केन्द्रीय किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव ने ली बैठक।## एम्स में श्वासनली की गाँठ का सफल ऑपरेशन##दुर्घटना में घायल विदेशी एम्स में भर्ती।आज कॅरोना वायरस आशंकित कोई मरीज एम्स में नहीं आया।

आज सोमवार को सचिवालय सभागार में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के सचिव संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में किसान क्रेडिट कार्ड संतृप्तिकरण विषयक बैठक हुई, जिसमें मुख्य सचिव उत्तराखण्ड श्री उत्पल कुमार सिंह, सचिव कृषि आर.मीनाक्षी सुन्दरम, मुख्य महा प्रबन्धक नार्बाड सुनील चावला, सहायक महाप्रबंधक एस.एस.बी.सी श्री रमेश पंत, एम.डी एस.एल.बी.सी श्री दीपक कुमार, निदेशक कृषि श्री गौरी शंकर, अपर निदेशक कृषि श्री के.सी पाल, संयुक्त निदेशक कृषि डॉ. अजय कुमार शर्मा साहित पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में कृषि सचिव भारत सरकार डॉ. संजय अग्रवाल ने निर्देश दिए कि दिनांक 11 एवं 12 फरवरी से जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समस्त पी.एम. किसान लाभार्थी योजना में समस्त किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ दिलाने हेतु पूरे पखवाड़े अभियान चलाया जाए, उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान पी.एम. किसान लाभार्थियों से अनुरोध किया जाए कि वे अपनी बैंक शाखाओं में सम्पर्क कर योजना का लाभ लें तथा जो लाभार्थी पूर्व से ही के.सी.सी योजना से जुड़े हैं, वे अपनी शाखाओं में किसानों को बढ़ाई गई 3 लाख तक की ऋण सीमा का लाभ प्राप्त करें। अभियान के दौरान असक्रिय के.सी.सी कार्ड धारकों को सक्रिय कराया जाए।
पी.एम किसान योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के किसान क्रेडिट कार्ड ऋण को बढ़ाकर तीन लाख तक कर दिया गया है। सभी बैंकों को एप्लीकेशन जमा कराने के 15 दिन के अन्दर किसान क्रेडिट जारी करने के निर्देश दिए जिसमें पी.एम किसान योजना अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने के लिए कल से सघन अभियान चलाया जायेगा, जिसमें पी.एम.किसान के ऐसे लाभार्थियों का जिनका किसान क्रेडिट कार्ड नहीं बना है, उनको बैंकों तक लाने में उनका के.सी.सी बनवाने तथा पूर्व से बने हुए लाभार्थियों की के.सी.सी लिमिट बढ़वाने के निर्देश दिये गये। जिन किसानों के के.सी.सी कार्ड नहीं बने हैं, वे अपने भू अभिलेख तथा बोई गयी फसलों का विवरण जमा कराकर के.सी.सी बनाने में सहयोग करेंगे। बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी बैंक शाखाओं को ग्राम वार पी.एम किसान लाभार्थियों तथा के.सी.सी के लाभार्थियों की सूची की तुलना करते हुए ऐसे लाभार्थियों की सूची तैयार करायेंगे, जिनके के.सी.सी नहीं बने हैं। तथा एस.एल.बी.सी के सहायक महाप्रबंधक को निर्देश दिए गए, कि वे के.सी.सी योजना से शत् प्रतिशत आच्छादन हेतु विभाग एवं बैंक के मध्य समन्वय बनायेंगे।  अभियान के दौरान समस्त जिलाधिकारी जिला बैंकर्स समिति की बैठक आयोजित कर के.सी.सी के संतृप्तिकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही करेंगे, साथ ही जिला प्रशासन, पंचायती राज सचिव, राजस्व उप निरीक्षकों (पटवारी/लेखपालों) तथा कृषि विभाग के कर्मचारियों को निर्देशित करेंगे। बैठक में मुख्य कृषि अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे पीएम किसान लाभार्थियों जो कि खेती एवं अन्य पशुपालन कार्य कर रहे हैं से सिंगल पेज पर आवेदन प्राप्त कर बैंक से सम्पर्क कर किसान को योजना का लाभ दिलायेंगे।
वर्तमान में प्रदेश में कृषि गणना 2015-16 के अनुसार 08 लाख 81 हजार 350 क्रियात्मक कृषि जोते हैं जिनमें से 1624 संस्थागत जोतें हैं तथा 8 लाख 79 हजार 681 जोतों के सापेक्ष 5 लाख 76 हजार 539 कृषकों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराया जा चुका है, शेष कार्ड जारी कराने हेतु युद्धस्तर पर प्रयास करने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिए।
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एम्स में श्वासनली की गाँठ का सफल ऑपरेशन##दुर्घटना में घायल विदेशी एम्स में भर्ती।आज कॅरोना वायरस आशंकित कोई मरीज एम्स में नहीं आया।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में पल्मोनरी विभाग के चिकित्सकों ने एक बुजुर्ग की सांस नली में बनी गांठ का सफल उपचार किया है।
