#कैबिनेट मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल ने पुनर्गठन विभाग की समीक्षा बैठक ली# मुख्यसचिव ने जल संवर्द्धन बढाने के लिए बैठक ली

  • मुख्यमंत्री ने किया सस्टेनेबिलिटी कॉन्क्लेव 2022 में प्रतिभाग।
  • आईआईटी रूड़की के 175 वर्ष पूर्ण होने पर हुआ कार्यक्रम का आयोजन।
  • मुख्यमंत्री ने आईआईटी रूड़की को बताया विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्कृष्टता का प्रतीक।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को आई.आई.टी. रूड़की के 175 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित ‘‘सस्टेनेबिलिटी कॉन्क्लेव-2022‘‘ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 175 वर्षों से आईआईटी रुड़की भारतीय शिक्षा के क्षेत्र में देश एवं प्रदेश को गौरवान्वित करता रहा है। आईआईटी रूड़की से पढ़े अनेकों विद्यार्थी आज देश के वरिष्ठ पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं एवं अपने ज्ञान एवं कुशलता से देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विभिन्न विषयों पर शोध के क्षेत्र में भी संस्थान ने हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आई.आई.टी रुड़की ने हमेशा ज्ञान-विज्ञान को एक नई दिशा देने का कार्य किया तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सदैव उत्कृष्टता का प्रतीक रहा है। तथा उन्होंने कहा कि इस कान्क्लेव में होने वाले मंथन से प्राप्त होने वाले सूत्र ना केवल उत्तराखण्ड बल्कि हमारे देश और दुनिया के लिए भी अमृत के सामान होंगे।

  • सतत् विकास से ही समस्याओं का निदान संभव।

उन्होंने कहा कि दो दिवसीय यह आयोजन सामाजिक जागरूकता और समाज को विकसित करने का काम करेगा। उन्होंने कहा विकास शब्द से ही प्रलक्षित होता है कि ऐसा विकास जो सतत हो, उन्होने कहा निरंतर विकास से ही सभी समस्याओं का निदान संभव है। राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों द्वारा अनेक ऐसे मानक तय किए गए हैं जो कि सतत विकास को मापने का कार्य करते हैं। हमारे सतत विकास को आने वाले समय में दो ही बिंदु परिभाषित करेंगे जिसमें पहला हमारे लोगों का स्वास्थ्य और दूसरा हमारी पृथ्वी का स्वास्थ्य। उन्होंने कहा विकास को सुनिश्चित करने के लिए हमें गरीबी, भुखमरी रोगों से मुक्ति और प्राथमिक शिक्षा की सार्वभौमिक उपलब्धता जैसी चुनौतियों का सामना करना है इसके साथ ही जलवायु परिवर्तन जैसे व्यापक विषय को भी केंद्र में रखना है।

  • उत्तराखण्ड पहला राज्य जहां जी.ई.पी की व्यवस्था।
  • विकल्प रहित संकल्प के साथ बनायेंगे उत्कृष्ट उत्तराखण्ड।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने जलवायु परिवर्तन के संकट को सतत विकास के अवसर में बदलने के लिए पर्यावरण, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं जल संरक्षण सहित अन्य विषयों पर विभिन्न नीतियों एवं योजनाओ का निर्माण किया है। उत्तराखण्ड पहला राज्य है जहां जी.ई.पी. की व्यवस्था बनायी गई है। इन सभी योजनाओं कि सफलता को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार के द्वारा 8,832 करोड़ से अधिक की धनराशि का आवंटन किया गया है। जहां एक तरफ हम राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने का कार्य कर रहे हैं वहीं जैविक खेती को प्रोत्साहन देने, सिंचाई के उत्तम तौर-तरीकों को अपनाने और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को गति देने का कार्य कर रहे हैं। प्रदेश सरकार की सभी योजनाएं एवं नीतियां जनता की भागीदारी से बनाई जाएंगी तथा जनता की भागीदारी से ही उनको लागू किया जाएगा। हम एक उत्कृष्ट उत्तराखण्ड बनाने का विकल्प रहित संकल्प लेकर चल रहे हैं।
उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देश की सेवा में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री का सपना नए भारत एवं आत्मनिर्भर भारत का है जिसमें आप सभी लोगों का सहयोग बहुत अहम भूमिका निभाएगा। कोरोना महामारी से बचाव के लिए निःशुल्क वैक्सीन का कवच हो या गरीबों को मुफ्त उपलब्ध करवाया जा रहा राशन ये सभी निर्णय केंद्र सरकार की वंचितों के उत्थान की संकल्पबद्धता को दर्शाते हैं।

