कॅरोना वायरस संक्रमण संदिग्ध एक और मरीज एम्स में आया।स्थानीय युवती को छुट्टी।## विज्ञान दिवस पर एम्स में होगी राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव वुमन इन साइंस थीम पर आधारित प्रतियोगिता।पढिएJanswar.com में।

समाचार प्रस्तुति-नागेन्द्र प्रसाद रतूड़ी।

एम्स में कोरोना वायरस आशंकित एक और पेसेंट पहुंचा, दिल्ली के करोलबाग निवासी 11 वर्षीय किशोर बुधवार को ओपीडी में रुटीन चैकअप के लिए पहुंचा, पेसेंट का सैँपल लेकर पूणे स्थित प्रयोगशाला को भेज दिया गया है, टेस्ट रिपोर्ट आने में रविवार तक का समय लग सकता है।

एम्स ऋषिकेश में उपचाराधीन कोरोना वायरस आशंकित स्थानीय युवती को एम्स अस्पताल में सोमवार रात को मिली छुट्टी, आईडीपीएल क्षेत्र निवासी महिला एक सप्ताह से गले में खराश, सूखी खांसी, सिरदर्द की शिकायत के साथ सोमवार को ईएनटी ओपीडी में जांच कराने के बाद एहतियातन स्पेशल आइसोलेशन वार्ड में किया गया था भर्ती। कोरोना वायरस परीक्षण हेतु सेम्पल पूणे स्थित प्रयोगशाला भेजे गए, रिपोर्ट शुक्रवार तक आने की संभावना।

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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में सोसायटी ऑफ यंग बायोमेडिकल साइंटिस्ट के तत्वावधान में संस्थान में इसी महीने आयोजित होने वाले नेशनल साइंस फेस्टिवल के पेपर का एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि अनंत जी ने विधिवत लोकार्पण किया। इस वर्ष सोसायटी ऑफ यंग बायोमेडिकल साइं टिस्ट संस्था की ओर से 28 फरवरी का एम्स ऋषिकेश में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर नेशनल साइंस फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। फेस्टिवल के मद्देनजर सोसायटी की ओर से विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार किए गए पोस्टल का मुख्य अतिथि एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो। राव कांत जी ने विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर निदेशक एम्स ने कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक क्षमताओं को वैज्ञानिक हुनर ​​रखने वाले युवा छात्र-छात्राओं को अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि ऐसी प्रतियोगिताओं के आयोजन से छात्रों में विज्ञान व अनुसंधान के प्रति रूचि बढ़ती है। एम्स के निदेशक प्रो0 राव कांत जी ने युवाओं में वैज्ञानिक प्रतिभा के विकास के लिए इस तरह के आयोजन के लिए समाज के प्रयासों की सराहना भी की। सोसायटी ऑफ यंग बायोमेडिकल साइंटिस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोहिताश यादव ने बताया कि इस वर्ष राष्ट्रीय विज्ञान डे पर आयोजित होने वाले राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव वुमन इन साइंस थीम पर आधारित है। जिसमें देशभर के स्कूल व कॉलेजों से जुड़े विज्ञान के छात्र भाग ले सकते हैं। उन्होंने उस कार्यक्रम को जीत में बताया श्रेणियों को वुमैन एक्सीलेंस अवार्ड व डा। सीवी रमन अवार्ड से नवाजा करेंगे। महोत्सव में प्रतिभाग करने के इच्छुक छात्र-छात्राएं सोसायटी की वेबसाइट www.sybsindia.org पर अपना आवेदन 20 फरवरी से पहले करवा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सामाजिक युवा वैज्ञानिकों के प्रोत्साहन के लिए वर्ष 2018 से हरसाल राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर इस तरह के आयोजन को निरंतर करना है। आयोजन समिति के अध्यक्ष डाॅ। बलराम जीओमार ने बताया कि केंद्र सरकार महिलाओं को विज्ञान के क्षेत्र में प्रेरित करने के लिए कार्य कर रही है, लिहाजा सरकार की इस तरह की पहल से महिलाओं को वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में कार्य करने का और अधिक अवसर प्राप्त होगा। आयोजन सचिव डाॅ। मनीषा नाथानी ने बताया कि डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नालॉजी भारत सरकार ने इस वर्ष की महोत्सव की थीम का उद्देश्य महिलाओं को विज्ञान व अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बताया कि फेस्टिवल में साइंस क्विज, पोस्टल एंड मॉडल प्रदर्शनी, वादविवाद प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, मैराथन दौड़ आदि का आयोजन किया जाएगा। विमोचन कार्यक्रम के अवसर पर संचित राष्ट्रपति अकादमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता जी, फार्माकोलिट विभ्रम अध्यक्ष प्रो। शैलेंद्र हांडू जी, डीन प्रोटोकॉल प्रो। ब्रिजेंद्र सिंह, आयोजन समिति के अध्यक्ष डाॅ। बलराम जीओमार, आयोजन सचिव डाॅ। मनीषा नाथानी, डाॅ। गौरव चिकारा, डाॅ। रूचिका रानी, ​​सुभम त्रिवेदी आदि मौजूद थे।

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