उत्तराखण्ड मे कोविडकर्फ्यू 01जून तक बढा#मुख्यमंत्री व सांसद टम्टा ने पीपीई किट पहन कोविड आईसीयू वार्ड में जाकर रोगियों से बात की।# पौड़ी में जिलाधिकारी व स्थानीय विधायक ने टीकाकरण स्थल का निरीक्षण किया।पढिएJanswar.com में।

द्वारा-अरुणाभ रतूड़ी

उत्तराखंड में कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश में कोविड कर्फ़्यू को आगामी 1 जून तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत के निर्देशों के बाद राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है। सरकार के शासकीय प्रवक्ता कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने बताया कि प्रदेश में कोविड कर्फ़्यू को 1 जून तक बढ़ाया गया है। शासकीय प्रवक्ता श्री सुबोध उनियाल ने बताया कि व्यापारियों की मांग के अनुरूप मुख्यमंत्री जी के साथ विमर्श के बाद बाजार खुलने के समय को 7:00 से 10:00 के बजाए सुबह 8:00 बजे से 11:00 बजे तक खोलने का निर्णय लिया गया है। जिसमें पूर्व की भाँति आवश्यक सेवाओं दूध, मीट मछली, फल, सब्जी की दुकानें खोली जा सकेगी। उन्होंने बताया कि राशन और किराने की दुकानों हेतु आम जनता को 28 मई को सुबह 8:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक आवश्यक वस्तुओं के क्रय हेतु आवाजाही में छूट रहेगी।
शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने कहा कि पिछले कई दिनों से कोविड का ग्राफ प्रदेश में कम होता हुआ दिख रहा है, लेकिन अपने स्तर से सरकार पूरी तरीके से इसकी रोकथाम में जुटी हुई है। श्री उनियाल ने कहा कि प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा ही सरकार के सबसे पहली प्राथमिकता है, लिहाजा भविष्य में कोरोना आंकड़ों में कमी आएगी तो तात्कालिक परिस्थितियों के अनुसार कोविड में ढील दी जा सकेगी।

