उत्तराखण्ड सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त एवं आयुक्तगणों ने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट की #15 दिसम्बर 2021 तक स्वरोजगार योजनाओं के तहत लोन के निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण किया जाय-सीएम# मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विकास कार्यों हेतु वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।# Janswar.com

-अरुणाभ रतूड़ी

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त एवं आयुक्तगणों ने शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को आयोग द्वारा अवगत कराया कि जनपदों के द्वारा दी जा रही अधिसूचित 265 सेवाओं के सम्बन्ध में आयोग द्वारा जिलों को श्रेणीबद्ध (रैकिंग) किया गया है। जिसके तहत प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्तर के जिलों को सुशासन दिवस के मौक़े पर वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 के लिए “सेवा का अधिकार पुरस्कार” से सम्मानित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा आयोग से अपेक्षा की गई है कि “अपणि सरकार पोर्टल” और “सीएम हेल्पलाइन” का अनुश्रवण आयोग द्वारा किए जाने की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री द्वारा राजस्व न्यायालयों में लम्बित वादों पर चिन्ता जताई गई तथा यह निर्देश दिए गए कि राजस्व न्यायालयों के लम्बित वादों (Back Log) का भी आयोग अनुश्रवण करे।
इस दौरान मुख्य आयुक्त श्री एस० रामास्वामी, आयुक्त श्री अनिल रतूड़ी, श्री डी.एस. गर्ब्याल, सचिव श्री गिरीश चन्द्र गुणवन्त, वरिष्ठ वित्त अधिकारी श्री बी. बी. ध्यानी भी मौजूद रहे।

###

15 दिसम्बर 2021 तक स्वरोजगार योजनाओं के तहत लोन के निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण किया जाय-सीएम

  • जिलाधिकारी प्रत्येक सप्ताह विभिन्न योजनाओं के तहत दिये जाने वाले लोन की समीक्षा करें।
  • केन्द्र एवं राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
  • लोन के लिए अनावश्यक आपत्ति लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
  • जिला स्तरीय अधिकारियों एवं बैंकर्स द्वारा कैंप लगाकर जन समस्याओं का समाधान किया जाए।
  • मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति बैठक ली

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि इस वर्ष विभिन्न योजनाओं के तहत जो लोन देने का लक्ष्य रखा गया है, उस लक्ष्य को 15 दिसम्बर 2021 तक पूर्ण किया जाय। संबंधित विभागीय अधिकारी एवं बैंकर्स आपसी समन्वय स्थापित कर हर हाल में लक्ष्य पूर्ण करें। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि विभिन्न योजनाओं के तहत जो लोन दिये जा रहे हैं, उनकी प्रत्येक सप्ताह प्रगति समीक्षा की जाय।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की विभिन्न माध्यमों से लोगों को जानकारी दी जाए। विभिन्न योजनाओं के तहत जो लोन दिये जा रहे हैं, उनकी आम जन को जानकारी हो। इसके लिए जिलाधिकारियों एवं बैंक के अधिकारियों द्वारा अभियान चलाया जाय। एक ही जगह पर लोगों की लोन की समस्या का समाधान हो, जिला स्तरीय अधिकारी एवं बैंक के अधिकारी कैंपों के माध्यम से जन समस्याओं का समाधान करें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि 15 दिसम्बर 2021 तक निर्धारित लक्ष्य पूर्ण करने के साथ ही जिन योजनाओं में अधिक आवेदन प्राप्त हो रहे हैं, लक्ष्य से अधिक लोन स्वीकृत करने के लिए प्रयास किये जाए। अनावश्यक आपत्तियां लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई भी की जाय। बैंकों द्वारा आवेदन प्राप्त होने के एक सप्ताह के अन्दर लोन की सम्पूर्ण कार्यवाही की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि योजनाओं का लाभ लोगों को समय पर मिले। अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाना पड़े।
मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत बढ़ाये गये लक्ष्य को भी समय पर पूर्ण कर लें। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत लोन स्वीकृति की स्थिति पर निगरानी के लिए जिलाधिकारी निरन्तर बैंकर्स के साथ समन्वय स्थापित करें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एनआरएलएम, वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना, होम स्टे, स्पेशल कम्पोनेंट प्लान, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, एन.यू.एल.एम, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन प्रोग्राम, स्टैण्ड अप इण्डिया, पीएम स्वनिधि, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की प्रगति की समीक्षा की।
बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री एल. फैनई, सचिव श्री अमित नेगी, श्री शैलेश बगोली, श्री एस. ए. मुरूगेशन, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के वरिष्ठ अधिकारी, वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी एवं बैंकर्स उपस्थित थे

