एम्स में युवा दिवस कार्यक्रम में प्रदेश की राज्यपाल ने स्वामी विवेकानन्द के चित्र पर पुष्प अर्पित किये।##ईमानदार कोशिशों से ही सफलता सभव-मुख्यमंत्री ## जिलाधिकारी ने हल्द्वानी की यातायात व्यवस्था के 55 लाख किये स्वीकृत। पढिए Janswar.com में।

नेशनल मेडिकोज आर्गेनाइजेशन की ओर से युवा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में पिछले दो वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित दूरदराज के क्षेत्रों व सीमांत राज्यों में चिकित्सा सेवा के लिए एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत समेत 40 चिकित्सकों व समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि उक्त सभी चिकित्सकों ने जम्मू कश्मीर में 2018 व 2019 में आयोजित की गई ऋषि कश्यप स्वास्थ्य सेवा यात्रा, 2019 में गुवाहाटी आसाम में आयोजित धन्वंतरि स्वास्थ्य सेवा यात्रा व उत्तरप्रदेश व नेपाल बार्डर के गांवों में आयोजित गोरक्ष नाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा में अपनी चिकित्सकीय सेवाएं दी थी। 60 लोगों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में स्वामी विवेकानंद जी की जयंती (युवा दिवस) समारोह आयोजित किया गया,जिसमें मुख्यअतिथि राज्यपाल बेबीरानी मौर्य जी और एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी ने युवाओं व विद्यार्थियों से स्वामी विवेकानंद जी के जीवन दर्शन को आत्मसात करने का आह्वान किया। इस अवसर पर राज्यपाल द्वारा एम्स संस्थान की उत्तरोत्तर प्रगति व उल्लेखनीय चिकित्सकीय सेवाओं के लिए राजभवन की ओर से निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी को प्रशस्तिपत्र भेंटकर सम्मान से नवाजा गया। रविवार को स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर एम्स संस्थान की ओर से युवाओं को प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रात:काल हाफ मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया, जिसे सदस्य खेल एवं युवा कल्याण मंत्रालय भारत सरकार शतरूद्र प्रताप सिंह व एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मैराथन आस्थापथ पर एम्स ऋषिकेश से साईं मंदिर तक आयोजित की गई। इस अवसर पर स्वस्थ उत्तराखंड समृद्ध उत्तराखंड विषय पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्यअतिथि राज्यपाल बेबीरानी मौर्य जी ने कहा कि नई प्रतिभाओं से न सिर्फ देश की तरक्की होती है वरन युवाओं का विकास भी होता है। कहा ​कि स्वामी विवेकानंद जी के विचारों को आगे बढ़ाने की जरुरत है और यह कार्य युवा ही कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को अपने समाज व देश के साथ साथ उत्तराखंड जैसे संसाधनविहीन दुर्गम राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को ठीक करने में अपना योगदान सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने चिकित्सकों से युवा दिवस पर दुर्गम क्षेत्रों में सेवा का संकल्प लेने का आह्वान किया। एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी ने कहा ​कि युवाशक्ति को अपने स्वर्णिम भविष्य के लिए स्वामी विवेकानंद जी के विचारों को आत्मसात करने की नितांत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जीवन में अपने व अपने परिवार के लिए कार्य करने से अधिक प्रसन्नता अभावग्रस्त लोगों की सेवा करने से मिलती है,यही मानवता का परम धर्म भी है। लिहाजा प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कुछ समय दूसरों की उन्नति व प्रगति के बारे में सोचने पर भी देना चाहिए। एम्स निदेशक पद्मश्री रवि कांत जी ने कहा ​किआगे बढ़ने के लिए युवाओं के जीवन में रचनात्मक सोच व सकारात्मक विचारों का होना जरुरी है। लिहाजा युवाओं को अपने भीतर मौजूद दूसरों के लिए अच्छा करने की शक्ति वाले विचारों को कदापि कमजोर नहीं होने देना चाहिए। विशिष्ठ अतिथि युवा खेल मंत्रालय भारत सरकार के सदस्य शतरूद्र प्रताप सिंह ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी का जीवन दर्शन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है, बताया कि स्वामी विवेकानंद जी ने अपने जीवन में तिरस्कृत होने के बाद यह सम्मान पाया कि, उन्हें अपने कार्यों व विचारों के लिए आज भी उन्हें दुनियाभर में स्मरण किया जाता है। विशिष्ठ अतिथि ने कहा कि स्वामी विवेकानंद की जयंती पर युवाओं को प्रोत्साहित करने वाले कार्यक्रम किए जाने चाहिए। डीन एकेडमिक प्रो. मनोज गुप्ता ने अतिथियों को बताया कि संस्थान के स्तर पर अपने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य सेवाओं से विहीन गांवों व सुदूरवर्ती क्षेत्रों में चिकित्सकीय सेवा के लिए प्रेरित किया जाता है,जिससे सभी लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जा सकें। इस अवसर पर ​उपनिदेशक प्रशासन अंशुमन गुप्ता, एनएमओ के पूर्व संरक्षक प्रो. आरके जैन, प्रो. किम मेमन, प्रो. ब्रिजेंद्र सिंह, कार्यक्रम संयोजक डा. विनोद, डा. मोहित तायल, डा. अनिरूद्ध, डा. यूबी मिश्रा, डा. रविकांत आदि मौजूद थे।
राज्यपाल ने सम्मान से नवाजा

