ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में बनायी जाय कोविड नियंत्रण समिति-जिलाधिकारी पौड़ी गढवाल।पढिए Janswar.com में।

जिलाधिकारी गढ़वाल डाॅ. विजय कुमार जोगदण्डे ने कोविड-19 संक्रमण के रोकथाम एवं बचाव के तहत आज जनपद के समस्त ब्लाॅकों के ग्राम पंचायत प्रधानों से स्लाॅट वाइज वर्चुअल माध्यम से जुड़कर बैठक ली। उन्होंने कहा कि कोविड-19 संक्रमण के दृष्टिगत ग्राम पंचायत स्तर पर ‘ग्राम स्तरीय कोविड नियंत्रण समिति‘ बनाने हेतु आदेश जारी किये गये हैं, जिसमें ग्राम प्रधान अध्यक्ष होंगे। उन्होंने कहा कि समिति की साप्ताहिक बैठक कराना सुनिश्चित करें, जिसमें कोविड संक्रमण के संबंध में चर्चा की जाय। उन्होंने कहा कि साथ ही समिति कब गठित की गई, सदस्यों के नाम, ग्राम पंचायत में जनसंख्या, उपलब्ध कराई गई दवाई किट, उपलब्ध संसाधन, धनराशि, कोविड सामाग्री, कितने संक्रमित व्यक्ति हैं, कितने ठीक हुए, रेफर किये गये मरीज, परिवार को दी गई सुविधा, माईक्रो जोन, आदि समस्त जानकारी अपनी डायरी में नोट करना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने बीडीओ को निर्देशित किया कि प्रत्येक ब्लाॅक में एक कन्ट्रोल रूम बना हो, जिसका नम्बर प्रत्येक ग्राम प्रधान व एमओआईसी के पास उपलब्ध हो। कहा कि ब्लाॅक स्तर पर भी ग्राम पंचायत स्तर पर बनी समिति के सदस्यों, समिति द्वारा की गई बैठक, दवाई, संक्रमित व्यक्तियों, क्वारनटाइन सेंटर आदि समस्त जानकारी रखी जाय।
जिलाधिकारी डाॅ. जोगदण्डे ने कहा कि गांव के प्रत्येक व्यक्ति जो कोरोना संक्रमित है या जिसमें कोरोना के लक्षण दिखाई देते है, उसको कोविड मेडिसन किट उपलब्ध करानी है। कहा कि जनपद में एक लाख दवाई किट का आर्डर दिया गया है, जिसमें से 25 हजार दवाई किट प्राप्त हो चुकी हैं, जिन्हें समस्त  विकास खण्डों में पहुंचाकर आशा व आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से गांव-गांव में वितरित किया जा रहा है। कहा कि इसके आलाव आइवरमैकटिन 12एमजी किट समस्त ग्राम पंचायत हेतु 50 से 100 किट (दवाई उपयोग जानकारी पर्चा सहित) जनसंख्यानुसार दी जा रही है, जिसे 15 से अधिक आयु के व्यक्तियों को तीन दिन तक सुबह-शाम लेनी है, ताकि संक्रमण को फैलने से कम किया जा सके। कहा कि साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायत में दवाई किस तरह उपयोग में लानी है, संबंधी पोस्टर बनाकर चस्पा करना सुनिश्चित करें, ताकि सभी को उसको पढ़कर सुविधा हो।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत को 4-4 पल्स आॅक्सीमीटर, एन95 मास्क, पीपीटी किट, गलब्स भी उपलब्ध कराये जा रहे हैं। कहा कि समिति अपने स्तर से भी निधि से कोविड सामाग्री क्रय कर सकती है या मांग के अनुसार मांग भी कर सकती है। कहा कि जितने भी सामुदाकिय स्वास्थ्य केन्द्र हैं, उनमें 30-30 आॅक्सीजन बैड बना रहे हैं व दवाई उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि वहीं पर इलाज समभव हो सके। कहा कि प्रत्येक कोरोना संक्रमित व्यक्ति को आॅक्सीजन की जरूरत नहीं होती है, 90 प्रतिशत समय से दवाई लेने व सावधानी बरतकर ठीक हो सकते हैं। बहुत कम को आॅक्सीजन की जरूरत पड़ती है। कहा कि प्रत्येक विकास खण्ड को 01 एम्बुलेंस व 02 बुलेरो/जीप दे रहे हैं, ताकि मरीज को लाने-ले जाने में मदद मिल सके। कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल जांच कैम्प लगाये जा रहे हैं, अधिक से अधिक लोग सैम्पल देकर जांच करवायें, ताकि संक्रमण के फैलाव को कम किया जा सके। कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत हेतु डीपीआरओ/बीडीओ के माध्यम से जन जागरूकता पोस्टर भेजे जा रहे हैं इन्हें चस्पा करना सुनिश्चित कर लें।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर बाहर से आने वाले प्रवासियों हेतु सावधानी के तौर पर अलग से क्वारनटाइन सेंटर बना सकते हैं, जिसमें 3-4 बैड, बिजली, पानी व शौचालय की सुविधा हो। कहा कि कोविड-19 के दृष्टिगत राज्य वित्त आयोग से ढाई से तीन लाख तक की धनराशि जनसंख्यानुसार मुहैया कराई गई है, जिसके तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत को 20 हजार की धनराशि कोविड के तहत खर्च करने की अनुमति दी गई है तथा आवश्यकतानुसार मांग करने पर एसडीआरएफ मद से और धनराशि भी मिल जायेगी, इसकी जानकारी डीपीआरओ, बीडीओ व एमओआई को उपलब्ध करानी होगी। कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर मेडिकल कैम्प लगाना हो तो एडीओ/वीडीओ को सूचित कर दें।
उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सबको मिलकर काम करना है, तभी इस बीमारी से हम जीत पायंेगे। कहा कि गांव में अभी भी लोग टेस्ट करवाने में डर रहे हैं, इसमें ग्राम प्रधान की सहभागिता जरूरी है। कहा कि टेस्ट करवाने से पता भी चल जायेगा कि पाॅजिटिव हैं कि नहीं और अगर हैं भी तो समय से दवाई लेकर स्वास्थ हो सकते हैं तथा संक्रमण को फैलने से भी रोक सकते हैं।
बैठक में डीपीआरओ एम.एम.खान सहित जनपद के समस्त ग्राम प्रधान वर्चुअल माध्यम से जुड़े हुए थे।

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