गृहमंत्रालय ने की ब्लात्कार व यौन शोषण मामलों की जांच हेतु गाईडलाईन्स।#मुख्यमंत्री ने पंचायतों को प्रदान की 62.21 करोड़ की धनराशि।#विश्व स्वास्थ्य दिवस पर एम्स ऋषिकेश में सभी के लिए मानसिक स्वास्थ्य संबंधी संगोष्ठी आयोजित। #सिविल जज, इंदु शर्मा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कोविड-19 माॅनिटरिंग कमेटी की बैठक हुई। पढिए Janswar.Com में।

समाचार प्रस्तुति- अरुणाभ रतूड़ी।




गृहमंत्रालय ने की ब्लात्कार व यौन शोषण मामलों की जांच हेतु गाईडलाईन्स।

केन्द्र सरकार ने महिलाओं के विरुद्ध बढते अपराधों पर चिन्ता प्रकट करते हुए उसे रोकने के लिए गृहमंत्रालय ने एक गाईडलाईन जारी की है।
गृहमंत्रालय की जारी गाईडलाईन के अनुसार पीड़िता की एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य है लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक रूप से कार्यवाही की जाय। अगर अपराध संज्ञेय है तो पीड़िता जिस थाने में एफआईआर दर्ज करने गयी और मामला दूसरे थाने की सीमा में हो तो जीरो एफआईआर दर्ज की जाय।
ऐडवायजरी में आगे कहा गया है कि एफ आईआर दर्ज न करने वाले अधिकारी के विरुद्धआईपीसी की धारा166A(C) के तहत दंडित किया जाय। सीआरपीसी की धारा 173 में ब्लात्कार के मामलें की जांच दो महीनों में पूरा करने का प्राविधान है।और सीआरपीसी की धारा 164-Aब्लात्कार या यौन शोषण के मामले की सूचना मिलने पर पीड़िताकी सहमति से एक रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर से उसकी जांच करवाये जाने की व्यवस्था के अनुसार कार्य किया जाना चाहिए। इंडियन ऐविडेंस ऐक्ट की धारा 32(1)के अनुसार मृत्युपूर्व दिया गया बयान जांच में अहम् तथ्य होगा। यौन शोषण के मामलों में फोरेंसिंक सबूत जुटाए जांय।
इस गाईडलाईन का पालन न करने वाले पुलिस अधिकारी को कठोर दंड दिया जाय।
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मुख्यमंत्री ने पंचायतों को प्रदान की 62.21 करोड़ की धनराशि

       मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में पंचायतों को राज्य वित्त आयोग के अन्तर्गत प्राप्त धनराशि को डिजिटल माध्यम से प्रदेश के 7791 ग्राम पंचायतों, 95 क्षेत्र पंचायतों एवं 13 जिला पंचायतों को एक साथ कुल 62.21 करोड़ की धनराशि हस्तान्तरित की। हस्तानान्तरित की गई धनराशि में ग्राम पंचायतों हेतु रू0 19.30 करोड़, क्षेत्र पंचायतों हेतु रू0 14.48 करोड़, जिला पंचायतों हेतु रू0 28.43 करोड़ की धनराशि शामिल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पंचायतों को धनराशि का डिजिटल स्थानान्तरण होने से कार्यों में तेजी व पारदर्शिता आयेगी। इससे सरकारी सिस्टम के प्रति लोगों का विश्वास भी बढ़ेगा।
     

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इण्डिया प्रोग्राम को साकार करते हुए पंचायतीराज विभाग द्वारा त्रिस्तरीय पंचायतों को केन्द्रीय वित्त/राज्य वित्त से प्राप्त सभी अनुदान पी.एफ.एम.एस के माध्यम से एक साथ डिजिटल हस्तान्तरित किये जा रहे है, तथा त्रिस्तरीय पंचायतों द्वारा प्राप्त अनुदानों तथा स्वयं के आय स्रोत आदि से प्राप्त सभी धनराशियों से कराये जा रहे विकास कार्यो एवं अन्य गतिविधियों के सापेक्ष सभी भुगतान शत् प्रतिशत पी.एफ.एम.एस के माध्यम से डिजिटल रूप में किये जा रहे है। इस व्यवस्था के लागू होने से सभी पंचायतों को केन्द्र एवं राज्य सरकार से प्राप्त होने वाली धनराशि तत्काल पंचायतों के खाते में पहुंच रही है।
       
       मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि सभी पंचायतों को एक साथ डिजिटल माध्यम से अनुदान की राशि हस्तान्तरित किये जाने के बाद पंचायतों को विकासपरक परियोजनाओं के साथ-साथ कोरोना वायरस महामारी से ग्रामवासियों के बचाव हेतु आवश्यक उपायों और बाहर से आये नागरिकों के संस्थागत quarantine सम्बन्धी व्यवस्था हेतु सामुदायिक भवनों (पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केन्द्र, विद्यालय या अन्य राजकीय भवन आदि) की साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, शौचालय व्यवस्था, मरम्मत, सैनिटाईजेशन, प्रचार-प्रसार आदि कार्यो को पूर्ण करने में सहायता मिलेगी। इस धनराशि से पंचायतों के अन्तर्गत  जलापूर्ति की व्यवस्था, सीवरेज ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सैप्टेज प्रबंधन सहित जल निकासी एवं स्वच्छता, सामुदायिक परिसम्पत्तियों का रख-रखाव, स्ट्रीट लाईट तथा आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण/अतिरिक्त कक्षा-कक्ष आदि का निर्माण एवं सामुदायिक भवन निर्माण आदि विकास कार्य किये जाने में सुविधा होगी।  
मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी से निपटने हेतु पंचायतों द्वारा किये गये प्रयासों के लिये पंचायत प्रतिनिधियों के साथ-साथ सभी ग्राम वासियों द्वारा निभायी जा रही भूमिका की भी सराहना की।  मुख्यमंत्री ने सभी त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ-साथ सभी ग्राम वासियों से यह अपील की गयी कि वर्तमान कोविड-19 परिस्थितियों से बचाव हेतु भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करते हुए ‘‘2 गज सामाजिक दूरी और मास्क जरूरी‘‘ नियम का अनुपालन आवश्यक रूप से किया जाय।
       इस अवसर पर सचिव मुख्यमंत्री श्रीमती राधिका झा एवं निदेशक पंचायती श्री हरिचन्द्र सेमवाल आदि उपस्थित थे।

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विश्व स्वास्थ्य दिवस पर एम्स ऋषिकेश में सभी के लिए मानसिक स्वास्थ्य संबंधी संगोष्ठी आयोजित।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2020 के अवसर पर सभी के लिए मानसिक स्वास्थ्य : अधिक से अधिक निवेश, ज्यादा से ज्यादा पहुंच” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें बताया गया कि मानसिक स्वास्थ्य विश्वव्यापी बीमारी है,जिसके मद्देनजर वर्ष-1992 से विश्वभर में हर वर्ष 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। यह बहुत महत्वपूर्ण तथ्य है कि मानसिक बीमारी विश्वव्यापी है। मगर यह भारत में अधिक महत्वपूर्ण है, जहां हाल ही में एक मेडिकल जर्नललैंसेट में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चला है कि 7 में से 1 भारतीय जो देश की कुल आबादी के लिहाज से लगभग 20 करोड़ भारतीय हैं, किसी न किसी रूप से मानसिक बीमारी से ग्रसित हैं। मगर दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण, 2016 के अनुसार, इनमें से औसतन 60% रोगियों को मानसिक बीमारी का कोई उपचार नहीं मिल पाता है।

बताया गया है मानसिक बीमारियों में चिंता विकार, डिप्रेसिव डिसऑर्डर, बाइपोलर डिसऑर्डर, साइकॉटिक डिसऑर्डर और सब्सटेंस यूज्ड डिसऑर्डर शामिल हैं, जिनमें से सब्सटेंस यूज्ड डिसऑर्डर सबसे आम बीमारी है। हालांकि, सब्सटेंस यूज्ड डिसऑर्डर के लिए उपचार प्राप्त करने वाले रोगियों का अनुपात सबसे कम है, इनमें से महज 15 प्रतिशत से भी कम रोगियों को उपचार प्राप्त हो पाता है। यही वजह है कि मानसिक बीमारी और पदार्थ उपयोग विकार के लिए उपचार संसाधनों की इस कमी को ध्यान में रखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ ) ने वर्ष- 2020 के विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस को “सभी के लिए मानसिक स्वास्थ्य: अधिक से अधिक निवेश, ज्यादा से ज्यादा पहुंच’’ थीम के साथ मनाने का फैसला किया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के इस विषय को ध्यान में रखते हुए, एम्स ऋषिकेश ने अस्पताल में पिछले एकसाल में सब्सटेंस यूज्ड डिसऑर्डर के उपचार की सुविधा को भी बढ़ाया है।

