एक कोना कक्षा का अभियान के साथ अपने गांव के स्कूल से जुड़ें-गणेश उनियाल कार्यालय सचिव धाद-पढिए Janswar.Comमें।

गणेश उनियाल

कार्यालय सचिव धाद
एवं “संयोजक बाल सरोकार एकांश”
धाद व्हटसैप नं…
9219510932
gaonkaschool@gmail.com नमस्कार
■उत्तराखंड विशेषकर पर्वतीय क्षेत्र की शिक्षा आज भी मूलतः सरकारी स्कूलों पर आश्रित है। वर्तमान में शिक्षण सामग्री की व्यवस्था स्कूल द्वारा की जाती है किंतु आज के दौर में एक बेहतर शिक्षा को आधुनिक और उच्च मानकों की शिक्षण सामग्री की जरूरत है जिस से वो बच्चे एक सशक्त मानव संसाधन बन सके। दूरस्थ क्षेत्र में होने के कारण वहां स्तरीय पुस्तकों की व्यवस्था अपने आप में चुनौती है।
■धाद ने इस दिशा में समाज के सहयोग पर आधारित एक कार्यक्रम विकसित किया है एक कोना कक्षा का। जहां हम समाज के सहयोग से हर स्कूल में एक कोना पुस्तकों का तैयार करते हैं। इस अभियान को हमने विशेष रूप से पर्वतीय गाँव और उनके स्कूलों तक जोड़ने के लिए सभी लोगों से अपने गाँव के स्कूल के साथ जुड़ने की अपील की है।

मेरे गाँव का स्कूल

■हम उन सभी लोगों से अपील कर रहे हैं जो एक बेहतर उत्तराखंड का सपना देखते हैं और अपने गाँव या उससे जुड़े क्षेत्र के लिये काम करना चाहते हैं, उसे सुंदर और सक्षम देखना चाहते है। साथ ही उसकी बेहतरी के लिये योगदान करने की इच्छा भी रखते हैं। हम इसका एक छोटा सा उत्तर लेकर आपके सामने आए हैं जो अपनी सीमाओं में रहते हुए हम सभी कर सकते हैं।
■ अपने गाँव के जो बच्चे स्कूल जाते है चलिए उनकी दुनिया को कुछ सुन्दर बनाते हैं, उसे विस्तार देते हैं। उनके लिए इस दुनिया की कुछ अच्छी किताबें भेजते हैं। उसे किसी कक्षा के एक कोने में रखते हैं ताकि बच्चे उन्हें देख सकें, पढ़ सकें। क्या मालूम उनकी कौन सी बात उन बच्चों के जीवन में कुछ नया शामिल कर दे।
■धाद ऐसा एक कार्यक्रम पिछले डेढ़ साल से चला रही है जिसमें आज पूरे प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 200 ऐसे ही कोने अलग-अलग स्कूलों में चलाये जा रहे हैं और वहां के बच्चे चम्पक, नंदन, प्लूटो, चकमक, साइकिल और देश के सबसे प्रतिष्ठित प्रकाशकों की पुस्तकें पढ़ रहे हैं। शीघ्र ही यह संख्या 350 हो जायेगी।
■यदि आप इस बात से सहमति रखते हैं कि आपके गाँव तक दुनिया की सबसे अच्छी किताबे पहुंचे तो आप भी इस अभियान का हिस्सा बन सकते हैं। इसके लिए आपको प्रतिमाह 100 रुपये या सालाना 1200 रुपये का योगदान करना है हम इसके एवज में स्कूल के कोने में आपके नाम से एक कोना स्थापित कर देंगे जिसके अंतर्गत हर वर्ष 25 किताबें (कक्षा पांच तक) 20 किताबें (कक्षा आठ तक) और एक मासिक/द्विमासिक पत्रिका भेजी जाएगी।
■आप को बस करना ये है कि आप अपने मूल गाँव का नाम उसकी पट्टी ब्लॉक का विवरण हमें भेज दीजिये। हमारा व्हाट्सअप फ़ोन, मेल आई डी नीचे दिया जा रहा है। धाद के साथी वहां के स्कूल के अध्यापक से संपर्क कर वहां कोना स्थापित करने के लिए जरूरी काम करेंगे।
■हमे आशा है कि आप अपने गाँव की बेहतरी के इस कदम के हिस्सेदार बनेंगे। हमे आशा है कि आपकी सक्रिय भागीदारी हमारे उत्तराखंड के नौनिहालो के बेहतर भविष्य का निर्माण करने मे सहायक होगी।
■एक कोना की नाम पट्टिका और उसके कुछ चित्र जो वर्तमान में राजकीय प्राथमिक विद्यालय, उड़ाई, कनालीछीना, पिथौरागढ़ में प्रतिभा पाठक जी के सहयोग से चल रहे हैं, हम आपके संज्ञान के लिए भेज रहे हैं।

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