जनता से जुडी योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए: मुख्यमंत्री।पढ़िए janswar.com में।

  • जनता से जुडी योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए: मुख्यमंत्री
  • योजनाओं का विनियमन और प्रभावी कार्यान्वयन महत्वपूर्ण है
  • मुख्यमंत्री ने राज्य, जिला क्षेत्र केंद्र पोषित और बाहरी सहायक योजनाओं की समीक्षा की

मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने बुधवार को सचिवालय में जिला क्षेत्र, राज्य क्षेत्र, केंद्र पोषित और बाह्य सहायक योजनाओं के नियोजन की विभागवार प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने इन योजनाओं की जिलावार भी समीक्षा की। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिवों के साथ ही सभी प्रमुख सचिव, सचिव विभागाध्यक्ष और वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि केन्द्र पोषित और बाह्य सहायतित योजनाओं का प्रभावी अनुश्रवण भी विशेष ध्यान दिया जाए। इन योजनाओं से संबंधित वांछित समय पर भारत सरकार को उपलब्ध कराये जाने की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने भी दिये। समय पर भारत सरकार को योजनाओं की वित्तीय और भौतिक प्रगति की सूचना उपलब्ध कराने से धनराशि स्वीकृत होने में सुविधा रहती है।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश का चहुंमुखी विकास हम सबका दायित्व है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके इसके लिए स्वीकृत योजनाओं का क्रियान्वयन समय पर होना आवश्यक है। उन्होंने योजनाओं की सफलता के लिए उनके आकलन और कार्यान्वयन पर विशेष ध्यान देने को कहा।

मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय विकास और आम जनता से जुड़ी योजनाओं पर विशेष ध्यान देने के साथ ही रोजगार सृजन, कौशल विकास स्वास्थ्य, शिक्षा कृषि और ग्रामीण विकास से संबंधित योजनाओं पर विशेष ध्यान देने की बात कही, उन्होंने कहा कि पर्यटन प्रदेश की आर्थिकी में विशेष माध्यम है। अतः इससे जुड़ी योजनाओं रोप वे, होम स्टे आदि के साथ ही जौलीग्रांट और पन्तनगर हवाई अड्डों के विस्तारीकरण एवं गौचर चिन्यालीसौड, पिथौरागढ़, हवाई पट्टियों के विकास पर भी ध्यान देने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय स्तर पर जिन योजनाओं को मंजूरी मिलनी हो उसके लिए वे केंद्रीय मंत्रियों से भी बातचीत करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी यह ध्यान रखें कि योजनाओं के लिए स्वीकृत धनराशि का शत प्रतिशत उपयोग हो। उन्होंने कहा कि धनराशि चाहे केन्द्र से मिलनी हो या राज्य सरकार से उसका जनपद स्तर तक वितरण समयबद्धता के साथ जाना है।उन्होंने कहा कि योजनाओं की थीम भी विकासवादी होनी चाहिए। उन्होंने भविष्य की योजनाओं की योजना भी अभी से सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आम जनता के विश्वास और विकास के लिए हम सबको एक टीम के रूप में कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि डिकको की मरम्मत सरफेसिंग आदि कार्यो के लिए विधायक गणों को दी जा रही है 50 करोड़ की धनराशि से किए जाने वाले कार्यों का अवलोकन्रवान भी जिलाधिकारी देखता है।
अपर मुख्य सचिव नियोजन श्री मनीषा पंवार ने बताया कि इस वर्ष के लिए 57590 करोड़ का वित्तीय लाभ हुआ है। जिसके सापेक्ष 37443 करोड़ की स्वीकृति जारी की गई है। जबकि 28933 करोड़ की धनराशि 28 फरवरी तक व्यय हुई है। इसी प्रकार जिला क्षेत्र में 665.50 करोड़ की स्वीकृतियां जारी की गईं जिनके सापेक्ष 587 करोड़ की धनराशि व्यय हो गई है।राज्य क्षेत्र में 45324 करोड़ स्वीकृत किए गए और 23831 करोड़ व्यय हुआ है। इसी प्रकार के केंद्र पोषित योजनाओं के अन्तर्गत 9993 करोड़ के प्राविधान के सापेक्ष 5971 करोड़ की स्वीकृति जारी हुई और 3945 करोड़ व्यय 28 फरवरी तक हुआ है। इसी प्रकार की बाहरी सहायक योजनाओं के अन्तर्गत 1607 करोड़ का प्राविधान के साथ 798 करोड़ स्वीकृत किया गया। इसके सापेक्ष 569.52 करोड़ व्यय हुआ है।
सचिव वित्त अमित नेगी ने सभी जिला प्राधिकरणों से अपेक्षा की कि वे जिला योजना, नाबार्ड फण्ड से स्कूलों में पेयजल शौचालय, फर्नीचर कंप्यूटर प्रयोगशाला की स्थापना, कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने और उनकी विपणन व्यवस्था मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और आंगनवाड़ी केंद्रों के रखरखाव आदि की योजना बनाएं। बनाएँ। तैयार   कर इसकी व्यवस्था करने को कहा।

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