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सोमवार को जनपद चम्पावत के एक दिवसीय भ्रमण पर पंहुचे मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत द्वारा सर्वप्रथम जिला चिकित्सालय चम्पावत के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय सांसद श्री अजय टम्टा के साथ पीपीई किट पहनकर कोविड वार्ड एवं आईसीयू वार्ड में जाकर भर्ती कोरोना मरीजों से वार्ता की और उनके स्वास्थ्य का हाल जाना। मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय में मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं एवं भोजन आदि व्यवस्थाओं पर प्रशन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस महामारी के दौर में सभी चिकित्सक, मेडिकल स्टाफ समेत प्रशासन रात-दिन कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगे भी वह इसी प्रकार कार्य करते हुए जिले को कोरोना मुक्त करें।
मुख्यमंत्री ने विकास भवन सभागार में संचालित कोविड कन्ट्रोल रूम में दूरभाष के माध्यम से होम आइसोलेशन में रह रहे व्यक्तियों से वार्ता कर उनका हाल जाना और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उसके बाद मुख्यमंत्री ने आपदा कन्ट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया और वहा किये जा रहे कार्यो की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत ने जिला सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में कोविड संक्रमण की रोकथाम,उपचार एवं उससे बचाव आदि हेतु किए जा रहे कार्यों के साथ ही आगामी मानसून काल के मद्देनजर पूर्व तैयारी तथा जनपद में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा की  । समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु अधिक से अधिक सैम्पलिंग बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि गांव गांव में जाकर लोगो को इस महामारी के प्रति सचेत कर जन जागरूकता फैलाये। इस हेतु सभी ग्राम सभाओं में मेडिकल टीम जाकर जांच कराएं। लक्षण वाले  प्रत्येक व्यक्ति को तत्काल दवा उपलब्ध कराई जाय। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर निगरानी टीम को और अधिक एक्टिव रखते हुए संक्रमण को खत्म करने हेतु कार्य किया जाय। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हम जनगणना के समय घर घर जाकर प्रत्येक परिवार का डाटा एकत्र करते हैं।उसी तर्ज पर घर घर जाकर प्रत्येक परिवार की टेस्टिंग करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था मुहैया कराने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के साथ ही आगामी वर्षा के दौरान  होने वाले जल जनित रोग, डेंगू की रोकथाम हेतु व्यापक स्तर पर सभी नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में नगर निकाय व पंचायती विभाग सेनेटाइजेसन का कार्य लगातार जारी रखें, साथ ही जनता को इसके प्रति  प्रचार प्रसार कर जागरूक भी करें। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक गांव में कोरोना से संबंधित आवश्यक दवा की किट का भी वितरण शीघ्रता से उपलब्ध कराया जाय। उन्होंने कहा कि सभी विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी गांव में जाकर लगातार दवा की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी लेते रहें।उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु कड़ाई से कर्फ्यू का अनुपालन कराने पर पुलिस कार्यवाही करें।
बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा आगामी मानसून काल के मद्देनजर की गई पूर्व तैयारियां की भी जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि सभी विभाग किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने हेतु पूर्व तैयारी करते हुए अलर्ट रहें तथा किसी भी प्रकार की आपदा की घटना होने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किए जाय। मानसून की दस्तक होने से पहले ही नाले व कलमठ आदि की सफाई कर ले ताकि वर्ष के दौरान सड़को में पानी इकट्ठा ना हो और लोगो को असुविधा ना हो। सभी तहसील व थाना स्तर पर आवश्यक उपकरण राहत पैकेट आदि की भी व्यवस्था के साथ ही राहत कैम्प चिह्नित कर उनमें आवश्यक व्यवस्था पूर्व से रखी जाए। उन्होंने कहा कि सभी सड़क निर्माण विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए बन्द सड़कों को तत्काल खोले जाने हेतु आपसी सहयोग से कार्य करें। विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने पेयजल, लोक निर्माण विभाग, ऊर्जा विभाग तथा विभिन्न कार्यदाई संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह निर्माण कार्यों को समयबद्धता से पूर्ण करें। उन्होंने एनएच द्वारा निर्मित चल्थी रोड की तत्काल जांच करा कर रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने दायित्वों का सही निर्वहन करें। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अधिकारी एवं जन प्रतिनिधि एक दूसरे के पूरक हैं वह मिलकर कार्य कर जिले को विकास के क्षेत्र में आगे ले जाएं। वह एक टीम भावना के साथ कार्य करें।
बैठक में माननीय सांसद अजय टम्टा एवं विधायक लोहाघाट पूरन फर्त्याल व अन्य जनप्रतिनिधियो द्वारा भी जिले के विकास के संबंध में अपनी बात रखी। बैठक के दौरान जिला प्रभारी मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि इस महामारी के कारण बहुत जनहानि हुई हैं जिसे और नही होने देना हैं। परन्तु इस कोरोना के समय मे भी अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा अपनी जान जोखिम में डाल कर बहुत अच्छा और सरहानीय कार्य किया जा रहा हैं।
बैठक में जिलाधिकारी विनीत तोमर ने जिले में कोविड संक्रमण की रोकथाम एवं वेक्सीनेसन हेतु किए जा रहे कार्यों के अतिरिक्त वर्तमान में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के अतिरिक्त आगामी मानसून काल के दौरान किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने हेतु की गई पूर्व तैयारी के साथ ही जिले में संचालित विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने यह भी बताया कि कोविड की तीसरी लहर की तैयारियां पहले ही सुनिश्चित कर ली गयी हैं।
बैठक के दौरान आयुक्त कुमाऊ अरविंद सिंह ह्यांकी द्वारा भी कोविड संक्रमण के नियंत्रण हेतु किए जा रहे कार्यों के अतिरिक्त अन्य बिंदुओं को माननीय मुख्यमंत्री के सम्मुख रखा गया। उन्होंने कहा कि कुमाऊं के पहाड़ी जिलों में ऑक्सीजन सिलेंडर की समस्या को देखते हुए चंपावत, पिथौरागढ़ एवं बागेश्वर जिलों को 100-100 अतिरिक्त ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराए गए हैं।आगामी मानसून काल के मद्देनजर और अतिरिक्त ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की जा रही है।
बैठक में माननीय सांसद अल्मोड़ा अजय टम्टा, दर्जा प्राप्त मंत्री हयात सिंह मेहरा, विधायक लोहाघाट पूरन फर्त्याल, भाजपा जिला अध्यक्ष दीप चन्द्र पाठक, आयुक्त कुमाऊँ मंडल अरविंद सिंह ह्यांकी, पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं अजय रौतेला, जिलाधिकारी चम्पावत विनीत तोमर, पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत समेत विभिन्न जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।


