मुख्यमंत्री ने किया गौचर में 70वें औद्योगिक एवं सांस्कृतिक मेले का उद्घाटन##कोटद्वार नगर निगम सभागार में समान नागरिक संहिता पर परिचर्चा आयोजित की गई। -www.janswar.com

-अरुणाभ रतूड़ी

मुख्यमंत्री ने किया गौचर में 70वें औद्योगिक एवं सांस्कृतिक मेले का उद्घाटन किया

मुख्यमंत्री  पुष्कर  सिंह धामी ने सोमवार को गौचर में 70वें राजकीय औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक मेले का विधिवत उद्घाटन किया। मेले के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री के पहुंचने पर उनका बैंड की मधुर धुन के साथ फूल मालाओं से भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक गौचर मेला मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित करने और गौचर मेले के सफल संचालन के लिए 10 लाख देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने गौचर मेले में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि गौचर मेला संस्कृति, बाजार तथा उद्योग तीनों के समन्वय के कारण एक प्रसिद्व राजकीय मेला है और साल दर साल यह मेला अपनी ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने मेले को भव्य एवं आकर्षक स्वरूप देने के लिए जिला प्रशासन की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विशिष्ट और ऐतिहासिक मेला हमारे राज्य के प्रमुख मेलों में से एक है और इसमें सरकार के अधिकांश विभाग भाग लेते हैं। मेले हमारे जीवन में इन्द्रधनुषी रंगों की तरह हैं, जो जीवन में ताजगी और उत्साह भर देते हैं। प्राचीन समय में, जब संचार और परिवहन की कोई ऐसी सुविधाएं नहीं थीं, तो इन मेलों ने सामाजिक ताने बाने को बुनने में बहुत मदद की और लोगों का सामाजिक और व्यावहारिक दायरा बढ़ाया। हमारे देश में और विशेष रूप से उत्तराखंड में अधिकतर मेले सांस्कृतिक मेल मिलाप का माध्यम रहे हैं, परंतु गोचर मेला विशेष है, क्योंकि संस्कृति की छठा बिखेरने के अलावा यह मेला यहां की जनता के व्यापारिक अवसरों को भी बढ़ाता है। इस मेले में प्रदर्शित झांकियों ने उत्तराखंड की विशिष्ट एवं बहुआयामी संस्कृति को प्रदर्शित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा मुख्य लक्ष्य उत्तराखंड के सकल घरेलू उत्पाद को बढ़ाना है और इसके लिए औद्योगिक विकास का महत्व सर्वाधिक है। औद्योगिक विकास के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए हम रोड कनेक्टिविटी, रेल कनेक्टिविटी, ऊर्जा आदि क्षेत्रों में विशेष ध्यान दे रहे हैं। पर्यटन की किसी भी देश के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका होती है और पर्यटन तो हमारे राज्य की लाईफ लाईन है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार के सहयोग द्वारा रोड कनेक्टिविटी एवं हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार से निश्चित रूप से राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और हमारी आर्थिकी को भी लाभ मिलेगा। प्रदेश में चारधाम सड़क परियोजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाईन का निर्माण तथा निर्माणाधीन रोप वे परियोजनाएं इस बात का स्पष्ट उदाहरण हैं कि किस प्रकार सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश के विकास के लिए तत्पर है, उन्होंने सभी को मेले के सफल  आयोजन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पत्रकार श्री रमेश गैरोला को गोविंद प्रसाद नौटियाल पत्रकार सम्मान और यूथ फाउंडेशन संचालित करने के लिए अनिल नेगी जी को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने देवेश जोशी द्वारा लिखी पुस्तक ‘धूम सिंह चौहान’ का विमोचन भी किया।
गौचर मेले में पहले दिन रावल देवता की पूजा के बाद प्रातः स्कूली बच्चों ने प्रभात फेरी निकाली। मेलाध्यक्ष द्वारा झंडारोहण कर मार्चपास की सलामी ली गई। गौचर मेला मुख्य द्वार से चटवापीपल पुल तक एवं वापसी उसी रूट से होते हुये मुख्य मेला द्वार तक क्रास कण्ट्री दौड़ का आयोजन किया गया। खेल मैदान में बालक एवं बालिकाओं की दौड़, नेहरू चित्रकला प्रतियोगिता, शिशु प्रदर्शनी और शिक्षण संस्थाओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। गौचर मेले में पारम्परिक पहाडी संस्कृति से सजा पांडाल मेलार्थियों के बीच खासे आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है।
क्षेत्रीय विधायक श्री अनिल नौटियाल एवं मेला उपाध्यक्ष अंजू बिष्ट ने गौचर मेले का शुभारंभ करने पर मुख्यमंत्री का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत किया और मुख्यमंत्री को क्षेत्र की समस्या से अवगत कराते हुए समस्याओं के निदान के लिए मांग पत्र भी दिया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री/जनपद के प्रभारी मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, कर्णप्रयाग विधायक श्री अनिल नौटियाल, थराली विधायक श्री भूपाल राम टम्टा, रुद्रप्रयाग विधायक श्री भरत चौधरी, केदारनाथ विधायक श्रीमती शैला रानी रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री महेन्द्र भट्ट, पूर्व विधायक श्रीमती मुन्नी देवी शाह, कर्णप्रयाग ब्लाक प्रमुख श्रीमती चन्द्रेश्वरी देवी, गौचर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती अंजू बिष्ट, कमिश्नर गढ़वाल/मेला संरक्षक श्री सुशील कुमार, जिलाधिकारी/मेलाध्यक्ष श्री हिमांशु खुराना, पुलिस अधीक्षक श्री प्रमेन्द्र डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी श्री ललित नारायण मिश्रा, सहित बडी संख्या में मेलार्थी मौजूद थे।