विशेषज्ञों के अनुसार ड्रग्स का उपयोग आज के समाज में एक बड़ी चुनौती है। ड्रग्स में ओपिओयडकैनबिस (जैसे-भांग, गांजा, चरस, हैश), ओपियॉइड् (जैसे-अफीम, हेरोइन, ट्रामाडोल, प्रॉक्सीवोन), उत्तेजक / हैलुसिनेन्स (जैसे कोकीन, एम्फ़ैटेमिन, मेथमफेटामाइन, एलएसडी) और शामक / कृत्रिम निद्रावस्था / सम्मोहक / कृत्रिम निद्रावस्थाएं शामिल हैं। इनमें अल्प्राजोलम, डायजेपाम, लॉराज़ेपम आदि शामिल हैं। इन दवाओं का सेवन ज्यादातर मौखिक, सांस के मार्ग से किया जाता है, लेकिन इन्ट्रावीनस मार्ग से भी इसका सेवन किया जा सकता है। उत्तरार्द्ध बहुत खतरनाक है, क्योंकि यह एचआईवी, हेपेटाइटिस -बी और सी जैसे गंभीर रोगों का कारण बन सकता है। अंतः शिरामार्ग गंभीर है क्योंकि अधिकता से मरीज की तात्कालिक मृत्यु हो सकती है। इसकेअलावा एलएसडी और मेथामफेटामाइन जैसी दवाओं का सेवन भी मस्तिष्क की अपरिवर्तनीय क्षति का कारण बन सकता है।
उत्तराखंड राज्य में नशीली दवाओं के उपयोग का परिदृश्य गंभीर है, वजह नशीली दवाओं का उपयोग प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से अधिक है।हालांकि, सामाजिक कलंक और नशे की लत के कारण उपचार की मांग बहुत कम है, जिसे एक नैतिक विफलता माना जाता है। लेकिन एकबार इलाज के लिए लाए जाने के बाद रोगी के स्वास्थ्य में सुधार होने लगता है। लिहाजा हमें पदार्थ के उपयोग के सामान्य लक्षणों के बारे में जागरुक होने की आवश्यकता है।
• स्वस्थ व्यक्ति में अत्यधिक उनींदापन
• चलने में अचानक खिसकनाया झुकाव होना
• हाल ही में व्यवहार में परिवर्तन
• आंखों में लाली
• शरीर से अजीब किस्म की बदबू आना और व्यक्तिगत स्वच्छता में कमी का होना

इस अवसर पर एम्स निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी पद्मश्री रविकांत ने कहा कि शराब और नशीली दवाओं की समस्या से जूझ रहे मरीज डीटीसी हेल्पलाइन नंबर- 7456897874 पर ( सोमवार से शुक्रवार सुबह 8-30 से सांय 5-30 बजे और शनिवार को सुबह 8.30 बजे से 2 बजे तक ) दूरभाष संपर्क कर सकते हैं, साथ ही हेल्पलाइन सेवाओं पर विशेषज्ञों द्वारा दी गई सलाह के अनुसार मरीज अस्पताल आ सकते हैं।