युवा दिवस पर एम्स ऋषिकेश में आयोजित विशेष कार्यक्रम में राज्यपाल बेबीरानी मौर्य जी द्वारा उत्कृष्ठ कार्यों व चिकित्सकीय सेवाओं के लिए राजभवन की ओर से संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत समेत चार चिकित्सकों को सेवा रत्न सम्मान से नवाजा गया। राज्यपाल की ओर से सम्मान प्राप्त करने वालों में एम्स निदेशक एम्स प्रो. रवि कांत जी, अध्यक्ष अल्पसंख्यक आयोग उत्तराखंड डा. आरके जैन, एनएमओ एम्स ऋषिकेश के प्रभारी डा. विनोद व स्वामी विवेकानंद मिशन के सचिव डा. अनुज सिंघल आदि शामिल हैं। यह विशेष सम्मान युवा दिवस पर युवाओं व समाजसेवियों को प्रेरित करने के लिए प्रदान किया गया।

एनएमओ ने चिकित्सकीय सेवाओं पर किया सम्मानित

युवा दिवस पर एम्स के ब्लड बैंक में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल बेबीरानी मौर्य जी ने विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर लोगों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। रविवार को आयोजित शिविर में 75 लोगों ने पंजीकरण कराया,जिनमें से 60 लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया। इस अवसर पर डा. गीता नेगी, डा. विनोद, यूथ इन एक्शन के संयोजक हिमांकुर चौहान, कौशल, प्रतीक आदि मौजूद थे।

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ईमानदार कोशिशों से ही सफलता सम्भव : मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र 

पलायन रोकने के लिए सीमांत क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान।

ग्रोथ सेंटर से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती

उत्तराखण्ड यंग लीडर्स कान्क्लेव के दूसरे दिन मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने छात्र-छात्राओं से संवाद किया।

उत्तराखण्ड यंग लीडर्स कान्क्लेव के दूसरे दिन छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि जीवन में सफलता के लिए ईमानदार प्रयास करने की जरूरत है। तनाव करने से कुछ हासिल नहीं होता है। हमारा अधिकार मेहनत करने पर है। बाकी ईश्वर पर छोड़ देना चाहिए। स्वामी विवेकानंद की 157 वीं जयंती के अवसर पर ओएनजीसी ऑडिटॉरियम में उत्तराखण्ड यंग लीडर्स कान्क्लेव का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के चेहरे पर मुस्कुराहट से ही देश मुस्कुराएगा, आगे बढ़ेगा।