जनसंपर्क विभाग एम्स से मिली जानकारी के अनुसार श्वास नली में गांठ बनने के कारण जिस बुजुर्ग की सांसे थमने की स्थिति में आ गई थी, चिकित्सकों के अथक प्रयास से उसे नया जीवन मिल गया है। उन्होंने मरीज का जीवन बचाने के लिए रिजिड ब्रोंकोस्कोपी तकनीक के इस्तेमाल से जटिल और असाध्य स्थिति के रोग को साध्य कर दिखाया है।
लगभग छह-सात महीने से कफ में खून आने की तकलीफ से परेशान 63 वर्षीय एक बुजुर्ग अपनी अपनी बीमारी से काफी परेशान थे। मगर विभिन्न स्थानों में उपचार कराने से भी उन्हें कोई लाभ नहीं मिला। देहरादून निवासी इस बुजुर्ग की श्वास नली में गांठ बन गई थी, जिसने घाव का रूप ले लिया था। थक हारकर एम्स में उपचार कराने पहुंचे मरीज का चिकित्सकों ने छाती का सीटी स्कैन कराया, तो पता चला कि उनकी श्वास नली में लगभग 6 वर्ग सेमी की एक गांठ बन चुकी है। बायोप्सी रिपोर्ट में गांठ का साइज बड़ा होने की वजह से देहरादून के सभी अस्पतालों ने मरीज की गंभीर और जटिल स्थिति को देखकर उनका उपचार करने से इनकार कर दिया। अंतिम उम्मीद लेकर एम्स ऋषिकेश पहुंचे मरीज के उपचार के लिए चिकित्सकों ने जोखिम उठाया। चूंकि मुख्य श्वास नली में इस तरह की गांठ को निकालने या बायोप्सी लेने से गांठ से खून बहने का बहुत अधिक खतरा रहता है। यहां तक कि जरा सी लापरवाही होने पर मरीज की जान भी जा सकती है।
पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों डा. गिरीश सिंधवानी व डा. मयंक मिश्रा ने फ्लैक्सीबल ब्रोंकोस्कोपी तकनीक का उपयोग कर मरीज की श्वांस नली में बनी गांठ को सफलता पूर्वक निकाल लिया, जिसके बाद से मरीज को कफ में खून आने की तकलीफ से आराम है। अब गांठ की जांच की रिपोर्ट के अनुसार मरीज का आगे का इलाज किया जा सकेगा। संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत के प्रयासों से एम्स ऋषिकेश में एंडोब्रोन्कियल अल्ट्रासाउंड, रिजिड ब्रोंकोस्कोपी, एलेक्ट्रोकॉटरी, आर्गन प्लाज्मा कोएगुलशन, स्टेंटिंग एवं क्रायोथेरेपी जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनकी मदद से ऐसे जटिल मरीजों का उपचार संभव है। ———————————————————- खिर्सू, पौड़ी गढ़वाल में सोमवार को बाइक के गहरी खाई में गिरने से गंभीररूप से घायल आस्ट्रेलिया निवासी पर्यटक मार्को कास्पारी,60 वर्ष, को एम्स के ट्रामा सर्जरी एंड क्रिटिकल केयर वार्ड में भर्ती कराया गया, मरीज को सिर में गंभीर चोट है, सिटी स्केन आदि जांच जारी। ——————————————————————-
सोमवार को एम्स में कोरोनो वायरस आशंकित कोई मरीज भर्ती नहीं हुआ। पूर्व में मरीजों के खून के नमूनों की प्रयोगशाला से रिपोर्ट की प्रतीक्षा। ———————————————————————लोगों को कानूनी जानकारी के साथ ही शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी जानकारी देने के उददेश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से 17 फरवरी (सोमवार) को बहुउददेशीय विधिक एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया जा रहा है। जानकारी देते हुये प्राधिकरण के सचिव एवं सिविल जज सीनियर डिवीजन इमरान मौहम्मद खान ने बताया कि यह महत्वपूर्ण शिविर प्रातः 11 बजे से राजकीय इन्टर कालेज गौजानी रामनगर में आयोजित किया गया है।
 श्री खान ने  बताया कि बहुउददेशीय विधिक साक्षरता शिविर में सामान्य कानूनी जानकारियों एवं विभिन्न सरकारी विभागों से संचालित निशुल्क जन कल्याणकारी योजनाओं से आम जनता को जागरूक किया जायेगा वही चिकित्सा विभाग, जिला प्रशासन, पुलिस, पूर्ति, श्रम, समाज कल्याण, शिक्षा, राजस्व विभाग, एनजीओ एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विभागोें द्वारा स्टाल लगाये जायेेंगे एवं विभागीय जानकारियां के साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा निशुल्क चिकित्सकीय परीक्षण, दिव्यांग प्रमाण पत्र, श्रम विभाग द्वारा पंजिकरण भी कराया जायेगा। श्री इमरान ने जनसाधारण से अपील की है कि वह शिविर मे अधिक से अधिक संख्या मे पहुचकर लाभ उठायें।

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