कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु अधिक से अधिक सैम्पलिंग बढ़ाई जाए-मुख्यमंत्री।#मुख्यमंत्री ने विश्व पर्यावरणदिवस पर प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय योगदान देने की अपील की है#जिलाधिकारी गढवाल के प्रयास से हंस फाउण्डेशन ने लगाया चौथाण पट्टी की गर्भवती महिलाओं के लिए अल्ट्रासांउण्ड कैम्प।पढिए Janswar.com में ।

-अरुणाभ रतूड़ी

रूद्रपुर- एक दिवसीय भ्रमण पर पंहुचे प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने एपीजे अब्दुल कलाम सभागार कलेक्ट्रेट में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जिले में कोविड संक्रमण की रोकथाम, उपचार एवं उससे बचाव आदि हेतु किए जा रहे कार्यों के साथ ही आगामी मानसून काल के मद्देनजर पूर्व तैयारी तथा जनपद में संचालित विकास कार्यों की विस्तृत रूप से जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु अधिक से अधिक सैम्पलिंग बढ़ाई जाए। इस हेतु सभी ग्राम सभाओं में मेडिकल टीम जाकर जांच करे। जांच के दौरान लक्षण वाले प्रत्येक व्यक्ति को तत्काल दवा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें एवं ग्राम स्तर पर निगरानी टीम को और अधिक एक्टिव रखते हुए संक्रमण की रोकथाम हेतु कार्य करें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था मुहैया कराना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के साथ ही आगामी वर्षा के दौरान जल जनित रोग, डेंगू की रोकथाम हेतु व्यापक स्तर पर सभी नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में नगर निकाय व पंचायती विभाग सेनेटाइजेसन का कार्य लगातार जारी रखें, साथ ही जनता को इसके प्रति जागरूक भी करें। समीक्षा के दौरान  मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केद्रों में भी में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव में कोरोना से संबंधित आवश्यक दवा की किट का भी वितरण शीघ्रता से कराया जाये।
मुख्यमंत्री ने सभी विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से कहा कि गांव में जाकर लगातार दवाई एवं अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी सुविधाओं की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी लेते रहें। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु कड़ाई से कर्फ्यू का अनुपालन कराना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि ब्लैक फंगस की रोकथाम को दृष्टिगत रखते हुए राज्य सरकार ने  इंजेक्शन की पर्याप्त व्यवस्था कर ली है एवं कोविड-19 की तीसरी लहर से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। उन्होने कहा कि आवश्यकतानुसार अस्पतालों के साथ ही होटल, धर्मशाला की भी व्यव्स्था करना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने कोविड कन्ट्रोल रूम का निरीक्षण भी किया, कन्ट्रोल रूम की व्यस्थाओं की सराहना करते हुए होम आईशोलेशन में रह रहे मरीजों से विडियो कॉल के माध्यम से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली एवं जल्द स्वस्थ्य होने की कामना की। उन्होने कहा कि कोविड संक्रमण में जो बच्चे अनाथ हो गये है ऐसे बच्चों को 3000 रुपए प्रतिमाह दिए जायेंगे। उन्होने कहा कि ऐसे अनाथ/असहाय बच्चे जब तक बालिग न हो तब तक जिलाधिकारियों की देखरेख में रहेंगें ताकि उनकी सम्पत्ति को कोई भी नुकसान न पहुंचा सके। उन्होने कहा कि कोरोना संक्रमण में बजट की कोई कमी नही है जिसके लिए जिलाधिकारी को भी अधिकार दिये गये है कि वह अपने फण्ड से भी इस महामारी में खर्च कर सकते है।
समीक्षा के दौरान  मुख्यमंत्री द्वारा आगामी मानसून काल के मद्देनजर सम्बन्धित अधिकारियों से  आगामी मानसून के लिए  तैयारियों की जानकारी ली। उन्होने निर्देश दिए कि सभी विभाग किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने हेतु पूर्व तैयारी करते हुए अलर्ट रहें तथा किसी भी प्रकार की आपदा की घटना होने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किए जाये, सभी तहसील व थाना स्तर पर आवश्यक उपकरण राहत पैकेट आदि की भी व्यवस्था के साथ ही राहत कैम्प चिह्नित कर उनमें आवश्यक व्यवस्था पूर्व से रखी जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए सहयोग से कार्य करें। विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने पेयजल, ऊर्जा विभाग, लोक निर्माण विभाग,सिंचाई समेत विभिन्न कार्यदाई संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह निर्माण कार्यों को समयबद्धता से पूर्ण करें। अधिकारी मुख्यालय में न बैठकर फील्ड में जाकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाएं, कार्य धरातल पर दिखने चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी एवं जन प्रतिनिधि एक दूसरे के पूरक हैं वह मिलकर कार्य कर जिले को विकास के क्षेत्र में आगे ले जाएं। वह एक टीम भावना के साथ कार्य करें।
बैठक में सांसद अजय भट्ट, विधायक राजकुमार ठुकराल, राजेश शुक्ला, हरभजन सिंह चीमा, प्रेम सिंह राणा एवं पुष्कर सिंह धामी ने जिले के विकास के संबंध में अपनी बात रखी। उन्होने कहा कि जिनका राशन कार्ड अभी तक ऑनलाइन नही हुआ है उन लोगों को भी राशन देना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार का मकसद है कि प्रदेश में कोई भी भुखा न रहे।
बैठक में जिलाधिकारी  रंजना राजगुरू व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिंह कुंवर ने प्रजेन्टेशन के माध्यम से जिले में कोविड संक्रमण एवं डेंगू की रोकथाम हेतु किए जा रहे कार्यों के अतिरिक्त वर्तमान में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के एवं आगामी मानसून काल के दौरान किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने हेतु की गई पूर्व तैयारी के साथ ही जिले में संचालित विकास कार्यों के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी।
इस अवसर पर प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज, परिवहन मंत्री यशपाल आर्य, शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय, सांसद अजय भट्ट, विधायक राजकुमार ठुकराल, राजेश शुक्ला, सौरभ बहुगुणा, प्रेम सिंह राणा, पुष्कर सिंह धामी, आदेश चैहान, कुमाऊं आयुक्त अरविन्द सिंह हयांकि, डीआईजी कुमाऊ अजय रौतेला, मेयर रूद्रपुर रामपाल, जिलाध्यक्ष शिव अरोरा, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु खुराना, नोडल अधिकारी हॉस्पिटल मैनेमेंट बंशीधर तिवारी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 डीएस पंचपाल, अपर जिलाधिकारी उत्तम सिंह चौहान, जगदीश चन्द्र काण्डपाल के साथ ही कोविड से सम्बन्धित नोडल अधिकारी व सम्बन्धित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने विश्व पर्यावरण दिवस (05 जून) के अवसर पर प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय योगदान देने की अपील की है। विश्व पर्यावरण दिवस पर जारी संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि पॉलिथीन मुक्त उत्तराखण्ड बनाने का हमारा संकल्प है जो कि आम जनता के सहयोग से ही सम्भव है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि पर्यावरण संरक्षण में उत्तराखण्डवासियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश सरकार समृद्ध जैव संसाधनों के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्ध है। उत्तराखण्ड अपनी वन सम्पदा और नदियों के कारण पर्यावरण संरक्षण की मुहिम का ध्वज वाहक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी प्रयासों के साथ ही जनता, जन प्रतिनिधियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं का पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन चेतना जागृत करने और इसके संवर्द्धन में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक वृक्ष लगाने के साथ ही नदी और जल स्रोतों की साफ-सफाई के लिए भी पूरा प्रयास जरूरी है।
पर्यावरण की सुरक्षा आम आदमी के जीवन से जुडा विषय है, अतः यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी भी है।