सीमांत 22 ब्लॉकों के लिए मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना

मुख्यमंत्री ने संवाद के दौरान कार्यक्रम में उपस्थित और वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से अन्य जिलों में में उपस्थित छात्र-छात्राओं के विभिन्न सवालों का जवाब दिया। पलायन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के कारण उत्तराखण्ड विशेष संवेदनशील है। राज्य सरकार ने ग्रामीण विकास एवं पलायन आयोग का गठन किया है। सीमांत 22 ब्लॉकों के लिए मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना प्रारम्भ की गई है।

क्वालिटी एजुकेशन पर विशेष जोर

युवाओं के लिए राज्य सरकार के विजन के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी सरकार के लिए युवा सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। सरकार का ध्यान क्वालिटी एजुकेशन पर है। राज्य में बड़े संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें सीपैट, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी आदि प्रमुख हैं। युवाओं को अच्छी शिक्षा मिले, उनका कौशल विकास हो, उनके चेहरों पर मुस्कान रहे, यही हमारी कोशिश है। युवाओं को स्वरोजगार के लिए आगे आना चाहिए। श्रम को सम्मान देना जरूरी है।

संस्कृति, परम्पराओं व पुरखों का सम्मान हो

इंडिया और भारत में भेद के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इंडिया देट इज भारत नहीं बल्कि भारत देट इज इंडिया होना चाहिए। हमें अपनी संस्कृति, परम्पराओं और पुरखों पर गर्व होना चाहिए। वही देश आगे बढ़ सकता है जो कि अपने पूर्वजों का सम्मान करता हो। देश सर्वोपरि होता है।
यह पूछे जाने पर कि राजनीति में नहीं आते तो क्या करते, मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी नहीं सोचा था कि मुख्यमंत्री बनूंगा। इसके लिए कभी किसी से कहा भी नहीं। केवल अपना कर्तव्य करता गया। हमारी प्रवृत्ति मांगने की नहीं होनी चाहिए, बल्कि अपने पुरूषार्थ से हासिल करना चाहिए। अगर राजनीति में नहीं आता तो अपना ही कोई काम करता, नौकरी बिल्कुल नहीं करता।

युवाओं से निरंतर संवाद

युवाओं से कैसे जुड़ते हैं, इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक दो-तीन माह में इसी प्रकार से युवाओं की सहभागिता के कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं से संवाद स्थापित करते हैं। इसके अलावा युवा चाहें तो अपने सुझाव विभिन्न प्लेटफार्म द्वारा दे सकते हैं। उपयुक्त पाए जाने पर उन सुझावों को अंगीकार किया जाता है।

ग्रोथ सेंटर से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती

पहाड़-मैदान की खाई को पाटने के लिए सरकार क्या कर रही है, इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रत्येक जिले की प्रति व्यक्ति आय देश की औसत प्रति व्यक्ति आय से अधिक है। हालांकि मैदानी व पर्वतीय जिलों की आय में कुछ फर्क है। इसके लिए कई तरह की पहल की गई है। विकास नीति को जिला केंद्रित किया गया है। किसान समूहों को 5 लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के दिया जा रहा है। रूद्रयाग जिले में देवभोग प्रसाद योजना से स्थानीय महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलम्बी बनाया गया है।  प्रदेश की न्याय पंचायतों में ग्रोथ सेंटर स्थापित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। पहाड़ में विकास की अपार सम्भावनाएं हैं। हमें वेल्यु एडिशन पर ध्यान देना है।