  • हमारी युवा शक्ति हमारी बौद्धिक सम्पदा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति के रूप में जो बौद्धिक संपदा आज राष्ट्र के पास है इसी के आधार पर 21वीं सदी के नए भारत का निर्माण सुनिश्चित हो रहा है। युवाशक्ति इस दिशा में भी सोचें कि कैसे अंतिम छोर पर खड़े एक व्यक्ति के जीवनस्तर को ऊंचा उठाया जाए, कैसे सामाजिक परिवेश को बेहतर बनाया जाए और कैसे अंत्योदय के संकल्प को सिद्ध किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश ने विश्व को ज्ञान देने का कार्य किया है, तक्षशिला एवं नालन्दा इसके उदाहरण है। हमें अपने युवाओं की क्षमताओं संदेह नहीं है और कोई इस बात से भी इनकार नहीं कर सकता कि आप जैसे युवाओं में से ही कोई कल को स्वामी विवेकानन्द जी की तरह सनातन संस्कृति की ध्वजा विश्व में फहरायेगा, आप में से ही कोई एपीजे अब्दुल कलाम जी की तरह विज्ञान को नये क्षितिज पर ले जाएगा, आप में से ही कोई नानाजी देशमुख जी की तरह ग्रामीण भारत में आत्मनिर्भरता की अलख जगाएगा।

  • सपनो को साकार करना हो युवाओं का लक्ष्य।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी वे छात्रों के बीच आते हैं तो अपने को ऊर्जावान महसूस करते हैं। उन्होंने कहा समय का कोई मूल्य नहीं होता सही समय पर सही कार्य करते हुए अपने सपनों को साकार करना ही हमारा एकमात्र लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कहा की आज लोगों की उम्मीद देश के युवाओं से है। अपना हर पल हर क्षण अपने सपनों को समर्पित करें एवं अपने लक्ष्य पर केंद्रित करें। उत्साह एवं उमंग हमेशा जीवन को उर्जा देने का कार्य करते हैं।
इस दौरान महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरी जी महाराज, आई.आई.टी रुड़की निदेशक प्रोफेसर श्री अजीत कुमार चतुर्वेदी, उपनिदेशक श्री मनोरंजन परिदा, विधायक श्री प्रदीप बत्रा, जिलाधिकारी श्री विनय शंकर पाण्डेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. योगेन्द्र सिंह रावत तथा संस्थान के शिक्षक एवं छात्र-छात्रायें सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री ने किया भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखण्ड एप- 1064 का शुभारम्भ

भ्रष्टाचारियों पर सख्त कारवाई की जाए- मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी

शिकायत का समयबद्धता से निस्तारण किया जाए।

भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखण्ड एप- 1064 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

सरलीकरण, समाधान  निस्तारण  एवं संतुष्टि के सिद्धान्त पर कार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में विजिलेंस विभाग द्वारा  निर्मित एप भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखण्ड- 1064 का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एप का क्रियान्वयन मजबूती से किया जाय। मुख्यमंत्री ने एप पर जो भी शिकायते आती हैं, उनका यथाशीघ्र निस्तारण किया जाय। यदि किसी शिकायतकर्ता की शिकायत विजिलेंस से संबंधित नहीं है, तो उसे सीएम हेल्पलाईन एवं संबंधित विभाग को भेजा जाय। यह भी सुनिश्चित किया जाय कि शिकायतकर्ता द्वारा जो शिकायत की गई, उसके स्टेटस अपडेट की पूरी जानकारी उन्हें मिले। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सतर्कता विभाग के दो इन्सपेक्टर को विवेचना करने के लिए टेबलेट भी प्रदान किये। सतर्कता विभाग के अन्य कार्मिकों को भी विवेचना के लिए टेबलेट दिये जायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचारियों पर सख्त कारवाई की जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने किया जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सरलीकरण, समाधान, निस्तारण  एवं संतुष्टि के सिद्धान्त पर कार्य किये जाय। जन समस्याओं का समाधान सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने निदेशक सतर्कता को निर्देश दिये कि भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखण्ड एप- 1064 का व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार किया जाय। आम जन को इस एप की पूरी जानकारी हो।
निदेशक सतर्कता श्री अमित सिन्हा ने जानकारी दी कि 1064 नम्बर पर एप के माध्यम से एवं फोन से कोई भी व्यक्ति शिकायत कर सकता है। यह नम्बर भारत सरकार से प्राप्त है। एप के माध्यम से प्रत्येक शिकायत रजिस्टर होगी, जिसका पूरा डाटा सुरक्षित रखा जायेगा। शिकायतकर्ता की पूरी गोपनीयता रखी जायेगी। यह एप हिन्दी एवं अंग्रेजी दानों भाषाओं में है।
इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु, सचिव कार्मिक एवं सतर्कता श्री अरविन्द सिंह ह्यांकी, एसपी श्रीमती रेनू लोहानी, सीओ श्री सुरेन्द्र सिंह सामन्त, श्रीमती अनुषा बडोला, निरीक्षक श्री मारूत शाह, सुश्री विभा वर्मा आदि मौजूद थे।

