कृषि मंत्री की अध्यक्षता में सीमावर्ती क्षेत्र का पलायन रोकने के लिए अ.सी.वि.प्रोग्राम के सम्बन्ध में बैठक सम्पन्न।# एम्स ऋषिकेश में कोविड वैक्सीनेशन पर चर्चा,कमेटी का गठन# जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक आयोजित की गई।पढिएJanswar.Com में।

समाचार प्रस्तुति-अरुणाभ रतूड़ी

कृषि मंत्री की अध्यक्षता में सीमावर्ती क्षेत्र का पलायन रोकने के लिए अ.सी.वि.प्रोग्राम के सम्बन्ध में बैठक सम्पन्न। 



प्रदेश के कृषि, कृषि विपणन, कृषि प्रसंस्करण, कृषि शिक्षा, उद्यान एवं फलोद्योग एवं रेशम विकास मंत्री सुबोध उनियाल ने विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में पलायन रोकने के लिए अन्तराष्ट्रीय सीमावर्ती विकास प्रोग्राम के सम्बन्ध में बैठक की। 
उत्तराखण्ड के सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासी के आजीविका और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा की दृष्टि से स्थायी आजीविका विकल्प के रूप में कार्य योजना बनाई जायेगी। इसमें उस क्षेत्र के उपलब्ध कृषि जलवायु के परिस्थितियों और विपणन, प्रसंस्करण से सम्बन्धित पहलू को भी घ्यान में रखा जायेगा। इस कार्य योजना में उत्तराखण्ड के सीमावर्ती क्षेत्रों में कृषि, बागवानी, फसलों को बढावा देने वाली संभावना का पता लगाया जायेगा। इसके अतिरिक्त अन्य आजिविका विकल्पों से सम्बन्धित रिपोर्ट भी तैयार की जायेगी। 
बैठक में निर्देश देते हुए कहा गया कि अन्तराष्ट्रीय सीमावर्ती विकास प्रोग्राम से सम्बन्धित कार्य योजना बनाकर भारत सरकार को भेजा जाय। इस सम्बन्ध में 11 ब्लाकों का चयन किया गया है। जिनमें पिथौरगढ जनपद में 04 ब्लाक, चमोली में 01, उत्तरकाशी में 03, उधमसिंह नगर में 01 चम्पावत में 02 ब्लाक है। इन क्षेत्रों में कृषि विकास का उददेश्य अन्तराष्ट्रीय सीमावर्ती क्षेत्र में समृद्धि लाकर पलायन को रोकना है। 
बैठक में कहा गया पलायन को रोकना सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। अन्तराष्ट्रीय सीमावर्ती विकास प्रोग्राम से सम्बन्धित कार्य योजना के अन्तर्गत सम्बन्धित क्षेत्र में 01 से लेकर 10 किमी. के क्षेत्रफल को शामिल किया जायेगा। इस क्षेत्र में कृषि और कृषि से सम्बन्धित व्यवसायों का विकास किया जायेगा। इस योजना को एकीकृत आदर्श कृषि ग्राम योजना से जोडा जायेगा। इसमें मत्स्य पालन, पशु पालन, डेरी पालन, मधुमखी पालन योजना का अन्य उददेश्य कृषको के आय में वृद्धि लाना है।
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एम्स ऋषिकेश में कोविड वैक्सीनेशन पर चर्चा,कमेटी गठित

रतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भारत सरकार की गाइडलाइन के तहत कोविड19 वैक्सिनेशन को लेकर आयोजित बैठक में एम्स प्रशासन ने इसकी रूपरेखा पर चर्चा की। संस्थान में कोरोना वायरस की रोकथाम को लेकर किए जाने वाले वैक्सिनेशन के कार्य के व्यवस्थित संचालन के लिए निदेशक एम्स पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत की देखरेख में कमेटी का गठन भी किया गया है। जिसमें वि​भिन्न विभागों के चिकित्सकों को शामिल किया गया है।

मंगलवार को एम्स में निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत ज की अगुवाई में कोविड19 वैक्सिनेशन की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर निदेशक एम्स ने बताया कि भारत सरकार की दिशा निर्देश के तहत पहले चरण में हैल्थ केयर वर्कर चिकित्सक, नर्सिंग ऑफिसर्स व अन्य सहायक स्टाफ मेंबर्स को कोरोना वायरस की रोकथाम के ​लिए वैक्सीन लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि संस्थान में प्रथम चरण के वैक्सिनेशन के कार्य के लिए एक भवन को चिह्नित कर लिया गया है। संस्थान में कोविड वैक्सिनेशन का कार्य जनवरी-2021 के अंतिम सप्ताह से शुरू होने की संभावना है। इसके मद्देनजर उन्होंने संबंधित चिकित्सकों को वैक्सिनेशन के लिए सभी तैयारियां एक सप्ताह में पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। बैठक में एम्स निदेशक की देखरेख में वैक्सिनेशन के लिए समिति का गठन किया गया। जिसकी चेयरपर्सन सीएफएम विभागाध्यक्ष प्रोफेसर वर्तिका सक्सेना हैं जबकि कम्युनिटी एंड फेमिली मेडिसिन विभाग के डा. योगेश बहुरुपी,डा. महेंद्र सिंह, डा. अजीत भदौरिया, डा. मीनाक्षी खापरे, डा. संतोष कुमार, डा. स्मिता सिन्हा, क्रिटिकल केयर विभाग के डा. अंकित अग्रवाल, फार्माकोलॉजी विभाग के डा. पुनीत धमीजा, एनाटॉमी विभाग की डा. गीतांजलि खोरवाल, जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल व मुख्य सुरक्षा अधिकारी पीएस राणा को इस कमेटी का सदस्य नामित किया गया है। कमेटी के सलाहकार मंडल में डीन एकेडमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता जी,मेडिकल सुपरिटेंडेंट प्रो. लतिका मोहन जी व डीन हॉस्पिटल अफेयर्स प्रो. यूबी मिश्रा जी को शामिल किया गया है। बैठक में मेडिकल एजुकेशन विभागाध्यक्ष प्रोफेसर शालिनी राव,फार्माकोलॉजी विभाग की डा. मनीषा बिष्ट, अस्पताल प्रशासन की डा. अनुभा अग्रवाल आदि मौजूद थे।