फिल्म शूटिंग डेस्टीनेशन बन रहा उत्तराखण्ड

फिल्म शूटिंग के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्वेस्टर्स समिट के समय वे मुम्बई में फिल्मकारों से मिले थे। उन्हें बताया गया कि उत्तराखण्ड ओपन एयर फिल्म स्टूडियो है। इसके बाद डेढ़ साल में बड़ी संख्या में फिल्मों, टीवी सीरियलों, डाक्यूमेंट्री की शूटिंग की गई है। सरकार फिल्म की शुटिंग के लिए आने वालों का पूरा ध्यान रखती है। हमें बेस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का अवार्ड मिला है।

नए पर्यटन स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान

पर्यटन के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा पर्यटकों के साथ ऐसा व्यवहार होना चाहिए कि वे यहां से खुश होकर जाएं। पुराने हिल स्टेशन सेचुरेटेड हो चुके है। इसलिए नए टूरिज्म डेस्टीनेशन विकसित किए जा रहे हैं। टिहरी झील के लिए 1400 करोड़ रूपए स्वीकृत हुए हैं। आने वाले समय में टिहरी पर्यटन का बहुत बड़ा गंतव्य बनने जा रहा है। पिथौरागढ़ में देश का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन बनाने की परिकल्पना पर काम किया जा रहा है।  
उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि यंग लीडर कान्क्लेव में युवाओं के बीच जो मंथन हुआ एवं निष्कर्ष निकला, उस पर राज्य सरकार गम्भीरता से विचार करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत प्रत्येक दो-तीन माह में युवाओं से संवाद जरूर करते हैं। हमारी युवा शक्ति को किसी भी कार्य के लिए आगे आना जरूरी है। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस वर्ष 12 फरवरी से राज्य में उच्च शिक्षा में विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले 05 प्रोफेसरों को डॉ. भक्त दर्शन पुरस्कार दिया जायेगा। इसके तहत 50 हजार रूपये की पुरस्कार राशि दी जायेगी। ऐसे प्रोफेसरों को एक नियुक्ति उनके मन पंसद के महाविद्यालयों में दी जायेगी।
इससे पूर्व कार्यक्रम में यंग एचीवर्स के रूप में पद्मश्री अरूणिमा सिन्हा, आईएएस मंगेश घिल्डियाल, जैविक खेती को स्टार्ट अप के रूप में अपनाने वाले विक्रमादित्य, फिल्म निर्माता रिया नायडू, म्यूजिक कम्पोजर शुभम गुप्ता व स्किल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सूरज ने अपने अनुभव साझा किए।  
इस अवसर पर कान्क्लेव में हुए व्यापक मंथन का ड्राफ्ट मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को सौंपा गया। मानव संसाधन विकास समिति के अन्तर्गत हुई विभिन्न विषयों की चर्चा में युवाओं ने सुझाव दिये कि विद्यालयी शिक्षा में छात्रों के व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देने की जरूरत है। छात्रों की शिक्षण संस्थानों तक पहुंच हो एवं शिक्षकों एवं छात्रों की उपस्थिति का मूल्यांकन बिना पूर्व जानकारी के हो। निजी विद्यालयों में शिक्षण शुल्क का निर्धारण किया जाय। अध्यापकों एवं छात्रों के अनुपात का दृढ़ता से पालन किया जाना चाहिए एवं संस्कृति एवं नैतिक शिक्षा जैसे विषयों का भी समावेश किया जाय। रोजगारपरक शिक्षा पर बल दिया जाय। पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं आईटी सेक्टर की कमेटी द्वारा की गई जंगलों में लगने वाली आग को कैसे नियंत्रित किया जाय,प्रदूषण नियंत्रण के लिए जैविक एवं अजैविक कूड़े को अलग-अलग रखना, विभिन्न माध्यमों से कूड़ा एकत्रीकरण के संबंध में जागरूकता, स्कूलों में स्वच्छता प्रबंधन, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर बल दिये जाने पर मंथन किया गया। इंडस्ट्रियल एवं इन्फ्रास्टक्चर से जुड़ी जरूरतों पर चर्चा के दौरान सुझाव दिये गये कि लॉजिस्टिक पर ध्यान दिया जाय। एमएसएमई के माध्यम से राज्य की तेजी से तरक्की की जा सकती है। इन्टीग्रटेट इंडस्ट्रियल पार्कों को विकसित करने पर ध्यान दिये जाने की जरूरत है।
इस अवसर पर स्वामी असीम आत्मानन्द, उच्च शिक्षा उन्ननयन समिति की उपाध्यक्ष श्रीमती दीप्ति रावत, अपर सचिव श्री इकबाल अहमद, विभन्न विश्वविघालयों के कुलपति उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सुश्री अदिति त्यागी ने किया।  

