एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो.रविकान्त ने श्रमिकों के बच्चों के साथ मनाया अपना जन्मदिन।###ऐम्स में शल्यचिकित्सा गोष्ठी संपन्न। पढिए Janswar.comमें।

एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो.रविकान्त ने अपना जन्म दिन बच्चों के साथ मनाया जन्मदिन।

समाचार प्रस्तुति-नागेन्द्र प्रसाद रतूड़ी (राज्यमान्यताप्राप्त स्वतंत्र पत्रकार)

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने अपना जन्मदिन संस्थान की निर्माणाधीन योजनाओं में कार्यरत श्रमिकों के नन्हें- मुन्हें बच्चों के बीच सादगीपूर्वक मनाया। इस दौरान निदेशक प्रो. रवि कांत ने श्रमिकों के बच्चों को पाठ्य सामग्री, स्कूल बैग व खिलौने वितरित किए। जन्मदिन के मौके पर निदेशक एम्स ने परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संवर्धन का संदेश दिया। इस अवसर पर एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत ने संस्थान में निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स में कार्यरत श्रमिकों को बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के लिए हरसंभव आर्थिक सहयोग देने की घोषणा की, जिससे गरीब पृष्ठभूमि से जुड़े बच्चे गुणवत्तापरक शिक्षा ग्रहण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। उधर, जन्मदिन के अवसर पर आयोजित सादे समारोह में एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत को संस्थान के अधिकारियों व कर्मचारियों ने मुहं मीठा कराया व जन्मदिन की शुभकामनाएं दी, साथ ही पुष्पगुच्छ, उपहार भेंट किए और ईश्वर से उनकी दीर्घायु व सुख समृद्धि की मंगल कामनाएं की। इस अवसर पर उप निदेशक (प्रशासन) अंशुमन गुप्ता, डीन एकेडमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डा. ब्रह्मप्रकाश, प्रोफेसर बीना रवि, प्रो. सुरेखा किशोर, प्रो. ब्रिजेंद्र सिंह,डा. प्रशांत मनोहर पाटिल, डा. नम्रता गौर, डा. बलराम जीओमर, डा. केएस रवि, डा. अनुभा अग्रवाल, डा. प्रेरणा बब्बर,अधीक्षण अ​भियंता सुलेमान अहमद, ईई एमपी सिंह, जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल आदि मौजूद थे।

Janswar.com परिवार की ओर से एम्स निदेशक को जन्मदिन की बधाई।-संपादक

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ऐम्स में शल्यचिकित्सा गोष्ठी संपन्न। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में सर्जीकल ओंकोलॉजी विभाग के तत्वावधान में आयोजित हेड एंड नैक ओंकोलॉजी शल्य चिकित्सा विषय पर आयोजित संगोष्ठी विधिवत संपन्न हो गई। संगोष्ठी में देशभर से 150 से अधिक शल्य चिकित्सकों ने प्र​तिभाग किया। संगोष्ठी में मुहं व गले के कैंसर की सर्जरी की नई तकनीकी के बारे में विशेषज्ञों द्वारा विमर्श किया गया। संगोष्ठी के समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि उत्तराखंड में मुहं के कैंसर के मरीजों में तेजी से वृद्धि हो रही है। उन्होंने बताया कि अधिकांश मरीज कैंसर की आखिरी अवस्था में आते हैं, तब तक उनका उपचार करना काफी चुनौतिपूर्ण हो जाता है। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने बताया कि इस तरह की संगोष्ठियां कैंसर मरीजों के इलाज में आने वाली चुनौतियों के बारे में विचार विमर्श करना आवश्यक हैं। संगोष्ठी में संस्थान के डीन एकेडमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता ने रेडिएशन की नई तकनीकि विषय पर व्याख्यान दिया। दिल्ली एम्स के कैंसर सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. एसवीएस देव ने देश में मुहं और गले के कैंसर के मरीजों की बढ़ती तादाद के बारे में चिंता जताई। संस्थान के कैंसर सर्जरी विभागाध्यक्ष डा. एसपी अग्रवाल ने कैंसर के मामलों को कम करने के लिए तम्बाकू को पूर्णरूप से प्रतिबंधित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक पूरी तरह से इस पर रोक नहीं लगाई जाएगी तब तक मुहं के कैंसर के मरीजों की संख्या में निरंतर वृद्धि होती रहेगी। एम्स संस्थान के वरिष्ठ कैंसर सर्जन डा. पंकज गर्ग ने बताया कि यदि कैंसर मरीज शुरुआती दौर में ही चिकित्सक से परामर्श ले व समय पर उपचार प्रारंभ करा ले तो कैंसर को पूर्णरूप से खत्म किया जा सकता है। संगोष्ठी में डा. राजकुमार, डा. धर्माराम पूनिया, डा. भियांराम, डा. महेंद्र पाल सिंह, डा. गीता आर्या, डा. अनु अग्रवाल आदि ने सहयोग किया।

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