वैश्विक महामारी कोविड-19 के दृष्टिगत मा. क्षेत्रीय विधायक पौड़ी मुकेश सिंह कोली व जिलाधिकारी गढ़वाल डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने आज जिला अस्पताल पौड़ी, जीआईसी पौड़ी टीकाकरण स्थल तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोट का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया तथा उपचार एवं टीकाकरण के लिए पहुंचे लोगो का हाल-चाल जाना। जबकि विधायक श्री कोली ने कोविड-19 मानकानुरूप पीपीई किट पहनकर जिला अस्पताल पौड़ी में कोरोना संक्रमित वार्ड में पहुंचकर उनका हाल-चाल जाना। साथ ही डाॅक्टरों द्वारा दिये जा रहे स्वास्थ्य उपचार की जानकारी रोगियो से ली, जिस पर रोगियों ने अच्छे खान-पान मिलने की बात कही।
मा. विधायक श्री कोली ने जिला अस्पताल पौड़ी में जनरल वार्ड, सर्जिकल वार्ड, पैथोलॉजी लेब, पर्ची काउंटर, आईसीयू कक्ष, कोविड संक्रमित वार्ड का निरीक्षण करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने निर्देशित किया कि कोविड-19 संक्रमण के दृष्टिगत गंभीरता के साथ कार्य करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कोविड-19 से संक्रमित मरीजों से बात कर उनका हाल-चाल जाना। उन्होंने कहा कि अस्पताल में कोरोना से लड़ने के लिए पर्याप्त मात्रा में सामाग्री उपलब्ध है। जिला अस्पताल के लिए एक हजार एलपीएम ऑक्सीजन प्लांट की स्वीकृति मिल गयी है, जिसके लिए भूमि का चयन भी हो चुका है। कहा कि जल्द ही ऑक्सीजन प्लांट का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा, जिससे आम जनमानस को इसका लाभ मिल सकेगा। उन्होंने निरीक्षण करते हुए कहा कि कोरोना की सम्भावित तीसरी लहर के मध्येनजर तीसरी लहर से लड़ने के लिए तैयारी/व्यवस्थाएं की जा रही है। उन्होंने अस्पताल के निरीक्षण के दौरान मरीजों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने सम्बन्धित स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि मरीजो को खाने की व्यवस्था, पानी, सेनेटाइजर, मास्क सहित अन्य आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। कहा कि मरीजों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत न हो इसका विशेष ध्यान रखें। इसके अलावा उन्होंने कोविड टीकाकरण स्थल जीआईसी पहुंचकर वैक्सीनेशन के लिए आये लोगों से बातचीत कर अधिक से अधिक संख्या में टीकाकरण हेतु अन्य लोगों को भी जागरूक करने की बात कही। उन्होंने प्रतीक्षालय कक्ष, टीका कक्ष तथा ऑब्जर्वेशन कक्ष का निरीक्षण कर सम्बन्धित स्वास्थ्य अधिकारियों से अब तक किये गये टीकाकरण /वैक्सीनेशन की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने टीकाकरण स्थल पर लोगों के लिए बैठने, पानी सहित अन्य व्यवस्थाएं सुचारू करने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारी को दिए।
तत्पश्चात् मा. विधायक श्री कोली ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोट का निरीक्षण कर सम्बन्धित अधिकारियों से कोविड-19 संक्रमण के संबंध में जानकारी ली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोट द्वारा अस्पताल हेतु उपकरणों की मांग पर उन्होंने कहा कि दो दिन के भीतर उपकरण अस्पताल को उपलब्ध करा दिये जाएंगे, ताकि आम जनमानस स्वास्थ्य सुविधा पूरा लाभ मिल सके। कहा कि जिला प्रशासन द्वारा समस्त ग्राम प्रधानों को 50-50 दवाईयों की किट उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि प्रधान अपने-अपने गांव में समय रहते प्राथमिक उपचार के तौर पर कोरोना संक्रमित व्यक्ति एवं कोविड लक्षण के लोगों को मेडिकल किट उपलब्ध कर सकें।
जिलाधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदण्डे ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि कोविड वार्ड के बाहर बैनर, पोस्टर एवं फ्लेक्सी लगाना सुनिश्चित करें, जिससे सभी को आसानी से पता लग सके कि यह कोरोना वार्ड है। साथ ही वार्ड के बाहर चार्ट लगाना भी सुनिश्चित करें, जिसमें ड्यूटी मे तैनात डॉक्टर एवं कर्मचारियों का नाम लिखा हो। जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान में जिला अस्पताल पौड़ी मे कोविड मरीजों के लिए 70 बेड लगाए गए है, जिनकी संख्या 165 करने की स्वीकृति मिल चुकी है। जिलाधिकारी ने जीआईसी टीकाकरण स्थल पौडी में निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी को साफ-सफाई व्यवस्था व सामाजिक दूरी बनाये रखने के निर्देश दिए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोट के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोट मे 10 बेड की व्यवस्था के साथ ही यहाँ पर माईनर ओटी संचालित की जा रही है। कहा कि यहाँ वैक्सीनेशन की सेशन साइट भी संचालित की जा रही है और लक्ष्य के अनुरूप 45 साल से अधिक उम्र व फ्रंटलाइन वर्करों का 80 प्रतिशत टीकाकरण हो चुका है। इसके पश्चात ग्राम प्रधान, निर्वाचित सदस्यों, बैंक कर्मियों, सस्ता-गल्ला विक्रेता व सभी फ्रंटलाइन वर्करों को भी शासन की स्वीकृति मिलते ही वैक्सीनेशन का कार्य प्रारंभ किया जायेगा।
इस अवसर पर पौड़ी नगर पालिका अध्यक्ष यशपाल बेनाम, प्रमुख कोट पूर्णिमा नेगी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज शर्मा, एसीएमओ डॉ. अशोक तोमर, सीएमएस पौड़ी डॉ. रमेश राणा, डॉ. मनप्रीत, सुषमा रावत, क्रांति किशोर, राजेंद्र रावत, रीना रौथाण  सहित अन्य उपस्थित थे।

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