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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव/सिविल जज, इंदु शर्मा की अध्यक्षता में आज मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय परिसर सभागार में जिला स्तरीय कोविड-19 माॅनिटरिंग कमेटी की बैठक हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी डा. एस.के. बरनवाल सहित अन्य संबंधित अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। जनपद में कोविड-19 के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम हेतु विभागीय स्तर पर की जा रही कार्यो की क्रमवार समीक्षा की। वाहनों में नियमित रूप सेनेटाइज न होने पर परिवहन अधिकारी पर नाराजगी जाहिर की। कहा कि वाहनों की संचालन की सूची अनुसार सेनेटाइज करते हुए वीडियो एवं फोटो क्लीप व्हट्सअप ग्रुप में भेजना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही उन्होंने नगर निकाय क्षेत्रों में समुचित सफाई व्यवस्था बनाये रखने हेतु अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को निर्देशित किया। कहा कि हर रविवार को जनपद के समस्त नगर क्षेत्रों में वृहद स्तर पर सफाई अभियान चलाते हुए सेनेटाइज कराने सुनिश्चित करेंगे। वहीं अस्पतालों में कोविड-19 से संबंधित रोगियों के स्वास्थ्य परीक्षण उपचार आदि समुचित व्यवस्थाओं को आगामी समय तक बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। कहा कि क्षेत्रों में जनमानसों की सैंपलिंग में तेजी लाऐं। उन्होंने डाटा में संकलन में एक रूपता लाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने परिवहन, पुलिस एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बस, टैक्सी, केब आदि के चालक परिचालकों द्वारा यात्रियों से अधिक किराया वसूलने पर वैधानिक कार्यवाही अमल में लाये जाये, बस एवं टैक्सी यूनियनों को भी आगाह करेंगे। कहा कि यातायात मार्गो पर सामान, रेत, बजरी, ईंट आदि डंपिंग न हो इस बात को गंभीरता से लेना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को वाहन चालक, परिचालक द्वारा निर्धारित दर से अधिक किराया वसूलने को लेकर छापामारी अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी को निर्देशित किया कि इम्यूनिटी की बूस्टर, काढा तथा घरेलू उपचार के माध्यम से स्वस्थ्यता बनाए रखने हेतु लोगों को जागरूक करें।
  इस अवसर पर डा. सुभाष चंद्रा, डा. जी. एस. तालियान, डा. आशीष गुसांई, सीओ वंदना वर्मा, आशीष जदली, जयन्त वश्ष्ठि, शैलेश भट्ट, दीपेश चंद्र काला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

—————————————————————–जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव/सिविल जज, इंदु शर्मा की अध्यक्षता में आज मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय परिसर सभागार में जिला स्तरीय कोविड-19 माॅनिटरिंग कमेटी की बैठक हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी डा. एस.के. बरनवाल सहित अन्य संबंधित अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। जनपद में कोविड-19 के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम हेतु विभागीय स्तर पर की जा रही कार्यो की क्रमवार समीक्षा की। वाहनों में नियमित रूप सेनेटाइज न होने पर परिवहन अधिकारी पर नाराजगी जाहिर की। कहा कि वाहनों की संचालन की सूची अनुसार सेनेटाइज करते हुए वीडियो एवं फोटो क्लीप व्हट्सअप ग्रुप में भेजना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही उन्होंने नगर निकाय क्षेत्रों में समुचित सफाई व्यवस्था बनाये रखने हेतु अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को निर्देशित किया। कहा कि हर रविवार को जनपद के समस्त नगर क्षेत्रों में वृहद स्तर पर सफाई अभियान चलाते हुए सेनेटाइज कराने सुनिश्चित करेंगे। वहीं अस्पतालों में कोविड-19 से संबंधित रोगियों के स्वास्थ्य परीक्षण उपचार आदि समुचित व्यवस्थाओं को आगामी समय तक बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। कहा कि क्षेत्रों में जनमानसों की सैंपलिंग में तेजी लाऐं। उन्होंने डाटा में संकलन में एक रूपता लाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने परिवहन, पुलिस एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बस, टैक्सी, केब आदि के चालक परिचालकों द्वारा यात्रियों से अधिक किराया वसूलने पर वैधानिक कार्यवाही अमल में लाये जाये, बस एवं टैक्सी यूनियनों को भी आगाह करेंगे। कहा कि यातायात मार्गो पर सामान, रेत, बजरी, ईंट आदि डंपिंग न हो इस बात को गंभीरता से लेना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को वाहन चालक, परिचालक द्वारा निर्धारित दर से अधिक किराया वसूलने को लेकर छापामारी अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी को निर्देशित किया कि इम्यूनिटी की बूस्टर, काढा तथा घरेलू उपचार के माध्यम से स्वस्थ्यता बनाए रखने हेतु लोगों को जागरूक करें।
  इस अवसर पर डा. सुभाष चंद्रा, डा. जी. एस. तालियान, डा. आशीष गुसांई, सीओ वंदना वर्मा, आशीष जदली, जयन्त वश्ष्ठि, शैलेश भट्ट, दीपेश चंद्र काला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

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