजात पाने के लिए बंदर बाड़ा बनाने की बात कही। इस मौके पर स्टेडियम कोच ने काबीना मंत्री को ज्ञापन प्रेषित करते हुए स्टेडियम में हाईपावर की हेलोजन लाइट लगाने और खेल सामग्री उपलब्ध करवाने की मांग की है, जिस पर उन्होंने एक महीने में मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया है।
    इस मौके पर बहुउद्देशीय सहकारी संघ के अध्यक्ष / भाजपा जिलाध्यक्ष संपत रावत, राज्य मंत्री पं।राजेन्द्र अंथ्थवाल सहित भुवनेश खर्कवाल, चंद्रमोहन जसोला, जीएमओ के अध्यक्ष जीत सिंह पटवाल, नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष रश्मि सिंह, राकेश मित्तल, पार्षद कुलदीप रावत, राजेन्द्र सिंह, अभिलाषा भारद्वाज, मुख्य कोच संदीप डुकलान, विनोद पाल, विनोद पाल सिंह , सुरेन्द्र गुसाई, सुधीर बहुगुणा और संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

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विश्व जल दिवस के अवसर पर आज देश के मा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जल शक्ति अभियान के तहत ‘कैच द रेन’ यानी वर्षा जल संचय कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
यह अभियान देश भर के सभी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शुरू होगा। इस अभियान का नारा है-‘जन भी गिरे और जब भी गिरे, वर्षा का पानी इकट्ठा करें। ‘ यह अभियान पूरे देश में 22 मार्च 2021 से 30 नवंबर, 2021 तक पूर्व मानसून और मानसून अवधि के दौरान चला गया। इस अभियान को जमीनी स्तर पर जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक जन आंदोलन के रूप में शुरू किया जाएगा। प्रधानमंत्री जी ने देश के अलग-अलग राज्यों के किसानों और जलशक्ति में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंचों के साथ संवाद किया। उन्होंने सभी देशवासियों को जल संरक्षण करने, वर्षा जल को बचाने का संदेश दिया।
विश्व जल दिवस के अवसर पर जल शक्ति मंत्रालय के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी डाॅ। विजय कुमार जोगदण्डे ने विकास भवन सत्तार पौड़ी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रतिभाग किया। आयोजित कार्यक्रम के पश्चात जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय जल मिशन के संबंध में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई और जनपद में जल शक्ति अभियान ‘कैच द रैन’ कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक ली। उन्होंने कहा कि ‘कैच द रैन’ कार्यक्रम का मूल उदेश्य पानी की हर बूँद को बचाना है। जल संरक्षण के लिए आवश्यक है पेड़ों को लगभग होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पेड़ लगाने के साथ-साथ उनका संरक्षण भी आवश्यक है और पेड़ लगाने की शुरूआत अपने घर या आस पास से ही करें, जिससे उन्हें भी संभव हो सके। जिलाधिकारी डाॅ। जोगदण्डे ने कहा कि पुरानी धारा, नौलों का संरक्षण परमम् रूप से होना चाहिए जिससे उनका महत्व बना रहे। उन्होंने जनपद के सभी विकास खण्ड अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाले कार्यों में कुल बजट के सापेक्ष 15 प्रतिशत धनराशि जल से संबंधित कार्यों में उपयोग की जाए साथ ही एक महीने में फिर से इस संबंध में बैठक भी जाए।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख पादड़ी दीपक खगशाल ने कहा कि बरसाती जल का बड़े स्तर पर उपयोग कर उसे बचाने की आवश्यकता है। चाल-खाल को और अधिक बनाया जाना चाहिए साथ ही जल संरक्षण के लिए बनाये जा रहे चाल खाल के आकार को बढ़ने की आवश्यकता है। कहा कि जितने अधिक वृक्ष संरक्षित होंगे, भूमि में जल का स्तर उतना ही अधिक बढ़ेगा।
इस अवसर पर सहायक अभियंता पेयजल निगम सतेंद्र पाल, सहायक अभियंता जल संस्थान सुनील बिष्ट, खंद विकास अधिकारी प्रवीण भट्ट, स्वजल से पूर्ण सिंह, विजय, पेयजल निगम कोटवार से राजेंद्र प्रसाद आदि उपस्थित थे।

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