जिलाधिकारी गढ़वाल डाॅ. विजय कुमार जोगदण्डे के प्रयासों के फलस्वरूप चैथान क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं का हंस फाउंडेशन सतपुली में निरन्तर अल्ट्रासाउंड जांच शिविर लगाया जा रहा है। जिसके तहत आज पांचवे दिन 8 गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड जांच कराया गया। अल्ट्रासाउंड शिविर के माध्यम से अब तक कुल 57 महिलाओं का अल्ट्रासाउंड किया जा चुका है।
जिलाधिकारी डॉ. जोगदण्डे ने कहा कि जनपद में स्वास्थ्य सुविधा को लेकर जिला प्रशासन गंभीरता से कार्य कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग तथा हंस फाउंडेशन के सहयोग से चैथान क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जाँच हंस फाउंडेशन हॉस्पिटल सतपुली में दिनांक 31 मई, 2021 से अल्ट्रासाउंड जांच शिविर लगाया जा रहा है। चिन्हित सभी गर्भवती महिलाओं को आशा स्वास्थ्य कर्मी के सहयोग से अल्ट्रासाउंड केंद्र तथा वहाँ से घर तक निशुल्क पहुंचाया जा रहा है। कहा कि इसी तरह अन्य ब्लाॅकों के दुर्गम क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को भी एमओआईसी के माध्यम से सुविधा मुहैया कराई जायेगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि चैथान क्षेत्र के गांवों का सर्वे किया गया, जिसके तहत लगभग 70 गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण अल्ट्रासाउंड किया जाना है, जिनमें से आज 08 गर्भवती महिलाओं का सतपुली हंस फाउंडेशन अस्पताल में अल्ट्रासाउंड किया गया तथा अब तक कुल 57 महिलाओं का अल्ट्रासाउंड किया जा चुका है। साथ ही 13 महिलाओं का अल्ट्रासाउंड कराया जाना बाकी है। जिला प्रशासन के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आवाजाही, भोजन सहित सभी सुविधा मुहैया करायी जा रही हंै। उन्होंने कहा कि चैथान क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड कराये जाने की कार्यवाही गतिमान है।
आज सतपुली हंस फाउंडेशन अस्पताल में सरिता देवी, चंपा देवी, सुमन देवी, गीता देवी, चन्ना देवी, तुलसी देवी, बबिता देवी, विद्या देवी आदि महिलाओं द्वारा अपना अल्ट्रासाउंड जांच कराया गया। अवसर पर सीडीपीओ द्वारीखाल प्रीति अरोड़ा, सुपरवाइजर हेमंती रावत सहित आशा कार्यकत्रि विशम्बरी देवी, लक्ष्मी देवी, हेमलता बिष्ट उपस्थित थे।

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