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कोटद्वार नगर निगम सभागार में समान नागरिक संहिता पर परिचर्चा आयोजित की गई।

कोटद्वार नगर निगम सभागार में उत्तराखंड राज्य में समान नागरिकता संहिता लागू करने वाली समिति द्वारा व्यक्तिगत मामलों को नियंत्रित करने वाले कानूनों की समीक्षा समान नागरिक संहिता पर परिचर्चा आयोजित की गई। समिति के विशेषज्ञ सदस्य सेवानिवृत आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह द्वारा मुख्य अतिथि तथा सामाजिक कार्यकर्ता मनू गौड़़ द्वारा विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रतिभाग करते हुए उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता विशेष से संबंधित क्षेत्रिय भ्रमण के दौरान लोगों से इस विषय पर सुझाव तथा प्रतिक्रिया प्राप्त किये गये।

मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करते हुए पूर्व मुख्य सचिव उत्तराखंड शत्रुघ्न सिंह ने अवगत कराया कि हमारा मकसद समान नागरिक संहिता के विभिन्न बिदुंओं तथा लैंगिक समानता, विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, संरक्षण, उत्तरादायित्व, भरण-पोषण इत्यादि के संबंध में लोगों के विचारों को सुनना है ताकि सभी के सहयोग और विचारों से इस विषय पर आगे बढ़ा जा सके। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद एक बेहतर समान नागरिक संहिता तैयार करना है जिसमें विविध वर्गो, समूहों के विचारों और भावनाओं को जगह दी जाए तथा एक संतुलित और बेहतर संहिता तैयार की जा सके।
विशेषज्ञ सदस्य व सामाजिक कार्यकर्ता मनू गौड़ द्वारा सभी लोगों से बेहतर समान नागरिक संहिता निर्माण में अच्छे विचार साझा करने का आग्रह किया गया।
इस दौरान परिचर्चा में ऑडिटोरियम में उपस्थित लोगों ने अपने विचार व्यक्त किये। लोगों द्वारा ‘‘एक राष्ट्र एक विधान’’ की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए समान नागरिक संहिता की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
इस दौरान जिलाधिकारी गढ़वाल डॉ0 आशीष चौहान, मंडी परिषद के अध्यक्ष सुमन कोठनाला सहित सामान्य जनमानस उपस्थित थे।

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