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प्रदेश के पुनगर्ठन मंत्री प्रेम चन्द अग्रवाल द्वारा पुनगर्ठन विभाग की समीक्षा बैठक विधानसभा स्थित सभाकक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ की गई।

बैठक में मा॰ मंत्री ने उत्तराखण्ड एवं उत्तर प्रदेश की परिसंपत्तियों ( सिंचाई, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, वन, परिवहन, आवास, पर्यटन तथा अन्य विभाग) के संबंध में अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की।
बैठक में अधिकारियों द्वारा मा॰ मंत्री को अवगत कराया गया कि दोनों राज्यों के मध्य आस्तियों एवं दायित्वों के विभाजन से संबंधित अधिकांश बिन्दुओं पर आपसी सहमति अंतिम चरण में है तथा कुछ आस्तियों एवं दायित्वों के विभाजन को आगामी बैठकों में रखा जायेगा।
मा॰ मंत्री ने कहा कि विगत दिनों मा॰ मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड तथा मा॰ मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के बीच हुई बैठक में दोनों राज्यों की परिसंपत्तियों के बंटवारे में सकारात्मक प्रगति हुई है।
मा॰ मंत्री ने सिंचाई विभाग की भूमि की सर्वे रिपोर्ट की सटीक जानकारी उपलब्ध कराये जाने के निर्देश अधिकारियों को दिये, ताकि आगामी बैठक में उत्तर प्रदेश के अधिकारियों के साथ इस संबंध में अंतिम निर्णय पर पहुंच सकें। मा॰ मंत्री ने अवगत कराया कि कार्मिकों के लंबित मामले अंतिम चरण में हैं।
मा॰ मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि एक सप्ताह के भीतर पुनः विभाग की बैठक आयोजित कर सभी लंबित विषयों की समीक्षा की जायेगी।
इस अवसर पर बैठक में सचिव, पुनर्गठन रणजीत सिन्हा, संयुक्त सचिव सुनील कुमार, उप सचिव एन0एस॰ बसेड़ा तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में जल संवर्द्धन को बढ़ाने के लिए प्रदेश में  चैक डैम बनाए जाने में के संबंध में बैठक की। उन्होंने कहा कि जल संग्रहण के लिए पूरे प्रदेश में मास्टर प्लान के तहत चेक डैम बनाए जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि इसके लिए साइंटिफिक तरीके से दीर्घकालिक योजना के अंतर्गत मास्टर प्लान बनाने की जरूरत है। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश में चेक डैम बनाए जाने के लिए मास्टर प्लान तैयार करें। वही फॉरेस्ट एरिया में वन विभाग के अधिकारियों को प्लान बनाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि जनपदों में सभी जिलाधिकारी चैक डैम बनाये जाने की मॉनिटरिंग कर अधिक से अधिक स्थानों पर चैक डैम के प्रस्ताव बनाएंगे। इसके अलावा लघु सिंचाई विभाग, ग्राम्य विकास विभाग व पंचायती राज विभाग भी अपने-अपने वार्षिक लक्ष्य निर्धारित करें। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान बनाए जाने के साथ-साथ वर्षभर चैक डैम बनते रहें। उन्होंने प्रदेश में प्रत्येक संभावित क्षेत्र को विशेषज्ञ से चिन्हित कराते हुए चेक डैम का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।  इस बैठक में सचिव श्री अरविंद सिंह ह्यांकी, श्री एस0ए0 मुरुगेशन के अलावा संबंधित विभागों के उच्च अधिकारी उपस्थित रहे।

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