                      ###
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विकास कार्यों हेतु वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

उन्होंने विधानसभा क्षेत्र पुरोला के अन्तर्गत मठ लमकोठी मोटर मार्ग के कि.मी. 02 से 5 तक विस्तार कार्य हेतु रूपये 76.78 लाख, विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ के अन्तर्गत विभिन्न 02 निर्माण कार्यों हेतु रूपये 38.76 लाख, विधानसभा क्षेत्र घनसाली के अन्तर्गत विभिन्न 02 निर्माण कार्यों हेतु रूपये 148.40 लाख, विधानसभा क्षेत्र घनसाली के अन्तर्गत रानीगढ़ लैणी-बुढ़वा-सौड मोटर मार्ग का पी0सी0 द्वारा डामरीकरण हेतु रूपये 389.22 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
इसी क्रम में विधानसभा क्षेत्र कपकोट के अन्तर्गत गैंरखेत से लखमरा तक मोटर मार्ग के नवनिर्माण हेतु रूपये 122.90 लाख, विधानसभा क्षेत्र रूड़की के अन्तर्गत विभिन्न 02 मोटर मार्गों हेतु रूपये 392.38 लाख, विधानसभा क्षेत्र धर्मपुर के अन्तर्गत वार्ड सं0-89 के मार्ग एवं नाली का निर्माण हेतु रूपये 241.93 लाख, विधानसभा क्षेत्र रायपुर के अन्तर्गत वार्ड संख्या- 66 के आंतरिक क्षतिग्रस्त मार्गों पर इण्टरलॉकिंग टाईल्स द्वारा निर्माण कार्य हेतु 76.40 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
वहीं विधानसभा क्षेत्र लैंसडाउन के अन्तर्गत पाली बैण्ड से पाली गांव तक हल्का वाहन मार्ग से मोटर मार्ग में परिवर्तन एवं मोटर मार्ग का विस्तार हेतु रूपये 50.17 लाख, विधानसभा क्षेत्र लैंंसडाउन के ही विभिन्न 05 निर्माण कार्यों हेतु रूपये 233.97 लाख, विधानसभा क्षेत्र थराली के अन्तर्गत बांजबगड़-तेलना मोटर मार्ग के कि.मी. 9 का हल्का वाहन मार्ग से मोटर मार्ग में परिवर्तन एवं किमी0 10, 11 एवं 12 तक नवनिर्माण कार्य हेतु रूपये 192.86 लाख तथा विधानसभा क्षेत्र सहसपुर के अन्तर्गत ग्रीन सिटी कॉलोनी, बाजाली एन्क्लेव, कृष्ण विहार तथा डी0एस0पी0 चौक से आंतरिक मार्गों का निर्माण कार्य हेतु रूपये 265.33 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।


उत्तरखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देशों के अनुपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पौड़ी गढ़वाल द्वारा सोमवार को केन्द्रीय विद्यालय बैज्वाणी में नालसा (मानसिक रूप से बीमार और मानसिक रूप से विकलांग व्यक्तियों के लिये विधिक सेवाऐं) योजना 2015, विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गढ़वाल संदीप कुमार तिवारी द्वारा जागरूकता कार्यक्रम में उपस्थित अध्यापकों एवं छात्रों को कहा कि हर मानसिक समस्या गंम्भीर मनोरोग नहीं है। हर मानसिक रोगी पागल नहीं होता, हमारे समाज के द्वारा इनके साथ किये जाने वाले भेदभाव को दूर करने के लिये सरकार ने मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम, 1987 लागू किया गया है। इस कानून में मानसिक रोगियों के अधिकार कानूनी सुरक्षा व ईलाज की सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। कहा कि अगर किसी भी व्यक्ति के आस-पास ऐसा कोई भी व्यक्ति मानसिक रूप से पीड़ित पाया जाता है, तो उसकी सूचना जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को दी जाये, जिससे ऐसे लोगों के उपचार संरक्षण हेतु निःशुल्क विधिक सहायता दी जा सके। साथ ही उन्होंने विधिक सेवा संस्थानों के क्रियाकलापों, उद्देश्यों तथा नालसा की विभिन्न लाभकारी योजनाओं, सूचना का अधिकार, मोटरयान अधिनियम, विधि विवादित किशोरों के अधिकारो, महिलाओं के अधिकारो, कोविड के कारण मृत व्यक्तियों के बच्चों के लिये राज्य व केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही आर्थिक सहायता के बारे में बताया तथा निःशुल्क काननी सेवाओं एवं प्रतिकर के सम्बन्ध में भी अवगत कराया।

Leave a Reply

Your email address will not be published.