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जन सरोकारों एवं जनसुविधाओं के लिए जिलाधिकारी श्री सविन बंसल सदैव तत्पर एवं प्रयत्नशील रहते है। महानगर हल्द्वानी यातायात व्यवस्था में व्यापक सुधार एवं यातायात को सुगम बनाने के उददेश्य से श्री बंसल द्वारा खनिज न्यास के फण्ड से 55 लाख की धनराशि स्वीकृत की है। श्री बंसल ने बताया कि वाहनों के बढते दबाव से जनसामान्य प्रभावित रहता है यहां तक कि बुर्जुगों, महिलाओं तथा बच्चों को सडक पार करने और सडक किनारे चलने मे दिक्कत होती है। इन सभी तथ्यों का संज्ञान लेते हुए परिवहन एवं पुलिस विभाग की संयुक्त रिपोर्ट के आधार पर शहर मे नए डिवाइडर बनाने, रोड फर्नीचर (साइनेजज एवं सूचना प्रधान बोर्ड) बोर्ड लगाने तथा मण्डी से काठगोदाम तक की सडक में अनावश्यक 85 कटों को बन्द करने के लिए जिलाधिकारी ने धनराशि लोनिवि को स्वीकृत की है। गौरतलब है कि इस सडक मे लगभग 160 कट वर्तमान मे है जिनमे से लोग अनावश्यक वाहन निकालते है और यातायात बाधित हो जाता है।
श्री बंसल ने बताया कि शहर की यातायात व्यवस्था बनाने के लिए 14 स्थानों पर ट्रैफिक लाइटें लगाई जायेगी यह कार्य मुख्यमंत्री की घोषणा  के अन्तर्गत होना है, शासन से स्वीकृति एवं धन प्राप्त होने मे समय लग सकता है इसलिए जनहित को दृष्टिगत रखते हुये यह कार्य किसी कम्पनी/फर्म से कराया जा रहा है। इससे शासन के धन की बचत होगी और कार्य भी जल्द होगा। उन्होने बताया कि हल्द्वानी महानगर में 10 स्थानों  का चयन ट्रैफिक लाइटें लगाने केेे लिए  कर लिया गया है यह लाईटें पीपीपी मोड में चयनित कम्पनी/फर्म द्वारा स्वयं के खर्चे पर लगाई जायेंगी, इन सभी  लाईटों का संचालन एवं अनुरक्षण आने वाले 20 सालोें को सम्बन्धित कम्पनी द्वारा किया जायेगा। श्री बंसल ने बताया कि ट्रैफिक लाईटोे की स्थापना संचालन एवं अनुरक्षण पर होने वाले व्यय के एवज मे सम्बन्धित फर्म को नगर निगम क्षेत्र में पब्लिसिटी के लिए यूनीपोल व अन्य स्थान निशुल्क उपलब्ध कराये जायेंगे ताकि फर्म अपने खर्चो को समायोजित कर सके। यूनीपोल आदि उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम प्रशासन द्वारा जिला प्रशासन को सहमति दे दी है।
श्री बंसल ने कहा कि वह कुमाऊं के प्रवेश द्वार मे जन सुविधायंे बढाने के लिए निरंतर प्रयत्नशील है। गौरतलब है कि वर्षा के समय शहर मे जलभराव की समस्या का निदान भी श्री बंसल के प्रयासों से सम्भव हुआ।

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