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जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक आयोजित की गई।



पौड़ी(गढवाल)विकास भवन सभागार पौड़ी में आज जिलाधिकारी श्री धीराज सिह गर्ब्याल के अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक आयोजित की गई। जिसमें उन्होने राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान, कोविड 19 वैक्सीनेशन एवं राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा की। उन्होने गत बैठक में दिये गये निर्देशों के अनुपालन में कार्य प्रगति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। 
जिलाधिकारी ने जनपद में वैक्सीनेशन के कार्य हेतु चिन्हित वैक्सीनेशन केन्द्रों में समुचित व्यवस्थाओं को सुगम बनाने एवं 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों की सही डाटा संकलित करने हेतु मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि निर्वाचन कार्यालय से गत लोकसभा के मतदाताओं के सूची संकलित कर, गांव स्तर से ही सही डाटा बनाना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि चुनाव की तर्ज पर बेहतर समन्यवय स्थापित कर कार्य करने की जरूरत है, जिससे वैक्सीनेशन की कार्य को सुगमता से संपादित किया जा सकें। जिस हेतु उन्होने उपजिलाधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी एवं प्रभारी चिकित्साधिकारी सीएचसी/पीएचसी को 4 जनवरी 2021 को वैक्सीनेशन के समुचित कार्य हेतु बैठक करने के निर्देश दिये। कहा कि चिन्हित केन्द्रों में उपलब्ध व्यवस्थओं की अद्यतन जानकारी लेना सुनिश्चित करें। साथ ही वैक्सीनेशन केन्द्रों में मानक के अनुरूप समस्त व्यवस्थाओं को दूरस्त करें। जिन केन्द्रों में कार्य किये जाने है उन कार्यो की मांग समय पर भेजे, धनराशि की कोई कमी आने नही दी जायेगी। कहा कि अभी से सभी तरह की तैयारी करें, ताकि समय रहते कार्य को सुगमता से संपादित कर सकेंगे। 
जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन के तर्ज पर बूथ लेबल पर कार्य करने की जरूरत है। जिसमें वैक्सीनेशन कार्य तथा लोगों की सही आकड़ा लेने में सफलता प्राप्त कर सकेंगे। उन्होने उक्त कार्य हेतु बीएलओ के सहयोग लेने के निर्देश दिया। साथ ही ग्रामीण स्तर पर उप राजस्व निरीक्षक एवं ग्राम पंचायत विकास/ग्राम विकास अधिकारियों के जन जागरूकता एवं वैक्सीनेशन कार्य हेतु उपजिलाधिकारी, सीएमओ एवं डीपीआरओ को बैठक कराने के निर्देश दिये। फस्ट लाईन में तैनात कोरोना योद्धाओं की वैक्सीनेशन को लेकर उन्होने की जा रही तैयारी के दृष्टिगत मुख्य चिकित्साधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिये साथ ही पुलिस उपधीक्षक को निर्देशित किया कि थाना वाइज पुलिस कार्मिकों की सूची मुख्य चिकित्सा अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
दिनांक 17 जनवरी 2021 को पल्स पोलियों प्रतिरक्षण कार्यक्रम के दौरान खुराक पिलाने वाले दलों को कोविड 19 के गाइड लाइन का पूर्ण अनुपालन करने के निर्देश दिये। सामाजिक दूरी एवं मास्क का उपयोग करने के भी निर्देश दिये। जिला सूचना अधिकारी को अभियान का प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिये। जबकि जिला शिक्षा अधिकारी को विद्यालयों को खुले रखने एवं अन्य व्यस्थाऐं बनाये रखने के निर्देश दिये। जिला पर्ति अधिकारी को वाहन में ईधन की व्यस्थाऐं कराने के निर्देश दिये। बाल विकास विभाग, वन विभाग तथा रेखीय विभाग को कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये। राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान संबंधित चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि कोविड के अतिरिक्त अन्य रोगों पर भी ध्यान देने की जरूरत है। तांकि रोगियों को स्वास्थ्य उपचार सुविधा मिल सकें। उन्होने सैंपलिंग को लेकर आपसी समन्यवय बनाते हुए कार्य करने को कहा जबकि मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि 15 दिन में एक बार वीडियों कांफ्रेसिंग के माध्यम से समस्त प्रभारी चिकित्साधिकारियों के साथ बैठक करान सुनिश्ति करें। गर्भवतीमातृ मृत्य दर के प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए, उन्होने संबंधित चिकित्साकों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। कहा कि कार्यो को गम्भीरता से लेना सुनिश्चित करें। 

इस अवसर पर उपजिलाधिकारी पौडी एस एस राणा, कोटद्वार योगेश मेहरा, लैंसडोन अपर्णा ढौडियाल, चैबटाखाल संदीप कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. मनोज शर्मा, एसीएमओ डा0 जी.एस. तालियान, डा0 आशोक तोमर, डा0 रमेश कुंवर, डीपीआरओ एम एम खान, जिला शिक्षा अधिकारी के.एस. रावत, एआरटीओ राजेन्द्र विराटिया, सहित प्रभारी चिकित्साधिकारी समुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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