कृषिमंत्री सुबोधउनियाल ने उत्तराखण्ड के आर्गेनिक कृषि उत्पाद के सम्बन्ध में विभागीय समीक्षा बैठक की।

प्रदेश के कृषि, कृषि विपणन, कृषि प्रसंस्करण, कृषि शिक्षा, उद्यान एवं फलोद्योग एवं रेशम विकास मंत्री सुबोध उनियाल ने यमुना कालोनी स्थित आवास में उत्तराखण्ड के आर्गेनिक कृषि उत्पाद के सम्बन्ध में विभागीय समीक्षा बैठक की।
बैठक में मंत्री ने निर्देश दिये कि उत्तराखण्ड के आर्गेनिक कृषि उत्पाद की मार्केटिंग की जाय। इस संबंध में जल्दी से जल्दी विशिष्ट कृषि अर्गेनिक उत्पाद के आउटलेट निर्माण किया जाय। इस योजना में कुल 1300 आउटलेट लगाये जायेेंगे। प्रथम चरण में 344 आउटलेट एवं 20 एक्सक्यूसिव आउटलेट एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन बस स्टेशन एवं प्रमुख स्थलों पर लगाये जायेगे। गुप्तकाशी, गंगोत्री, मुनिकीरेती, जोशीमठ, देवप्रयाग, जाॅलीग्राण्ट, कोटद्वार, रानीखेत, हरिद्वार, पौड़ी, पिथौरागढ़, चिनियाली सौड़, चितई गोलू देवता, हल्द्वानी, नैनीताल, देहरादून, मसूरी, श्रीनगर, नरेन्द्रनगर, पंतनगर 20 एक्सक्यूसिव आउटलेट के रूप में चयन किया गया है। आउटलेट हेतु व्यय होने वाले बजट की व्यवस्था पी0के0वी0आई0 एवं नमामी गंगे योजना के अन्तर्गत बजट से होगा।
इस योजना के अन्तर्गत उत्तराखण्ड के विशिष्ट आर्गेनिक उत्पाद की मार्केटिंग, पैकेजिंग, ब्राडिंग, मूल्य संबर्धन प्रदर्शनी पर विशेष ध्यान आकर्षित किया जायेगा। इस योजना का उद्देश्य कृषकों को अच्छा मूल्य दिलाना और उपभोक्ता को उचित मूल्य पर विशिष्ट आर्गेनिक उत्पाद दिलाना है, इसके साथ ही बिचैलियों को समाप्त करना भी इस योजना का प्रमुख लक्ष्य है। इस योजना को थ्री-के, कृषि-कृषक-कल्याण योजना के ब्राण्ड नाम से भी जाना जाता है। इस योजना में उत्तराखण्ड के लगभग 6400 समूह को इनपुट और ट्रेनिंग भी देना है तथा उत्तराखण्ड में आने वाले लगभग 7 करोड़ पर्यटकों तक उत्पाद की विशेषता की जानकारी देकर उन्हें ब्राण्ड अम्बेसडर के रूप में उपयोग करना है। आउटलेट के निर्माण के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में लो.नि.वि. और मैदानी क्षेत्रों में मण्डी परिषद को जिम्मेदारी दी गई है। इस सम्बन्ध में जनपद के जिलाधिकारी को आउटलेट निर्माण स्थल का स्थलीय निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। प्रमुख रूप से उत्तराखण्ड के एयरपोर्ट, देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, ऋषिकेश रेलवे स्टेशनों बस स्टेशनों पर विशेष आकर्षक आउटलेट निर्माण किया जायेगा।
इस अवसर पर निदेशक उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण हरविन्दर सिंह बावेजा, निदेशक कृषि के.सी. पाठक, निदेशक रेशम आनन्द यादव सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

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